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113 मंत्रियों पर चल रहे हैं हत्या और अपहरण जैसे गम्भीर मुक़दमे

 Sabahat Vijeta |  2016-08-06 14:48:22.0

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तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. एसोसियेशन फार डेमोक्रेटिक रिफार्म्स (एडीआर) की ताज़ा रिपोर्ट यह बताती है कि सियासत का जितना करीबी रिश्ता धन सम्पदा से है उतना ही गहरा रिश्ता अपराध से भी है. अपने चुनाव घोषणा पत्रों में देश के सियासी महारथियों ने जिस सच्चाई को स्वीकारा है उसके अनुसार सियासत का शिक्षा से कोई ख़ास ताल्लुक नज़र नहीं आता है.


संसद और विधानसभाओं में बतौर मंत्री काम कर रहे 76 फीसदी मंत्री करोड़पति हैं. 34 फीसदी मंत्री ऐसे हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मुक़दमे चल रहे हैं. देश में एक-दो नहीं 210 मंत्री ऐसे हैं जिनके खिलाफ अपराधिक मुक़दमे चल रहे हैं. 14 मंत्रियों के खिलाफ तो गंभीर धाराओं में मुक़दमे दर्ज हैं. देश के विभिन्न सूबों में मंत्री के रूप में काम कर रहे 113 माननीयों के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले दर्ज हैं.


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एडीआर की यह रिपोर्ट यह बताती है कि राज्य विधानसभाओं के मंत्रियों की औसत सम्पत्ति 8.59 करोड़ है जबकि केन्द्रीय मंत्रियों की औसत सम्पत्ति 12.94 करोड़ रुपये है. देश में सबसे अमीर मंत्री का नाम जानना हो तो वह हैं तेलगू देशम पार्टी के पोंगोरू नारायण. इनके पास 496


दूसरे नंबर पर आते हैं कांग्रेस के डी. के. शिवकुमार, जिनके पास 251 करोड़ रुपए की संपत्ति है।


मंत्रियों की शिक्षा की बात करें तो 5 मंत्री सिर्फ कक्षा 5 पास हैं. 17 मंत्री कक्षा 8 तक पढ़े हैं. 4 मंत्री शिक्षित तो हैं लेकिन उनके पास कोई डिग्री नहीं है. 28 ऐसे भी मंत्री हैं जिनके पास डाक्टरेट है.

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