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आरकॉम का एमटीएस के साथ विलय पर विचार

  |  2015-11-03 14:28:02.0

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मुंबई, 1 नवंबर. उद्योगपति अनिल धीरूभाई अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) सोमवार को रूस की दूरसंचार कंपनी की भारतीय इकाई एमटीएस इंडिया के साथ विलय पर विचार करेगी। आरकॉम ने बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में दर्ज बयान में कहा है कि आरकॉम जून से सिस्तेमा श्याम टेलीसर्विसिस (एसएसटीएल) के भारतीय कारोबार का स्वयं के साथ विलय पर विचार कर रही है। एसएसटीएल कंपनी एमटीएस ब्रांड के तहत भारत के 450 शहरों के एक करोड़ उपभोक्ताओं को डेटा सेवा मुहैया कराती है।


आरकॉम ने बीएसई को बताया है, "कंपनी के निदेशक मंडल की बैठक दो नवंबर को होगी, जिसमें सिस्तेमा के दूरसंचार कारोबार का आरकॉम में विलय पर विचार किया जाएगा।"

इस विलय सौदे से अगले 12 सालों तक आरकॉम के स्पेक्ट्रम की वैधता बढ़ जाएगी।

अनिल अंबानी ने 30 सितंबर को कंपनी की सालाना आम सभा में कहा था, "यह प्रस्तावित विलय आरकॉम के लिए अधिक लाभकारी होगा, क्योंकि एमटीएस के पास आठ क्षेत्रों में स्पेक्ट्रम है, जिससे आरकॉम के 85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की वैधता अगले 12 वर्षो तक बढ़ जाएगी।"

शेयर अदला-बदली सौदे के तहत सिस्तेमा को विलय इकाई में 8-10 प्रतिशत की हिस्सेदारी प्राप्त होगी, जबकि आरकॉम का इस पर पूरा नियंत्रण होगा।

विलय के बाद संयुक्त इकाई के लगभग 12 करोड़ ग्राहक होंगे, जिसके बाद यह देश में एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया सेलुलर के बाद चौथी सबसे बड़ी दूरसंचार संचालक कंपनी बन जाएगी।(आईएएनएस)|

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