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जुर्माने के खिलाफ अपील करेंगे श्री श्री रविशंकर, कहा- सत्यमेव जयते

 Tahlka News |  2016-03-10 04:44:41.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 10 मार्च. दिल्ली में यमुना किनारे आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के तीन-दिवसीय विश्व सांस्कृतिक कार्यक्रम को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सशर्त मंजूरी दे दी है। कार्यक्रम शुरू होने से पहले आर्ट ऑफ लिविंग संस्था को अग्निशमन विभाग से मंजूरी लेनी होगी और कार्यक्रम स्थल के ढांचे की स्थिरता सुनिश्चित करनी होगी। एनजीटी ने पर्यावरण की क्षतिपूर्ति के तौर पर आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है।


https://twitter.com/SriSri/status/707570520582070272

इससे पहले उन्होंने इस पूरे विवाद पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए दो और ट्वीट किए।


https://twitter.com/SriSri/status/707569653158023168

https://twitter.com/SriSri/status/707569755868127232

 कि यमुना बैंक के करीब 1,000 एकड़ एरिया को अस्थायी गांव के तौर पर तैयार किया गया है, जहां आर्ट ऑफ लिविंग का तीन दिन का वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल होना है। यहां योगा, मेडिटेशन और शांति प्रार्थनाओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम होने हैं।


मौसम से भी बढ़ सकती है परेशानी
मौसम भी आर्ट ऑफ लिविंग के इस कार्यक्रम में मुश्किल खड़ी कर सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में 11 से 13 मार्च के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है। कार्यक्रम के लिए ओपन स्टेज बनाया गया है और तेज हवाओं से इसे नुकसान हो सकता है। कार्यक्रम स्थल का ज़्यादातर इलाका कच्चा है, ऐसे में वहां पानी जमने और कीचड़ होने की भी आशंका है।

इससे पहले जनता दल युनाईटेड प्रमुख शरद यादव ने यमुना खादर में ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ फाउंडेशन के विश्व सांस्कृतिक महोत्सव कार्यक्रम को लेकर एनजीटी के निर्देश पर नाखुशी जाहिर करते हुए कहा कि उस पर पर्यावरण मुआवजा के तौर पर लगाया गया पांच करोड़ का जुर्माना बेहद मामूली है। उन्होंने ये भी कहा कि यह ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ नहीं, ‘आर्ट ऑफ फूलिंग’ यानी मूर्ख बनाने की कला है।


यादव ने एक बयान में कहा कि मैं काफी चिंतित हूं और दुखी हूं कि विपक्ष की ओर से यमुना खादर में विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के मुद्दे को लगातार उठाए जाने के बावजूद एनजीटी ने महज पांच करोड़ का जुर्माना लगाते हुए इसे जारी रखने की अनुमति दी। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग’ के लिए यह राशि बहुत कम है, यह ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ नहीं बल्कि देश के लोगों को ‘आर्ट ऑफ फूलिंग’ (मूर्ख बनाने की कला) है।

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