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राज्यपाल की डयूटी लोकतंत्र को सही से चलाने में है ना कि लोकतंत्र पर डेंट लगाने में : सुप्रीम कोर्ट

 Tahlka News |  2016-02-10 11:32:21.0

supreem courtनई दिल्ली. अरुणांचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने को ले कर याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्यपाल को संविधान के तहत काम करना होता है। राज्यपाल की डयूटी लोकतंत्र को सही से चलाने में है ना कि लोकतंत्र पर डेंट लगाने में। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल को इससे कोई लेना-देना नहीं है कि किसे बहुमत मिलेगा। राज्यपाल आशंका के आधार पर कदम नहीं उठा सकता।

पांच जजों की संविधान पीठ के सामने सुनवाई के दौरान राज्यपाल के वकील ने कहा कि स्पीकर की भूमिका संदेह के घेरे में थी और राज्यपाल को लग रहा था कि वह मुख्यमंत्री के पक्ष में कदम उठाएंगे और मुख्यमंत्री बहुमत खो चुके थे। वकीलों ने कहा कि राज्यपाल ने स्पीकर पर लगे आरोपों पर कुछ नहीं किया बल्कि यह काम विधानसभा पर छोड़ा था।

राज्यपाल के वकीलों ने दलील दी कि जब मुख्यमंत्री राज्यपाल से मिलने गए थे तो दो विधायकों ने उनसे धक्का-मुक्की की थी। ऐसे मे राज्य में लोकतंत्र कहां बचा था। राज्यपाल ने कदम उठाया, क्योंकि स्पीकर मुख्यमंत्री को बहुमत दिलाने में मदद करने की कोशिश कर रहे थे।

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