Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

काबुल में दो आत्मघाती हमले, 80 की मौत, IS ने ली जिम्मेदारी

 Abhishek Tripathi |  2016-07-24 02:39:19.0

kabul_suicide_attackकाबुल. अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को हुए दो बड़े आत्मघाती हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई। धमाका जिस जगह पर हुए वहां हजारा समुदाय के हजारों लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में 231 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस ने ली है। अफगानिस्तान की राजधानी में आईएस का यह पहला बड़ा हमला है।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में घायल लोगों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों धमाका देह मजांग चौक पर हुआ। वहां हजारा समुदाय के हजारों लोग विरोध प्रदर्शन के लिए जुटे थे। लोग प्रस्तावित बिजली आपूर्ति लाइन का रास्ता बदलने के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर हर तरफ खून और लोगों के शरीर के हिस्से बिखरे हुए हैं। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि आत्मघाती हमलावरों ने प्रदर्शनकारियों के बीच जाकर खुद को विस्फोट करके उड़ा लिया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई।


तीन हमलावर थे
अफगान सरकार के मुताबिक, दो आत्मघाती हमलावर ने रैली में विस्फोट कर खुद को उड़ा दिया। जबकि, तीसरा हमलावर विस्फोट कर पाता इससे पहले घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा बलों ने उसे मारा गया। सूत्रों के मुताबिक, हमलावर बुर्का पहनकर आये थे। अधिकारियों ने बताया कि घायलों के कारण शहर के अस्पतालों में जगह नहीं है और रक्त की कमी की खबरें मिल रही हैं।


किस लिए प्रदर्शन कर रहे थे लोग
हजारा समुदाय के लोग इस बात से नाराज थे कि तुर्कमेनिस्तान से काबुल आने वाली बिजली आपूर्ति लाइन बामयान और वारदाक प्रांत से नहीं गुजरेगी। यहां हजारा समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। लोगों की मांग थी की बिजली आपूर्ति लाइन का रस्ता ना बदला जाए। इसी मांग को लेकर लोग वहां एकत्र हुए थे।


कौन है हजारा समुदाय के लोग
हजारा समुदाय में ज्यादातर शिया मुसलमान होते हैं। ये अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा समुदाय है। वर्ष 1990 के दशक में तालिबान के शासन के दौरान कथित भेदभाव और हिंसा की वजह से समुदाय के कई लोग पाकिस्तान, ईरान और ताजिकिस्तान चले गए थे।


इस साल काबुल में हुए बड़े हमले
21 जनवरी : काबुल में पत्रकारों को निशाना बनाकर किए गए हमले में सात की मौत
01 फरवरी : यातायात पुलिस महानिदेशालय के पास आत्मघाती हमला, 10 की मौत
27 फरवरी : आत्घाती हमलों से दहला काबुल, 25 की मौत दर्जनों घायल
28 मार्च : अफगानिस्तान में पुलिसचौकियों पर हमला, आठ जवानों की मौत
19 अप्रैल : मध्य काबुल के बाजार में हमला, 64 लोगों की मौत
05 जून : अफगानिस्तान कोर्ट के हमला, जज समेत सात की मौत
20 जून : सरकारी कर्मचारियों को लेकर जा रही बस पर हमला, दो भारतीयों समेत 25 की मौत
30 जून : सेना की बस पर तालिबान का आत्मघाती हमला, 46 लोगों की मौत

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top