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अन्ना हजारे के पत्रों को कचरे में फेंक देते हैं मोदी !

  |  2016-01-02 11:55:35.0

anna-hazareमुम्बई. नए साल की शुरुआत में ही अन्ना हजारे ने नरेंद्र मोदी पर यह कहते तीखा हमला किया है कि मोदी शायद उनके पत्रों को कचरे के डिब्बे में फेंक देते हैं. अन्ना ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार और नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली मौजूदा सरकार में कोई अंतर नहीं है।

अन्ना ने कहा, चुनाव के समय मोदी ने वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो देश को भ्रष्टाचार से मुक्त बनाया जाएगा। लेकिन भ्रष्टाचार बिल्कुल भी कम नहीं हुआ। बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं हो रहा है। इस लिहाज से संप्रग और मौजूदा राजग सरकार में कोई अंतर नहीं है। यहां तक कि मंहगाई भी कम नहीं हुई है।

अन्ना ने कहा की मोदी ने लोकसभा चुनाव के समय किए गए अपने वादे भुला दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी को संबोधित अपने तीन पेज के बयान में अन्ना हजारे ने कहा, देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए लोकपाल और लोकायुक्त व्यवस्था को लागू किया जाना आवश्यक है। कृषि उपज का बेहतर मूल्य देकर किसानों की आत्महत्या की समस्या से निजात पाई जा सकती है।


अन्ना ने कहा की मोदी लोकायुक्त और लोकपाल की बात कभी नहीं करते हैं। अन्ना ने आशा जताई कि मोदी ‘मन की बात’ के अपने अगले संबोधन में इन मुद्दों पर जरूर बोलेंगे। अन्ना ने पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीवी नरसिंह राव अक्सर फोन करके मुझसे विभिन्न मुद्दों पर बात करते थे।
अटल बिहारी वाजपेयी भी जब महाराष्ट्र के दौरे पर आए थे तो मेरे बारे में जानकारी की थी। यहां तक कि डॉ. मनमोहन सिंह, जिन्हें उन्होंने सबसे ज्यादा निशाना बनाया, अक्सर उनके (अन्ना के) लिखे पत्रों के उत्तर देते थे। लेकिन मोदी ने उनके लिखे एक भी पत्र का उत्तर नहीं दिया। ऐसा लगता है कि वे उन्हें कूड़ेदान में फेंक देते हैं।

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