Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

इशरत मामले पर सोनिया ने कहा-सत्ता में थे इसलिए निशाना बना रहे हैं

 Tahlka News |  2016-03-02 06:12:08.0

ishrat_650x400_41455169304


तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली,2 मार्च. लश्कर की आतंकी मानी जा रही इशरत जहां के 12 साल पुराने एनकाउंटर केस में नया मोड़ आया है। पहले यूपीए सरकार में होम सेक्रेटरी रहे जीके पिल्लई ने आरोप लगाया कि चिदंबरम ने उन्हें दरकिनार कर इस केस का एफिडेविट बदलवा लिया था। इसके बाद होम मिनिस्ट्री के एक पूर्व अफसर आरवीएस मणि सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार में राजनैतिक स्तर पर शपथ पत्र में बदलाव किए गए थे। तत्कालीन केंद्र सरकार ने इस मामले में दो शपथ पत्र दाखिल किए थे। पहले शपथ पत्र में कहा गया था कि इशरत जहां सहित जिन लोगों को कथित फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया गया था, आतंकी थे।


वहीं, इस मामले पर सोनिया गांधी ने कहा है कि चिदंबरम ने पहले ही कहा है कि हम पर इसलिए निशाना साधा जा रहा है, क्योंकि हम सत्ता में थे। इशरत मामले पर बीजेपी के भूपेंद्र यादव ने राज्यसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया है। यह नोटिस इशरत केस में नई जानकारियों पर दिया गया है।


मामले में दो महीने के अंदर दाखिल दूसरे शपथ पत्र में सरकार ने पूरी तरह से यू-टर्न लेते हुए कहा कि इस बात के पक्के सबूत नहीं हैं कि मुठभेड़ में मारे गए लोग आतंकी नहीं थे। इन दोनों शपथ पत्रों पर हस्ताक्षर करने वाले केंद्रीय गृहमंत्रालय में पूर्व अवर सचिव (आंतरिक सुरक्षा) आर वी एस मणि ने दावा किया है कि सरकार ने उन्हें रबर स्टैंप की तरह इस्तेमाल किया था।


पूर्व अधिकारी ने आगे बताया कि उन्हें दूसरे शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने इस बात के संकेत दिए की मामले की जांच कर रहा विशेष जांच दल (एसआईटी) चाहता था कि वह गुजरात के इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों को इस मामले में घसीटूं।

मनी ने आरोप लगाया कि एसआईटी प्रमुख सतीश वर्मा ने उन्हें यातनाएं दीं। उन्होंने आगे कहा कि वर्मा ने उन्हें सिगरेट से दाग दिया था। यही नहीं, एक सीबीआई अधिकारी ने पीछा किया।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top