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चिदंबरम ने कहा- अफजल गुरु की फांसी का फैसला ठीक नहीं था

 Tahlka News |  2016-02-25 10:19:59.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 25 फरवरी. संसद हमले में दोषी ठहराए गए आतंकवादी अफजल गुरु की फांसी के तीन साल बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम को संसद हमले में अफजल की भूमिका पर संदेह है। चिदंबरम ने एक समाचार पत्र को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि 2001 में संसद पर हुए हमले में अफजल गुरु की भूमिका संदेहास्पद थी और शायद इस मामले में सही ढंग से फैसला नहीं लिया गया। बता दें कि अफजल को यूपीए सरकार के दौरान फांसी दी गई थी।


चिंदबरम ने कहा कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरु पर फैसला शायद ठीक नहीं था। अफजल को बिना पैरोल के उम्रकैद दी जा सकती थी। चिदंबरम ने कहा कि यह ईमानदार राय रखना मुमकिन है कि अफजल गुरु केस में शायद सही ढंग से फैसला नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार में रहते हुए आप यह नहीं कह सकते कि कोर्ट ने गलत फैसला किया क्योंकि केस तो सरकार ने ही चलाया था। लेकिन एक आजाद शख्श यह राय तो रख ही सकता है कि इस केस में सही तरीके से फैसला नहीं लिया गया।


हालांकि जब चिदंबरम से पूछा गया कि आप भी तो उसी सरकार में हिस्सा थे, जिसने अफजल गुरु को फांसी थी दी। इस पर उनका जवाब था कि वह उस समय गृह मंत्री नहीं थे। हालांकि वह यह भी नहीं कह सकता है कि अगर उस वक्त मैं होम मिनिस्टर होता तो क्या करता। इस दौरान उन्होंने जेएनयू छात्रों पर लगे देशद्रोह के आरोपों को भी बेतुका करार दिया। उन्होंने कहा कि फ्री स्पीच देशद्रोह नहीं है, अगर आपका भाषण बारूद की नली में चिंगारी की तरह हो, तभी आपकी बात को देशद्रोह कहा जा सकता है।


बताते चले कि पी चिदंबरम साल 2008 से 2012 तक गृह मंत्री थे। चिदंबर को वित्त मंत्री बनाए जाने के बाद सुशील कुमार शिंदे को गृह मंत्री बनाया गया था। सुशील कुमार के गृह मंत्री रहते ही अफजल गुरु को फांसी की सजा दी गई थी।


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