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Aap ने कहा बिहार में नफरत की राजनीति हारी है

  |  2015-11-09 13:01:42.0

aapलखनऊ, 8 नवम्बर. आम आदमी पार्टी ने बिहार चुनाव परिणाम पर प्रसन्नता जताते हुए बिहार की जनता को बधाई दी है. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा है कि इन चुनावों में जनता ने नफरत और दंगों की राजनीति करने वाली भारतीय जनता पार्टी को दोबारा आइना दिखा दिया. दिल्ली में मुंह की खाने के बाद भी भाजपा ने सबक नहीं लिया और दिल्ली की तरह बिहार में भी असली मुद्दों को दूर रखते हुए धार्मिक और जातीय आधार पर लोगों को भड़काने की कोशिश की. खुद प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी बिहार के डीएनए पर हमला बोलते नजर आये. ऐसी भाषा से बिहार के लोगों ने खुद को अपमानित महसूस किया.


इन चुनावों में भाजपा के पास अपने 18 महीने के कार्यकाल की एक भी उपलब्धि बताने को नहीं थी, चुनाव के अपने घोषणापत्र का एक भी वादा पूरा नहीं किया गया जिसका प्रचार मोदी बिहार में कर पाते.


काला धन, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, महंगाई के नाम पर बड़े वादे करके मोदी सरकार सत्ता में आते ही इन सब को भूल कर दंगे फसाद और जहरीले बयानों में जनता को भटकाने में जुट गयी, देश की जनता ने इसको समझा और दिल्ली के बाद बिहार ने बीजेपी को धूल चटा दी.


पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव महेश्वरी का कहना है कि उत्तरप्रदेश पर बिहार चुनाव परिणाम का बहुत फर्क पड़ेगा. उत्तरप्रदेश की जनता बेहद जागरूक है और हर 5 साल पर सरकार को बदल देती है, लेकिन कोई अच्छा विकल्प न होने से सत्ता सांपनाथ और नागनाथ के बीच ही फंसी रहती है, इस बार आम आदमी पार्टी के रूप में जनता को एक साफ़ विकल्प मिलेगा जो सिर्फ प्रदेश की जनता की समस्याओं के समाधान पर बात करेगा.


पार्टी के जिला संयोजक गौरव महेश्वरी और अवध जोन संयोजक अविनाश त्रिपाठी ने लखनऊ के प्रदेश/ जिला कार्यालय पर पटाखे चलाये और कार्यकर्ताओं में मिठाई बाँट कर खुशी का इजहार किया. इस मौके पर आप कार्यकर्ता हाथों में पोस्टर लिए थे, जिन पर लिखा था कि देखिये अमित शाह जी, पटाखे पाकिस्तान में नहीं, हिंदुस्तान में चलाये जा रहे हैं.


आप नेता अविनाश त्रिपाठी ने कहा कि यूपी को बीजेपी और सपा ने सालों से जहरीली और भड़काऊ राजनीति का केन्द्र बना के रखा है, अयोध्या से ले कर दादरी, मुजफ्फरनगर सहित सैकड़ों दंगों के द्वारा आम आदमी की भावनाओं को भड़का कर सत्ता हासिल करने के अलावा बीजेपी और सपा का प्रदेश के विकास में कोई योगदान नहीं रहा. बिहार चुनाव के अंतिम चरण में भाजपा ने चुनाव को सीधे हिन्दू मुसलमान के बीच ध्रुवीकृत करने की कोशिश की लेकिन भाजपा की यह साज़िश बुरी तरह से फेल हो गई.


पाकिस्तान में पटाखे जलने की बात की जो निहायत निम्नस्तरीय राजनीति की मिसाल थी. 2017 में यूपी के लिए भी इनके यही मंसूबे हैं जिन पर बिहार के परिणामों से पानी फिरना तय हो गया है.

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