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तो क्या शिप्रा ने खुद ही रची थी अपनी किडनैपिंग!

 Tahlka News |  2016-03-04 06:37:35.0

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मेरठ, 4 मार्च. नोएडा से पांच दिन पहले लापता हुई फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक शुक्रवार सुबह गुड़गांव के पास मिल गईं। सूत्रों के मुताबिक शिप्रा ने कहा उसने खुद ही रची थी अपने अपहरण की साज़िश। शिप्रा जयपुर के पास एक आश्रम में रुकी थी और 1:30 बजे अपने खाते से पैसे भी निकले थे। शिप्रा के साथ पति, पिता, भाई और सास मौजूद हैं।


शिप्रा लापता होने के बाद से एडमिनिस्ट्रेशन में हड़कंप मच गया था। सीएम अखिलेश यादव भी खुद  इस मामले पर नजर रख रहे थे।




 पुलिस के मुताबिक, 28 फरवरी 2016 को दोपहर करीब एक बजे शिप्रा नोएडा सेक्टर-37 स्थित डिजाइनिंग के काम से चांदनी चौक के लिए कार से निकली थीं। दोपहर 2 बजे वे थोड़ी देर के लिए सेक्टर-29 स्थित ब्रह्मपुत्रा मार्केट में पति चेतन से मिलने के लिए रुकीं।


 लापता होने के तुरंत बाद पति को  मिली कार और उसने  बताया था, शिप्रा के जाने के बाद वे, उनका भाई मोहित और दोस्त रोहित भी दोपहर 2 बजे दिल्ली के लिए निकले। तीनों कनॉट प्लेस गए। वहां एक रेस्टोंरेंट में खाना खाया। इसके बाद एक शोरूम में जाकर उन्होंने एक कार की टेस्ट ड्राइव ली। दोपहर करीब तीन बजे चेतन घर जा रहे थे। तभी उन्होंने शिप्रा की कार सेक्टर-29 के पास विजया इनक्लेव के सामने खड़ी देखी। यह जगह उनके घर से 500 मीटर दूर है। ड्राइविंग सीट की विंडो खुली थी। कार में कोई भी नहीं था। चाबी ब्रेक के पास नीचे पड़ी थी। शक होने पर चेतन ने सेक्टर-20 थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई थी।





जैसा कि मालूम है कि शिप्रा डिजाइनिंग के काम से चांदनी चौक के लिए कार से निकली थीं। लेकिन उसके मोबाइल की लास्ट लोकेशन लाजपत नगर फ्लाईओवर के पास मिली।


शि‍प्रा के पति‍ ने तहरीर में तनेजा बंधुओं का भी नाम दि‍या था । शि‍प्रा ने लाजपत नगर नि‍वासी राहुल तनेजा और गुलशन तनेजा से नोएडा के ब्रह्मपुत्र कॉम्प्लेक्स में करीब सालभर पहले दुकान कि‍राए पर ली थी। उसमें बुटीक खोला था। कि‍राए पर वि‍वाद हुआ तो कोतवाली में नौ महीने पहले मुकदमा दर्ज करवाया। कुछ महीने पहले मकान मालि‍क ने उनसे दुकान खाली करवा ली।  हालांकि, तनेता बंधुओं से पूछताछ में पुलिस को अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा।




एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया- शिप्रा के मोबाइल से आखिरी बार 29 फरवरी को दोपहर 2.56 बजे दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में किया गया था। लेकिन कॉल रिसीव होने के बाद तुरंत कट गया। इस दौरान सिर्फ 10 सेकंड ही कॉल हुई। इसके बाद से माेबाइल बंद था।




 सूत्रों से पता चला है कि शिप्रा का भाई शिवांग सट्टा खेलता था। शिवांग और शिप्रा के बीच इसको लेकर कई बार बातचीत हो चुकी थी।करीब डेढ़ महीने पहले वह सट्टा हार गया था। उसने अपने दोस्त सनी से काफी रुपए उधार ले लिए थे। सन्नी का शिवांग के घर आना-जाना था। कुछ दिनों बाद सनी ने अपने रुपए वापस करने का दबाव बनाया। रुपए न देने पाने पर सनी ने शिवांग की कार मर्सडीज मांग ली। बताया जा रहा है कि शिवांग ने अपनी महंगी कार सनी को देकर उसकी डस्टर कार ले ली थी। इसपर शिवांग के पिता सतीश कटियार ने पटेल नगर थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। कुछ दिनों बाद सनी ने मर्सडीज को बेचने का मन बनाया, लेकिन कार के पेपर शिप्रा के पास थे, जिसे वो देने को तैयार नहीं थी।



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