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श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम पर NGT आज करेगा फैसला

 Tahlka News |  2016-03-09 04:23:28.0

Indian spiritual leader, humanitarian and teacher, Sri Sri Ravi Shankar greets a member of the audience gathered in Milnerton, Cape Town, on August 28, 2012. Sri Sri Ravi Shankar is the founder the Art of Living Foundation  AFP PHOTO / MARK WESSELS / AFP / Mark Wessels

तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली,9 मार्च.  दिल्ली में यमुना किनारे श्री श्री रविशंकर के प्रोग्राम वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवेल को लेकर एनजीटी में आज भी सुनवाई जारी रहेगी। इससे पहले मंगलवार को इस पर कोई फैसला नहीं हो सका। एनजीटी ने केंद्र सरकार से पूछा है कि यमुना किनारे किसी भी अस्थायी ढांचे को बनाने के लिए इन्वायरन्मेंटल क्लियरेंस की ज़रूरत क्यों नहीं है?  वहीं डीडीए की शिकायत यह है कि आर्ट ऑफ लिविंग ने उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं दी। एनजीटी के सामने डीडीए ने कहा कि कार्यक्रम को नियमों के तहत मंजूरी दी गई, लेकिन मंजूरी से ज्यादा जगह घेरी गई।


एनजीटी ने मामले से जुड़े सभी पक्षों को नोटिस दिया है और पूछा है कि उन्होंने इस कार्यक्रम से होने वाले नुकसान का आकलन किया है या नहीं। दूसरी ओर आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से कहा गया है कि उसने सभी शर्तें पूरी करते हुए कार्यक्रम की इजाज़त मांगी है।


श्री श्री रविशंकर के मेहमानों को मच्छरों या दूसरे कीड़ों से दिक्कत न हो, इसके लिए मंगलवार को यमुना किनारे कीटनाशकों का छिड़काव किया गया। एमसीडी के 300 लोग यहां कामकाज में लगे हुए हैं, हालांकि अफ़सर नहीं मानते कि इस छिड़काव से कोई ख़तरा है।


एनजीटी में इस सवाल पर सुनवाई चलती रही कि यमुना किनारे यह कार्यक्रम कराना कितना ख़तरनाक है। आर्ट ऑफ लिविंग के वकीलों ने कहा कि संस्था ऐसे कार्यक्रम दुनिया भर में कराती है। आयोजन नदी में नहीं, नदी किनारे हो रहा है। वहीं श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि उनके लोग नदी की सफ़ाई में लगे हैं न कि नदी को गंदा करने में। पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली सामग्री काम में लाई जा रही है।


क्या हैं आर्ट ऑफ लिविंग के इस कार्यक्रम से जुड़े विवाद


पहला विवाद: कार्यक्रम को लेकर पहला विवाद ये है कि आयोजन से यमुना और इसके आस पास के इकोलॉजी सिस्टम को बड़े नुकसान का दावा किया जा रहा है। यमुना जिए नाम के एनजीओ से जुड़े मनोज मिश्रा ने आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में अर्जी लगाई है।


दूसरा विवाद: विवादों की लिस्ट एक खास लिक्विड भी है। ये कोई मामूली लिक्विड नहीं है आर्ट ऑफ लिविंग का दावा है कि इस लिक्विड से यमुना को शुद्ध किया जाएगा और वो यमुना से आने वाली बदबू को खत्म करने के लिए इस इको एन्जाइम को नदी में डाल रहे हैं। यमुना और इससे जुड़े नालों में करीब 5 हजार लीटर इको एन्जाइम सिस्टम डाला जाएगा।


तीसरा विवाद: तीसरा विवाद मंजूरी को लेकर है। कार्यक्रम के लिए जगह आवंटित करन वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कहा है कि सिर्फ 5 लाख लोगों के आने की बात कहकर 24 एकड़ क्षेत्रफल में मंजूरी दी गई थी लेकिन अब कार्यक्रम इससे कहीं ज्यादा बड़ी जगह में आयोजित किया जा रहा है। वहीं दिल्ली सरकार ने कहा है कि महोत्सव के लिए दिल्ली पुलिस और फायर डिपार्टमेंट से मंजूरी नहीं ली गई है।

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