Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

कश्मीर में सरकार बनाने की सियासत

  |  2016-01-17 09:12:14.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


mahboobaजम्मू-कश्मीर, 17 जनवरी. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद उनकी बेटी महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने पिता की मौत से उबरने का वक़्त क्या मांग लिया कश्मीर की सियासत का तो अलग ही रंग नज़र आने लगा.


मुफ्ती मोहम्मद सईद की पीडीपी ने भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी. हालांकि तब यह सरकार कांग्रेस के सहयोग से भी बन सकती थी. अब जब महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व में सरकार बननी है और भारतीय जनता पार्टी के साथ पीडीपी के रिश्तों में भी खटास नहीं है. ऐसे में भी एक तरफ कांग्रेस ने पीडीपी की तरफ सहयोग का हाथ बढ़ा दिया है तो दूसरी तरफ नेशनल कांफ्रेंस ने भारतीय जनता पार्टी की तरफ सहयोग का हाथ बढ़ाकर सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं.


मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद महबूबा मुफ्ती से मिलने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके घर गई थीं तभी इस मुलाक़ात के निहितार्थ निकाले जाने लगे थे. हालांकि कांग्रेस ने इसे सियासत से न जोड़ने की बात कही थी लेकिन आज कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने जम्मू कश्मीर में नए राजनीतिक गठबंधन का संकेत देते हुए कहा कि अगर पीडीपी नेता महबूबा सईद ने चाहा तो नई सरकार के गठन में कांग्रेस पूरी तरह से सहयोग देने पर विचार करेगी. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से किए गए वादे को भारतीय जनता पार्टी और नरेन्द्र मोदी सरकार ने पूरा नहीं किया है जिससे उनके रिश्तों में खटास पैदा हो गई है.


उधर जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाने को लेकर नेशनल कांफ्रेंस ने अचानक भारतीय जनता पार्टी की तरफ सहयोग का हाथ बढ़ा दिया है. नेशनल कांफ्रेंस के मुखिया डॉ. फारुक अब्दुल्ला ने कहा कि संकेत मिलने पर वह भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने को राजी है. हालांकि महबूबा मुफ्ती ने भी आज पीडीपी कोर ग्रुप की बैठक बुलाई है. इस बैठक में पार्टी के अगले क़दम और भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन जारी रखने के मुद्दे पर विचार किया जाना है. महबूबा मुफ्ती ने सरकार गठन के मुद्दे को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं इसी वजह से तरह-तरह के कयासों का दौर चल रहा है.


मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद गम में डूबी महबूबा मुफ्ती ने फ़ौरन सरकार बनाने से इनकार कर दिया था तो जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था. महबूबा के गम के समय को नेशनल कांफ्रेंस ने यह समझा कि भाजपा-पीडीपी गठबंधन बने रहने में अनिश्चितता है. ऐसे में फारुक अब्दुल्ला ने भी भाजपा से गठबंधन कर सरकार बनाने की पेशकश कर दी. फारुक ने कहा कि अगर उसके पास सरकार बनाने का प्रस्ताव आता है तो नेशनल कांफ्रेंस कार्य समिति की बैठक बुलायेगी और इस मुद्दे पर चर्चा करेगी.


जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से पत्रकारों ने सरकार बनाने के मुद्दे पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि हमने दरवाज़े बंद नहीं किए हैं. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कांफ्रेंस के 14 विधायक हैं. पीडीपी 27 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है. भाजपा के 25 विधायक हैं. 87 सदस्यीय विधानसभा में पिछले चुनाव में स्पष्ट बहुमत किसी को नहीं मिला था. ऐसे में भाजपा और पीडीपी ने मिलकर सरकार बना ली थी. दोनों दलों के गठबंधन से बनी सरकार ने दस महीने का कार्यकाल पूरा कर लिया था लेकिन अचानक मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत हो जाने से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा. महबूबा मुफ्ती ने भी पिता की मौत मनाने के लिए कुछ वक़्त मांग लिया. बस इसी वक़्त में चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो गया. नेशनल कांफ्रेंस ने तो सरकार बनने की अनिश्चितता के लिए पीडीपी को ही ज़िम्मेदार ठहरा दिया. महबूबा मुफ्ती ने आज पीडीपी कोर ग्रुप की जो बैठक बुलाई है. उसी में सरकार गठन की तारीख और गठबंधन पर मोहर लगेगी.

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top