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चुनौतियों से निबटने के लिए स्मार्ट बनेगी भारतीय सेना

 Sabahat Vijeta |  2016-03-05 13:20:45.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


manoharनई दिल्ली, 5 मार्च. केन्द्रीय रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर चाहते हैं कि सेना में मैनपावर कम कर उसे स्मार्ट बना दिया जाए. पर्रिकर ने सेना के अधिकारियों से यह समीक्षा के लिए कहा है कि वह यह देखें कि सेना के किन क्षेत्रों में मैनपावर कम की जा सकती है. उन्होंने उदाहरण के तौर पर सेना के टेलीफोन एक्सचेंज में आपरेटरों की संख्या कम करने की बात कही है.


पर्रिकर ने बताया कि इस साल डिफेंस पर्सनल्स की सैलरी पर 95 हजार करोड़ रुपए का खर्च आएगा. इसके अलावा 82,333 करोड़ रूपये पेंशन पर खर्च किये जाने हैं.


देश के सामने सीमा की सुरक्षा की जो चुनौतियाँ हैं उसके साथ-साथ सरकार के सामने आर्मी के रखरखाव को लेकर भी कई चुनौतियां हैं. देश की रक्षा के लिए सरकार ने हालांकि पहले की अपेक्षा भारत का बजट बढ़ाया है लेकिन मुश्किल यह है कि रक्षा बजट के साथ-साथ ही अन्य खर्चे भी बढ़े हैं.


सेना को तमाम चुनौतियों से निबटने में सक्षम बनाने में बजट की तंगी ही सबसे बड़ा कारण होती है. बजट की कमी की वजह से ही सेना को आधुनिक और स्मार्ट बनाने में भी बाधाएं हैं. रक्षामंत्री का तर्क है कि अगर यूनिट्स की संख्या घटा दी जाए तो उन्हें अधिक आधुनिकता प्रदान की जा सकती है. यूनिट्स छोटी हों लेकिन स्मार्ट हों.


रक्षामंत्री ने सेना को निर्देश दिए हैं कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें जहां कटौती संभव है. पर्रिकर ने कहा कि पहले सेना में टेलीफोन ऑपरेटर्स की संख्या ज्यादा है पर हम आधुनिकता लाकर इनकी संख्या कम कर सकते हैं.


चीन का रक्षा बजट हमारे रक्षा बजट का चार गुना है. पड़ोसी देशों की सेनायें जिस तरह से अपनी ताक़त बढ़ा रही हैं उसे देखते हुए भारत सरकार ने अब अपनी सेना को स्मार्ट बनाने का फैसला किया है.

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