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भारत का 5वां नौवहन उपग्रह धरती की कक्षा में स्थापित

  |  2016-01-20 11:59:47.0

satelliteश्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश), 20 जनवरी| भारत ने बुधवार को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने पांचवें नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई को धरती की निचली कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। इस प्रक्षेपण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास क्षेत्र व देश भर के उपयोगकर्ताओं को सटीक स्थिति की जानकारी देने वाली सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी खुद की उपग्रह नौवहन प्रणाली है।


भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष ए.एस. किरण कुमार ने सुबह 9.31 बजे उपग्रह ले जा रहे पीएसएलवी रॉकेट के लांच के 20 मिनट बाद मिशन कंट्रोल सेंटर से कहा, "हमने नए साल का आगाज एक सफल लांच और पांचवें नौवहन उपग्रह को अभीष्ट कक्षा में सटीक तरीके से पहुंचाकर किया है।"


44.4 मीटर ऊंचे और 320 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने लांच होने के महज 19 मिनट बाद खुद को आईआरएनएसएस-1ई से अलग कर लिया और इसे कक्षा में स्थापित किया। भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के उपग्रह निदेशक एम. अन्नादुरै ने कहा, "रॉकेट से अलग होने और अभीष्ट कक्षा में जाने के तुरंत बाद अंतरिक्ष यान के सौर पैनलों को काम पर लगा दिया गया।"


राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सफल लांच के लिए इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दी। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "इसरो की टीम को पांचवें नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई के सफल लांच पर तहेदिल से बधाई।"


प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, "पीएसएलवी सी31 के सफल लांच और आईआरएनएसएस-1ई को सफल रूप से कक्षा में स्थापित करने के लिए इसरो और हमारे वैज्ञानिकों के दृढ़ संकल्प को बधाई।" भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली (आईआरएनएसएस) सात उपग्रहों का एक समूह है, जिनमें से अब तक-आईआरएनएसएस1ए, आईआरएनएसएस1बी, आईआरएनएसएस1सी और आईआरएनएसएस-1डी) को कक्षा में स्थापित किया जा चुका है।


रॉकेट लांच की सफलता से फूले नहीं समा रहे अन्नादुरै ने बाद में आईएएनएस को बताया, "हम सात उपग्रहों के समूह को पूरा करने और अपनी स्वयं की प्रणाली पाने के क्रम में अगले दो महीनों में छठे और सातवें नौवहन उपग्रह को लांच करने की तैयारी कर रहे हैं।"

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