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आईएएस राजीव कुमार पर हाईकोर्ट की तलवार , नियुक्ति पर उठे हैं सवाल

 Tahlka News |  2016-02-11 08:36:58.0

rajeev iasलखनऊ. यूपी के नियुक्ति सचिव के रूप में तैनात राजीव कुमार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं . बुधवार को हाईकोर्ट ने राजीव कुमार की नियुक्ति विभाग में प्रमुख सचिव पद पर तैनाती को लेकर प्रदेश सरकार की मंशा पर सवाल उठा दिए। राजीव कुमार को सीबीआई कोर्ट तीन साल की सजा सुना चुकी है मगर प्रदेश सरकार ने इस सजायाफ्ता आईएएस अफसर को नियुक्ति सचिव बनाया हुआ है.

पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी जेएफ रिबेरो और अन्य रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस अधिकारियों की ओर से दाखिल जनहित याचिका में राजीव कुमार की तैनाती को चुनौती दी गई है। याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से पूछा है कि जब अधिकारी को सीबीआई कोर्ट से तीन साल की सजा हो चुकी है तो उनकी तैनाती इतने महत्वपूर्ण पद पर क्यों की गई। कोर्ट ने मुख्य सचिव को इस बाबत दो सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।

इसके साथ ही सरकार को इस संबंध में अपनी नीति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी बताने को कहा है कि प्रमुख सचिव नियुक्ति का पद महत्वपूर्ण पदों में आता है या नहीं।

याचिका में कहा गया है कि प्रमुख सचिव नियुक्ति राजीव कुमार को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने 20 नवंबर, 2012 को भ्रष्टाचार के मामले में तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। उन पर नोएडा अथॉरिटी में डिप्टी सीईओ के पद पर तैनाती के दौरान भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप साबित हुआ था।

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