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यूपी के 60 लापरवाह CMO का वेतन रोका गया

 Abhishek Tripathi |  2016-06-16 01:38:41.0

alok_ranjanतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय और जननी सुरक्षा योजना से जुड़े भुगतान न करने वाले 60 लापरवाह मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) का वेतन रोकने के आदेश हुए हैं। प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) अरविंद कुमार ने इन सभी जिलों के परियोजना प्रबंधकों व लेखा प्रबंधकों को भी वेतन न देने के निर्देश दिये हैं।


बता दें कि जिलों के सीएमओ व स्वास्थ्य विभाग के अन्य अफसरों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने आशा कार्यकर्ताओं को भुगतान पर फीडबैक लिया। पता चला कि 54 जिलों में आशा कार्यकर्ताओं को मानदेय का समयबद्ध भुगतान नहीं किया जा रहा है। 47 जिलों में महिलाओं को जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान नहीं किया गया था। आक्रोश जाहिर करते हुए प्रमुख सचिव ने वीडियो कांफ्रेसिंग में ही कहा कि सीएमओ वेतन लेने में पीछे नहीं रहते हैं किंतु आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में ढिलाई होती है।


जननी सुरक्षा योजना प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है, इसके बावजूद इसमें लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने 50 फीसद से अधिक भुगतान लंबित रहने वाले जिलों के अफसरों का वेतन रोकने की बात कही। इस पर 60 जिलों के सीएमओ, जिला परियोजना प्रबंधकों व जिला लेखा प्रबंधकों के वेतन रोकने के आदेश हुए। इन आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि जब तक सभी भुगतान नहीं हो जाते, तब इन अधिकारियों का वेतन भी नहीं मिलेगा।


प्रमुख सचिव ने टीकाकरण सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने बताया कि दवाओं की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाने वाली (ड्रस्ट रजिस्टेंट) टीबी की जांच के लिए अत्याधुनिक सीबीनेट मशीनें केंद्र की मदद से प्रदेश के हर जिले में लगने के लिए प्राप्त हो गयी हैं। पहले आयी 44 मशीनें लग जाने पर 32 और मशीनें आ गयी हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को 21 जून तक ये मशीनें हर हाल में जिला अस्पतालों में लगवाने के निर्देश दिये गए हैं। ऐसा न होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है।

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