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आज़म के एक्शन पर रीएक्शन के मूड में राज्यपाल

 Sabahat Vijeta |  2016-03-09 16:09:47.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


Azam-Khan-Governor-Ram-Naikलखनऊ, 9 मार्च. उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां और राज्यपाल राम नाइक के बीच जारी विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है. कुछ दिन दोनों के बीच सन्नाटा रहता है और एकाएक फिर तलवारें खिंच जाती हैं. आज़म खां एक बार राज्यपाल से जान के खतरे की बात कह चुके हैं. पिछले साल आजम खां ने इस मसले को राष्ट्रपति के पास ले जाने की बात कही थी. कल विधान सभा में उन्होंने फिर से राज्यपाल राम नाइक पर टीका टिप्पणी की जिसे गवर्नर ने काफी गंभीरता से लिया और इस मुद्दे पर वह एक्शन में नज़र आये. गवर्नर ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विधानसभा कार्यवाही का वीडियो और आडियो क्लिपिंग माँगी है. उसे देखने के बाद ही वह कुछ फैसला करेंगे.


आज़म शुरू से ही गवर्नर राम नाइक पर तल्ख टिप्पणियां करते रहे हैं. एक बार तो गवर्नर ने आजम खान के पत्र में लि‍खी बातों को अनुचि‍त बताते हुए कहा था कि‍ आजम उन पर एफआईआर दर्ज करवा कर, उन्हें गिरफ्तार करवा दें. राज्यपाल ने कहा कि देश में सबको बोलने की आजादी है, लेकिन लोगों को ऐसा बोलना चाहिए जो अच्छा लगे. वह संविधान के दायरे में बंधे हुए हैं. लेकिन वह अपनी बात सीएम के माध्यम से कहेंगे.


पिछले साल 12 फरवरी को आजम खान ने राम नाइक को चार पन्नों का खुला पत्र लिखकर उनके कामकाज पर सवाल उठा दिए थे. 14 फरवरी को इलाहाबाद में राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंचे राज्यापाल ने आजम की चिट्ठी पर पलटवार करते हुए कहा था कि जिन बातों को आजम ने उन्हें खत में लिखा है वह पूरी तरह से न केवल गलत है बल्कि संविधान के भी खिलाफ हैं.


आजम ने राज्यपाल राम नाइक को चार पन्ने की चिट्ठी में लिखा था कि आए दिन आप मेरे खिलाफ बयानबाजी करते हैं. इससे मुसलमानों में भय पैदा हो रहा है. आपकी नाराजगी से मुसलमानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस तरह की बयानबाजी से मुसलमान उन लोगों के निशाने पर आ जाएंगे जो उन्हें पाकिस्तान भेजने की वकालत करते हैं.


आजम ने उस चिट्ठी में यह भी लिखा कि राजभवन में रजा लाइब्रेरी की मीटिंग के दौरान राम नाइक ने मुझ पर बयानबाजी की थी. राज्यपाल ने तब कहा था कि यह सारे बयान तथ्यों से परे हैं.


दरअसल, राज्यजपाल ने यूपी सरकार द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर शोध संस्थान की इमारत को मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को दिए जाने पर आपत्ति जताई थी. उनके इस फैसले के बाद ही आजम खां की नाराजगी शुरू हुई थी.


विधानसभा में राज्यपाल राम नाईक और वरिष्ठ मंत्री आजम खां के बीच चल रहा विवाद गूंज चुका है. नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्या ने इस मामले को औचित्य के सवाल के जरिए उठाया था. यह बात अलग है कि विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि इस मामले को यहां उठाना उचित नहीं है.


कल फिर विधानसभा में आज़म खां ने राज्यपाल राम नाइक पर टीका टिप्पणी की खबर राज्यपाल राम नाइक तक पहुँची तो उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें अखबारों से जानकारी मिली है कि आज़म खां ने उनके बारे में टिप्पणियां की हैं. राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष से कल की कार्यवाही की वीडियो और आडियो सीडी माँगी है. इसे देखने के बाद वह अपना अगला क़दम तय करेंगे.

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