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दुनिया के बेहतरीन रास्तों में गिना जायेगा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे

  |  2015-10-26 12:55:01.0

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लखनऊ.26 अक्टूबर. जिस तरह की तैयारियां है उससे तो यही लगता है कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे मार्ग एक मिसाल बन जायेगा. यहाँ की व्यवस्थाओ को लेकर मुख्य सचिव की सक्रियता तो इसी बात के संकेत दे रही है. हर 60 किमी पर 1 एम्बुलेंस , ट्रामा सेंटर ,सीसीटीवी कैमरे, त्वरित एवं आत्मनिर्भर संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु मार्ग की पूरी लम्बाई में मोबाइल, रेडियो कम्प्यूनिकेशन सिस्टम और साथ में स्वचालित मीटिरियोलोजिकल स्टेशन की स्थापना, और स्थानीय विशेषताओं पर आधारित आर्ट वर्क व स्कल्पचर्स की स्थापना लगभग 400 किमी के इस एक्सप्रेस-वे को विश्व स्तरीय बना देंगी.

मुख्य सचिव आलोक रंजन आज शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। आलोक रंजन ने आज निर्देश दिए कि आगरा-लखनऊ प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे (ग्रीन फील्ड) के दोनों ओर यातायात पर नियंत्रण रखने हेतु, यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधायें प्रदान करने तथा मार्ग सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु हाई-वे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित कराया जाये और मार्ग दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु वे साइड एमेनेटीज के दो स्थलों पर ट्रामा सेण्टर की स्थापना कराई जाए. उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को सम्बन्धित शहरों को दर्शाने हेतु साइन बोर्ड अवश्य लगावाये जायें। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे सड़क मार्ग के गंगा व यमुना पर निर्मित होने वाले चार पुलों में से 2 पुलों का कार्य प्रारम्भ हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान माह अक्टूबर माह के अन्त तक अवशेष 2 पुलों में भी निर्माण कार्य प्रारम्भ कराकर आगामी 05 माह में गुणवत्ता के साथ कार्य को पूर्ण कराया जाये।


युपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नवनीत सहगल ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे मार्ग पर हाई-वे ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के अन्तर्गत आपात स्थिति में कण्ट्रोल रूम से सीधे सम्पर्क करने हेतु प्रत्येक 2 किलोमीटर पर इमरजेन्सी काल बाक्स की स्थापना करायी जायेगी। उन्होंने बताया कि मार्ग पर आवश्यकतानुसार न्यूनतम वैरिएबिल मैसेज साइन लगाये जायेंगे, जिनके लिये एल0ई0डी0 स्क्रीन का भी प्रयोग किया जायेगा। उन्होंने कहा कि वेरिएबिल मैसेज साइन पर प्रदर्शित की जाने वाली सूचनायें आदि कण्ट्रोल रूम से नियंत्रित की जायेंगी।

नवनीत सहगल ने बताया कि समस्त संसाधनों के समन्वय हेतु सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित कराने हेतु टोल प्लाजा पर (एक स्थान पर) आधुनिक तकनीक के यंत्रों से सुसज्जित कण्ट्रोल सेण्टर की स्थापना की जायेगी। उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग के चिन्हित चार स्थानों पर अधिग्रहित एवं क्रय की गयी अतिरिक्त भूमि पर एक मेगावाट क्षमता के सोलर एनर्जी फार्म की स्थापना का प्रस्ताव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोलर एनर्जी पावर का उपयोग वे साइड एमेनेटीज हेतु कर अतिरिक्त विद्युत विक्रय की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग पर यात्रा को यादगार बनाने, स्थानीय उत्पादकों एवं विशेषताओं को बढ़ावा देने तथा पर्यटन को प्रोत्साहित करने हेतु सड़क मार्ग के 9 स्थानों पर स्थानीय विशेषताओं पर आधारित आर्ट वर्क व स्कल्पचर्स की स्थापना भी करायी जायेगी।

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