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हार के बाद भाजपा में मची रार , हो सकते हैं बड़े फैसले

  |  2015-11-09 07:44:39.0

bhagwat shah modi

पटना. बिहार के नतीजो से खल्बलाई भाजपा में पटना से ले कर नयी दिल्ली तक रार मच गयी है. पार्टी के कुछ सांसदों पर इसकी गाज भी गिर सकती है तो वहीँ अमित शाह पर इस्तीफे का दबाव भी बढ़ गया है. बिहार के दो सांसदों ने आरएसएस प्रमुख मोहन भगवत को ही इस हार का जिम्मेदार ठहरा दिया  है.

कयास लगाए जा रहे हैं पीएम मोदी के कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। बीजेपी की बिहार में होने वाली शिकस्त की गाज राज्य से आने वाले मंत्रियों पर गिर सकती है।  जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री उऩ मंत्रियों की छुट्टी कर सकते हैं, जो उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए। साथ ही इस बात की भी चर्चा है कि गौकशी और दादरी घटना पर गैरजिम्मेदाराना बयान देने वाले नेताओं की भी छुट्टी हो सकती है।


बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने एक ओर जहां पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का बचाव किया तो शुत्रघ्न सिन्हा से लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तक को इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने कहा कि आरक्षण के मुद्दे पर दिया गया मोहन भागवत का बयान हार के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है. यह बयान गलत समय आया, जिसके चलते पार्टी का वोट बैंक खिसक गया. उन्होंने कहा कि आरएसएस से सुझाव लिए जा सकते हैं लेकिन सार्वजनिक रूप से नहीं.

बक्सर के सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने हार का आरोप आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर लगाते हुए कहा कि आरक्षण नीति पर भागवत का बयान 'असमय' दिया गया बयान था।

इस हार के बाद भाजपा संसद शत्रुघ्न सिन्हा भी पार्टी के निशाने पर है. अपने खिलाफ कार्यवाही की भनक लगते ही वे आज नितीश कुमार से मिलने चले गए हैं.

खबर है कि हार की गाज शत्रुघ्न और आरके सिंह पर गिर सकती है. इस पर फैसला बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में होगा. यह बैठक दोपहर बाद करीब चार बजे होने वाली है. इसमें बीजेपी के तमाम बड़े नेता शामिल होंगे.

हुकुमदेव नारायण ने शत्रुघ्न सिन्हा को हार के लिए ज्यादा कोसा. हुकुम देव ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा खुद को पार्टी से ऊपर मानते हैं और उनके दोतरफा बयानों से ही पार्टी को नुकसान हुआ है. उनका बिहार में कोई जनाधार नहीं है.

बीजेपी महासचिव पी मुरलीधर राव ने बिहार चुनाव के नतीजे आने के बाद कहा था कि शत्रुघ्न और आरके सिंह जैसे कुछ नेताओं ने धोखा दिया है. उन्होंने कहा था- 'एक तरफ पार्टी कार्यकर्ता चुनावी तैयारियों में जुटे थे तो वहीं ये लोग अपनी ही पार्टी की छवि तार-तार कर रहे थे.' चेतावनी भी दे दी थी कि 'इन्हें वक्त के फैसले का सामना करना होगा.'

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांगड़ा से सांसद शांता कुमार ने भी नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 'भाजपा ने ईमानदारी और गंभीरता से आत्मालोकन नहीं किया।'

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