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फिक्सिंग के आरोपों से टेनिस की गरिमा को कोई खतरा नहीं : पॉल हचिंस

 Tahlka News |  2016-02-10 13:55:40.0

tenisनई दिल्ली, 10 फरवरी.  इंग्लैंड की डेविस कप टीम के पूर्व कप्तान पॉल हचिंस का मानना है कि इंसान की लालची प्रवृत्ति के कारण हो सकता है कि टेनिस से फिक्सिंग कभी खत्म न हो, लेकिन उनका यह भी मानना है कि इससे टेनिस की गरिमा और विश्वसनीयता खत्म नहीं होगी।
उल्लेखनीय है कि साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट आस्ट्रेलियन ओपन के दौरान टेनिस में फिक्सिंग की खबरों ने टेनिस जगत में हलचल मचा दी थी। पॉल हचिंस ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह कोई गंभीर मामला था। आप इंसान की प्रवृत्ति के बारे में बात कर रहे हैं? मुझे इसमें कोई चिंता की बात नहीं लगती। मैं नहीं मानता कि यह उस गंभीरता से लेने की बात है जितनी तवज्जो इसे दी जा रही है।"

उन्होंने कहा, "इससे सिर्फ कुछ धूर्त लोगों का फायदा हो रहा है, जो टेनिस जगत से जुड़े लोगों का बहुत ही छोटा हिस्सा हैं। मुझे नहीं लगता कि खेल के शीर्ष स्तर पर इसका असर पड़ेगा।"
विंबलडन भी फिक्सिंग के अरोपों से बच नहीं सका। हाल ही में फिक्सिंग के संबंध में हुए खुलासे में ऑल इंग्लैंड क्लब में खेले गए कम से कम तीन मैचों के फिक्स होने के आरोप लगे। खुलासे के अनुसार, इन मैचों को फिक्स कर रूस और इटली में सट्टेबाजों ने मोटी कमाई की।
विंबलडन आयोजित करने वाले ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एंड क्रोक्वेट क्लब (एईएलटीसी) ने विंबलडन में किसी भी मैच के फिक्स होने के आरोप से साफ इनकार किया है।
अंडर-14 टेनिस टूर्नामेंट 'रोड टू विंबलडन' के निदेशक पॉल हचिंस ने कहा कि बिना सबूतों के मैचों पर सवाल उठाना गलत है।
उन्होंने इस पर वापस सवाल करते हुए कहा, "क्या इन आरोपों के कोई सबूत हैं?"खुलासे के मुताबिक एक अमेरिकी ओपन चैम्पियन और युगल चैम्पियन सहित कम से कम 16 खिलाड़ियों पर जानबूझ कर अपने मैच हारने के आरोप थे। फिक्सिंग की रिपोर्ट के बाद नोवाक जोकोविच और आस्ट्रेलिया के थानासी कोकिनाकिस ने भी कहा था कि उन्हें भी मैच फिक्स करने के प्रस्ताव मिले थे लेकिन उन्होंने प्रस्ताव को ठुकरा दिया था।
कोकिनाकिस ने कहा, "युवा खिलाड़ियों के लिए बड़े मैचों से पहले अपने आप को तैयार करना काफी मुश्किल है। फिक्सिंग करने वाले व्यक्तिगत तौर पर बिना मिले भी सोशल मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं।"
रोजर फेडरर और एंडी मरे खिलाड़ियों को फिक्सिंग के चंगुल से बचाने के लिए इस संबंध में शिक्षण कार्यक्रम चलाए जाने की बात भी कह चुके हैं। पॉल हचिंस ने कहा कि फिक्सिंग के आरोपों के खिलाफ विंबलडन निजी तौर पर कार्यवाही नहीं करेगा, क्योंकि उन्हें टेनिस इंटेग्रिटी यूनिट (टीआईयू) की मौजूदा प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
उन्होंने कहा, "इस तरह के मुद्दों से निपटने के लिए टीआईयू है। विंबलडन के अध्यक्ष एटीपी, डब्ल्यूटीए, आईटीएफ के भी अध्यक्ष हैं। उन्होंने इस पर चर्चा भी की है।" उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टेनिस की चारों नियामक संस्थाओं, पेशेवर टेनिस संघ (एटीपी), महिला टेनिस संघ (डब्ल्यूटीए), ग्रैंड स्लैम बोर्ड एवं अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) के काम पर भरोसा जताया है।
उन्होंने कहा, "रिपोर्ट के बाद काफी कुछ कहा गया लेकिन टीआईयू की जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिले। टीआईयू की जांच सफल रही। उन्होंने पांच खिलाड़ियों और एक अधिकारी को अजीवन प्रतिबंधित कर दिया है।" उन्होंने कहा, "इस पर मेरी पहली प्रतिक्रिया यह होगी की यह पुरानी खबर है। मैं यह 2008-2009 से जानता हूं कि टेनिस में फिक्सिंग होती है।" उन्होंने कहा, "मेरी दूसरी प्रतिक्रिया इस पर यह होगी की हां टेनिस में फिक्सिंग होती है। ऐसी खबरें खेल की अखंडता को बेहतर करती हैं। सभी जानते हैं कुछ बेवकूफ किस्म के लोग होते हैं जो ऐसी बातों को तूल देते हैं। मुझे नहीं लगता कि यह अन्य खबरों की तरह गंभीर है।"

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