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आरएसएस मुखपत्र का दावा, राष्ट्रद्रोहियों का अड्डा है JNU

  |  2015-11-03 06:10:04.0

JNU delhi

नई दिल्‍ली: देश में छिड़ी वैचारिक जंग के बीच आज आरएसएस ने देश के सर्वोत्तम विश्वविद्यालयों में शुमार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को एक विशाल राष्ट्रविरोधी समूह का अड्डा घोषित कर दिया है और कहा है कि इसका उद्देश्‍य भारत का विघटन करना है।

आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य के मुख्य लेख में कहा गया है कि 'जेएनयू के नक्सल समर्थक छात्र संघों ने वर्ष 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में हुए नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 75 जवानों की मौत का खुलेआम जश्न मनाया था। यह सब जेएनयू प्रशासन की नाक के नीचे हुआ था।'

आरएसएस का यह भी आरोप है कि जेएनयू नियमित रूप से राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का आयोजन करता है। वही एक अन्य लेख में यह चिंता दिखाई गयी है कि जेएनयू एक ऐसा संस्थान है, जहां राष्ट्रवाद को एक अपराध समझा जाता है। भारतीय संस्कृति को तोड़-मरोड़ कर पेश करना आम बात है। वहां कश्मीर से सेना हटाए जाने का समर्थन किया जाता है।

लेख में कहा गया है कि जब सोवियत संघ का विघटन हुआ तो जेएनयू जैसे संस्थानों में एक नया राजनीतिक विचार उभरा, जिसने अपना राजनीतिक नारा 'क्लास स्ट्रगल' से 'कास्ट स्ट्रगल' में बदलना शुरू कर दिया।

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