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सियाचिन से नहीं हटेगी सेना, रक्षा मंत्री ने दी पाक को चेतावनी

 Tahlka News |  2016-02-26 12:40:02.0

a1तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 26 फरवरी. मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को कहा कि भारत सियाचिन से अपनी आर्मी नहीं हटाएगा। इसकी वजह है कि इस स्ट्रैटेजिक लोकेशन को अगर खाली किया गया तो दुश्मन (पाकिस्तान) उस पर कब्जा कर सकता है।


डिफेंस मिनिस्टर ने लोकसभा में कहा कि "पाकिस्तान भरोसमंद नहीं है। यदि हम इस जगह (सियाचिन) को खाली करते हैं, तो दुश्मन उस पर कब्जा कर सकता है।" "अगर ऐसा होता है तो हम कई और जिंदगी खो देंगे। हम पहले भी 1984 (सियाचिन विवाद) को भुगत चुके हैं।" उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि हम इसकी कीमत चुका रहे हैं। मैं अपने जवानों को सलाम करता हूं। लेकिन हमें अपनी पोजिशन को बरकरार रखना होगा।" "हम मुख्य स्ट्रैटेजिक लोकेशन पर हैं। यह पोजिशन स्ट्रैटेजिक तौर पर बहुत अहम है।" बता दें कि सियाचिन ग्लेशियर के सबसे ऊंचे प्वाइंट साल्टोरो पर इंडियन आर्मी तैनात है। उसकी ऊंचाई 23,000 हजार फीट है। पिछले दिनों सियाचिन में आए एवलांच में 10 जवानों की मौत हो गई थी।


क्यों उठी थी सियाचिन से आर्मी हटाने की मांग
3 फरवरी को सियाचिन आर्मी कैम्प के पास आए एवलांच में दबकर 9 जवानों की मौत हो गई थी। एक जवान हनुमंता को रेस्क्यू किया गया था लेकिन बाद में दिल्ली के अस्पताल में उनकी मौत हो गई। एवलांच के बाद पाकिस्तान ने ऑफर किया था कि अगर भारत चाहे तो आपसी रजामंदी से दोनों देश सियाचिन से आर्मी हटा सकते हैं। पाकिस्तान के इस ऑफर को भारत ने उस वक्त भी ठुकरा दिया था।


32 साल में 915 जवानों की मौत
- पर्रिकर ने बताया कि सियाचिन में पिछले 32 सालों में 915 जवान शहीद हुए हैं। यानी हर साल 28 जवानों की मौत हुई है। आज यह नंबर घटकर 10 पर आ गया है।
- पर्रिकर ने बताया कि सियाचिन में जवानों को लगातार मेडिकल सपोर्ट दिया जाता है।
- सर्दी से बचने के लिए 19 तरह के कपड़े प्रोवाइड किए जाते हैं। स्नो स्कूटर भी दी जाती है।
- उन्होंने कहा कि सप्लाई में कोई कमी नहीं है। लेकिन नेचर पर पूरी तरह से जीत हासिल नहीं कर सकते।

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