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डॉ. वज़ाहत हुसैन को फ़िराक और यू.के.एस.चौहान को सुब्रह्मण्यम भारती सम्मान

 Sabahat Vijeta |  2016-03-13 09:43:53.0


  • हिन्दी-उर्दू की विभूतियां सम्मानित


तहलका न्यूज़ ब्यूरो


hindi sansthanलखनऊ, 13 मार्च. उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के यशपाल सभागार में आज राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान ने हिन्दी और उर्दू में साहित्य साधना करने वाली उन विभूतियों को सम्मानित किया जो सरकारी सेवा के साथ-साथ साहित्य सेवा में लगे हैं. इस सम्मान समारोह की सबसे ख़ास बात यह रही कि जिन चार वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मान देने का ज़िम्मा सौंपा गया वह खुद भी साहित्य की दुनिया में अपना बड़ा मुकाम रखते हैं.


उर्दू-अरबी-फारसी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. अनीस अंसारी, पूर्व प्रमुख सचिव जय शंकर मिश्र, चकबंदी आयुक्त डॉ. हरिओम और राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष सेवा निवृत्त आई.ए.एस. अधिकारी डॉ. हरशरण दास ने हिन्दी और उर्दू की विभूतियों को सम्मानित किया.


आज यहाँ हिन्दी उर्दू की 24 विभूतियों को हिन्दी-उर्दू के प्रतिष्ठित विद्वानों के नाम पर 51-51 हज़ार रुपये, प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया.


सम्मानित होने वालों में गदाधर नारायण सिन्हा को प्रताप नारायण मिश्र पुरस्कार, ब्रज भूषण सिंह गौतम अनुराग को शिव सिंह सरोज पुरस्कार, डॉ. किशोरी शरण शर्मा को बाल कृष्ण भट्ट पुरस्कार, उमेश कुमार सिंह चौहान को हिन्दी पद्य की मौलिक करती जनतंत्र का अभिमन्यु के लिए सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार और सूचना विभाग में उप निदेशक डॉ. वजाहत हुसैन रिजवी को उर्दू गद्य की मौलिक करती अली जवाद जैदी के लिए फिराक गोरखपुरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.


हिन्दी-उर्दू की सेवा के लिए सम्मानित होने वालों में गिरजा शंकर दुबे गिरिजेश को उनकी हिन्दी काव्यकृति समता के स्वर के लिए महादेवी वर्मा पुरस्कार, मंज़ूर अहमद सिद्दीकी को उनकी उर्दू साहित्य सेवा के लिए मीर तकी मीर पुरस्कार, बशीर फारूकी को उर्दू काव्यकृति दायरों के दरमियाँ के लिए जोश मलिहाबादी पुरस्कार, तरसेम को शरत चन्द्र चट्टोपाध्याय पुरस्कार, प्रिय दर्शन मालवीय को पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार, मनोज कुमार सिंह मनुज को सुमित्रा नंदन पन्त पुरस्कार, डॉ. राजेन्द्र यादव को भगवती चरण वर्मा प्रस्कार से सम्मानित किया गया.


हिन्दी संस्थान के यशपाल सभागार में हिन्दी और उर्दू की विभूतियों को समान रूप से सम्मानित किये जाने के क्रम में आज डॉ. आनन्द ओझा को भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार, सर्वेन्द्र विक्रम की काव्यकृति के लिए जयशंकर प्रसाद पुरस्कार, संतोष तिवारी कौशिल की कृति मेमसाब के लिए अमृत लाल नगर पुरस्कार, कमलेश भट्ट कमल की कृति पहाड़ों से समंदर तक के लिए शिव मंगल सिंह सुमन पुरस्कार, मनु स्वामी की कृति मन की आँखों से के लिए डॉ. विद्या निवास मिश्र पुरस्कार, डॉ. रवि शंकर पाण्डेय की कृति भूख के भूगोल में के लिए गया प्रसाद शुक्ल सनेही पुरस्कार, डॉ. अनिल कुमार मिश्र की कृति यत्र-तत्र के लिए श्याम सुन्दर दास पुरस्कार, डॉ. रंजन विषद की काव्यकृति तुम किसी के हो चुके हो के लिए डॉ. हरिवंस राय बच्चन पुरस्कार, प्रदीप कुमार त्यागी सरावा को उनकी कृति अपने-अपने रास्ते के लिए रामधारी सिंह दिनकर पुरस्कार, हमीद खां खिजर को उर्दू सेवा के लिए असद उल्ला खां ग़ालिब पुरस्कार, डॉ. मेराजुल हसन को अमीर खुसरो पुरस्कार और मोहम्मद अली साहिल को उनकी कृति किरदार के लिए अकबर इलाहाबादी पुरस्कार से सम्मानित किया गया.


आज यहाँ सैयद मेहदी हसन, डॉ. उमाशंकर शुक्ल, नरेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, साधू शरण वर्मा, श्याम नारायण श्रीवास्तव श्याम, डॉ. अरुणेश चन्द्र त्रिपाठी, डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी, डॉ. दीपक कोहली, श्रीमती आभा मिश्रा, डॉ. सुभाष चन्द्र गुरुदेव, उमाशंकर वर्मा, अलका विजय, पंडित आदित्य द्विवेदी, अनिल बांके, संजय कुमार सिंह, राम प्रसाद शर्मा, सुशील चन्द्र श्रीवास्तव और डॉ. तनवीर अहमद को साहित्य गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया.


इनके अलावा डॉ. हरशरण दस को अभिनन्दन पत्र, डॉ. उमेश चन्द्र वर्मा और सुनील कुमार को प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया. हिन्दी संस्थान के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनोद चन्द्र पाण्डेय विनोद ने इस मौके पर यह मांग की कि सम्मान की राशि 51 हज़ार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी जाए. हिन्दी संस्थान के निदेशक मनीष शुक्ल और कर्ण सिंह चौहान भी कार्यक्रम में मौजूद थे.

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