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'डर' को देख साइको लवर ने किया था दीप्ति का अपहरण, 150 बार रेकी कर रची साजिश

 Tahlka News |  2016-02-15 04:52:43.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
गाजियाबाद, 15 फरवरी. गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार को स्नैपडील एग्जीक्यूटिव दीप्ति सरना अपहरणकांड का खुलासा करते हुए बताया कि एकतरफ़ा प्यार के चक्कर में इस वारदात को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियीं में से एक साइको भी है जो दीप्ति से एकतरफ़ा प्यार करता था।


जानकारी के अनुसार, 2 अपहरणकर्ता बदायूं निवासी और 3 हरियाणा के सोनीपत निवासी हैं। इसके अलावा दीप्ति का गायब मोबाइल और लैपटॉप भी बरामद हो गया है। इनका मास्टरमाइंड देवेंद्र है, जो कुरुक्षेत्र जेल से भागा हुआ है। इसके ऊपर 15 हजार का इनाम भी है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि देवेंद्र मानसिक रोगी है।


पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि दीप्ति के अपहरण की साजिश पूरी तरह फिल्मी अंदाज में रची गई थी। हरियाणा के रहने वाले मुख्य आरोपी देवेंद्र ने पहली बार दीप्ति को मेट्रो में सफर के दौरान देखा था, बस वहीं से उसे एकतरफा इश्क का नशा चढ़ गया। देवेंद्र ने लंबे समय तक दीप्ति का पीछा किया और उसके आने-जाने के समय पर भी नजर रखनी शुरू कर दी। जब वह दीप्ति को आकर्षित करने में नाकाम रहा तो उसने उसके अपहरण की साजिश रच डाली। देवेंद्र ने बताया कि उसने 'डर' फिल्म की तर्ज पर वारदात को अंजाम देने की ठानी। फिल्म में शाहरुख खान को अभिनेत्री से एकतरफा प्यार हो जाता है, और वह उसे किडनैप करने की साजिश रचता है। देवेंद्र ने भी वही प्लान फॉलो किया।


स्नैपडील कर्मचारी दीप्ति सरना के अपहरण के मामले में पुलिस ने बताया कि सर्विलांस और ट्रूकॉलर के जरिए उन्हें आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।


एसएसपी धर्मेंद्र यादव ने कहा कि आरोपी हिस्ट्रीशीटर है और कोर्ट में पेशी के दौरान कुरुक्षेत्र से भागा था। आरोपी ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर एक साल पहले दीप्ति को देखा था। वह लड़की की खूबसूरती पर दिल दे बैठा।

उन्होंने बताया कि आरोपी ने एक साल में करीब डेढ़ सौ बार लड़की की रेकी की और आने-जाने के रास्तों पर गौर किया। आरोपी ने अपने साथियों को अंधेरे में रखा और बताया कि लड़की हवाला कारोबार से जुड़ी है। आरोपी ने पहले भी कई बार उसे ऑटो में बैठाने की कोशिश की थी लेकिन नाकाम रहा। लड़की दूसरी ऑटो में बैठकर घर निकली तो आरोपी ने दूसरा प्लान बनाया।

उसने साहिबाबाद लाल बत्ती के पास ऑटो पंक्चर करने की साजिश रची। उसने साथियों के साथ मिलकर प्लान बनाया और ऑटो पंक्चर करके उसकी सवारियां अपने ऑटो में बैठा लीं। कुछ दूर बाद उन्होंने ऑटो में बैठी दो लड़कियों को में से एक को चाकू दिखाकर उतार दिया और दीप्ति को लेकर आगे बढ़ गए। उन्होंने उसे पिस्तौल दिखाकर चुप रहने के लिए कहा और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।

आरोपियों ने लड़की का बैग एक अंडरकंस्ट्रशन साइट पर दबा दिया और लड़की के फोन को कुचल दिया गया। पुलिस ने सारा सामना बरामद कर लिया है। आरोपी लड़की को लेकर आगे जा रहा था तभी ऑटो की सीएनजी हो गई जिसके बाद उसने अपने किसी भाई को फोन करके आई10 कार मंगाई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने लड़की को रातभर खेत में बैठाए रखा। खेतों के पास कार फंसने पर आरोपी ने नदी पार की और पैदल ही उसे लेकर अपने गांव पहुंचा। आरोपी ने अपने भाई को फोन करके डिस्कवर मोटरसाइकिल मंगाई और उसे अपने दोस्त के घर ले जाकर गया. जहां कोई नहीं रहता था।

आरोपी ने लड़की को इस बात का भरोसा दिलाने की कोशिश की कि उसके साथी उसके साथ जबरदस्ती करना चाहते हैं, लेकिन वह उसे बचा रहा है। आरोपी ने लड़की के अश्लील सवाल भी किए थे। उसने लड़की को डराते हुए कहा था कि जिस दोस्त के साथ उसने उसे राजीव चौक पर देखा था वह सही नहीं है और उसे धोखा दे रहा है।

आरोपी ने लड़की को छोड़ने से पहले सवाल किया था कि दोस्त बनाकर जा रही हो या दुश्मन। आरोपी ने पुलिस से कहा कि उस पर इतने केस हैं अगर इश्क में भी एक केस हो गया तो क्या फर्क पड़ेगा। आरोपी ने बताया कि वह हिटलर की बायोग्राफी पढ़ चुका है और उससे काफी प्रभावित है। पुलिस पुछताछ में पता चला है कि देवेंद्र बीए पास है। वह अपने आपको चंगेज खान का शिष्य बताता है। वेस्टर्न हिस्ट्री के कई हीरो और विलेन से वह प्रभावित है। इसे लगता था कि वह लड़की को अगवा करके अपने प्यार का इजहार करेगा। लड़की मान जाएगी तो उसके साथ नेपाल में शिफ्ट हो जाएगा।


अगवा करने के बाद उसने लड़की को किसी को हाथ भी नहीं लगाने दिया। वह अपनी कल्पना में जीता था। लड़की को इसकी जानकारी नहीं थी। जब पुलिस का प्रेशर ज्यादा हो गया तो उसने लड़की को छोड़ दिया।


आपको बता दें कि पिछले बुधवार को गुड़गांव स्थित अपने ऑफिस से घर लौटते वक्त दीप्ती का गाजियाबाद से अपहरण हो गया था। हालांकि, 36 घंटे बाद दीप्ति पानीपत से मिली और सुरक्षित अपने घर भी पहुंच गई थी, लेकिन इस अपहरण के पीछे की वजहों पर सस्पेंस बरक़रार था।

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