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गावस्कर ने किया धोनी का बचाव, कहा-उनमें काफी क्रिकेट बची है

  |  2015-10-13 17:16:18.0

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नई दिल्ली,13 अक्‍टूबर. साल 2015 में एक भी सीरीज न जीत पाने वाली टीम इंडिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी इस वक्त आलोचकों के निशाने पर हैं। चारों तरफ से आलोचनाओं की मार झेल रहे धोनी को पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का साथ मिला है। गावस्कर ने धोनी का बचाव करते हुए कहा कि भारत के सीमित ओवरों के कप्तान को केवल बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वह अभी तीन से पांच साल तक क्रिकेट खेल सकता है। वो अभी भी टीम इंडिया के नंबर 1 फिनिशर हैं।


बता दें कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ रविवार को कानपुर में खेले गए पहले वनडे में टीम इंडिया मात्र 5 रन से हार गई थी। इस वनडे में साउथ अफ्रीका ने पहले बैटिंग करते हुए 303 रन बनाए थे और जवाब में टीम इंडिया पूरे 50 ओवर्स में 298 रन ही बना सकी थी। इसके बाद धोनी एक बार फिर निशाने पर हैं। इस मैच में अंतिम ओवर्स में टीम इंडिया ने स्लो बैटिंग की थी। खुद धोनी भी अंतिम ओवर में आउट हो गए थे।


कप्‍तान धोनी का बचाव करते हुए गावस्‍कर ने कहा उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक क्षमता घटती जाती है लेकिन यह बात सिर्फ खेल ही नहीं बल्कि सभी जगह लागू होती है। जब टीम हारती है तो किसी ना किसी को बलि का बकरा बनाया जाता है और इस बार हार का ठीकरा धोनी पर फोड़ा जा रहा है जो बिल्कुल भी सही नहीं है। कोई भी शिखर धवन, सुरेश रैना, विराट कोहली, बिन्नी के प्रदर्शन पर सवाल नहीं उठा रहा है। लगता है कि हर कोई गेंदबाजों के प्रदर्शन को भी नजरअंदाज कर रहा है। सारा दोष धोनी के उपर मढ़ दिया गया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है मुझे लगता है कि वह अभी तीन से पांच साल तक क्रिकेट खेल सकता है।


उन्होंने कहा कि धोनी ने इतने सालों से देश को कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां दी हैं और केवल एक खराब प्रदर्शन से ही उनकी चमक फीकी नहीं पड़ जाएगी। मैच के बाद यह कहा जा सकता है कि टीम के बॉलर्स ने पिछली गलतियों से कोई भी सबक नहीं लिया और इस मामले में सुधार की जरुरत है।


बतात चलें कि कुछ पूर्व खिलाड़ियों जैसे पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने भारत के साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन मैच हारने पर धोनी की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि वह अब पहले जैसा खिलाड़ी नहीं रहा। गावस्कर को लगता है कि धोनी अब भी खास खिलाड़ी है और उन्हें अपने फॉर्म में वापसी के लिये समय दिया जाना चाहिए। इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा  मुझे याद है कि जब मैंने खेलना शुरू किया था तब संन्यास लेने की उम्र 33-34 साल हुआ करती थी। जब तक मैंने संन्यास लिया यह 37-38 साल हो गयी। सचिन तेंदुलकर ने तब संन्यास लिया जब वह 40 साल का था। इसलिए खिलाड़ी 40 साल तक खेल सकते हैं। हमें धोनी के मामले में संयम बरतने की जरूरत है।  अभी उनमें काफी क्रिकेट बची हुई है।


वहीं, पूर्व स्पिनर ईरापल्ली प्रसन्ना ने धोनी की आलोचना करते हुए कहा था कि उनका फुटवर्क अब पहले की तरह नहीं रहा और इससे उनकी टाइमिंग भी प्रभावित हो रही है। प्रसन्ना ने कहा, ‘‘यह धोनी के करियर के समापन की शुरूआत हो सकती है लेकिन निश्चित तौर पर अभी वह चुके नहीं हैं। वह अभी अगले दो से तीन साल तक खेल सकते हैं। लेकिन हां इस तरह से एक क्रिकेटर के करियर के अवसान की शुरूआत होती है। धोनी की टाइमिंग और फुटवर्क अब पहले जैसा नहीं रहा।’’


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