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'आर्ट ऑफ लिविंग' को जुर्माना भरने के लिए 3 सप्ताह का समय

 Tahlka News |  2016-03-11 07:43:09.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्‍ली, 11 मार्च. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने शुक्रवार को 'आर्ट ऑफ लिविंग (एओएल)' को दिल्ली में यमुना के किनारे विश्व संस्कृति महोत्सव के आयोजन के लिए पांच करोड़ रुपये का मुआवजा भरने के लिए तीन सप्ताह का समय दे दिया। इससे पहले आर्ट ऑफ लिविंग ने ट्रिब्यूनल से कहा था कि वह इसके आदेश का अनुपालन करेगा। हालांकि उसने पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भरने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था।

ट्रिब्यूनल ने आर्ट ऑफ लिविंग को 25 लाख रुपये का भुगतान शुक्रवार और शेष राशि का भुगतान अगले तीन सप्ताह में करने का आदेश दिया है।


श्री श्री रविशंकर के इस भव्य कार्यक्रम का आज भव्य शुभारंभ होना है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और उनके कैबिनेट के कई मंत्री शामिल हैं। कार्यक्रम की सुरक्षा के कडे़ बंदोबस्त किए गए हैं।


बता दें कि बुधवार को एनजीटी ने तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को हरी झंडी देते हुये पर्यावरण मुआवजे के रूप में एओएल पर पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।


इस पर रविशंकर ने गुरुवार को विद्रोही रूख अख्तियार करते हुये कहा कि उनके संस्थान पर पर्यावरण उल्लंघन के लिए जो जुर्माना लगाया है, उसे चुकाने की बजाय वह जेल जाना पसंद करेंगे।


रविशंकर ने कहा, हमने कुछ भी गलत नहीं किया है। हम निष्कलंक हैं और ऐसे ही रहेंगे। हम जेल चले जांएगे लेकिन जुर्माना नहीं चुकाएंगे।


उन्होंने इस बात का भी खंडन किया था कि समारोह स्थल पर किसी पेड़ को नहीं गिराया गया और दावा किया कि पेड़ों की केवल छंटाई की गयी है और उन्होंने खादर को समतल किया है।

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