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80 करोड़ लोगों को मिला भोजन का अधिकार

 Vikas Tiwari |  2016-11-03 15:41:13.0


national food security act

नई दिल्ली. केरल और तमिलनाडु द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू किए जाने के साथ अब यह अधिनियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो गया है। इसके परिणामस्वरूप 81.34 करोड़ लोगों को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से गेहूं और 3 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल मिलेगा।


यह जानकारी गुरुवार को केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने मीडिया से बातचीत में दी। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से सक्रियता के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू करने का आग्रह किया था।

पासवान ने कहा कि केंद्र अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सुधार पर फोकस करेगा। इसमें शुरू से अंत तक प्रणाली का कम्प्यूटरीकरण शामिल है। इसके लिए राज्यों को तकनीकी और वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कामकाज में पारदर्शिता लाना महत्वपूर्ण है। पारदर्शिता राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की महत्वपूर्ण विशेषता है ताकि अनाजों की चोरी को रोका जा सके।

पासवान ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को चोरी मुक्त बनाने के लिए केंद्र की ओर से अनेक कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लाभार्थी के डेटा का डिजिटलीकरण किया गया है। इसमें लाभार्थी के स्तर तक सूचना उपलब्ध है और सूचना पब्लिक डोमेन में है। 28 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अनाजों का ऑनलाइन आवंटन किया जा रहा है और 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में खाद्यान्न सप्लाई की पूरी श्रृंखला को कम्प्यूटरीकृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि राशनकार्डो को आधार से 100 फीसदी जोड़ने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। अभी 71 प्रतिशत राशनकार्ड आधार से जुड़े हैं। पासवान ने बताया कि एफसीआई का खाद्यान्न नुकसान कम होकर 0.04 प्रतिशत रह गया है और एफसीआई के प्रमुख डिपो ऑनलाइन कर दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कामकाज को सहज बनाने के लिए राज्य सरकारों को केंद्रीय सहायता दी जा रही है ताकि सरकारें राज्य के अंदर परिवहन खर्च और खाद्यान्नों के उतार-चढ़ाव तथा डीलर के मार्जिन का खर्च वहन कर सकें। केंद्र सरकार द्वारा 2016-17 वित्तीय वर्ष में अब तक राज्य सरकारों को 1874 करोड़ रुपए जारी किए हैं। वर्तमान कवरेज पर अधिनियम के अंतर्गत राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्नों का मासिक आवंटन लगभग 45.5 लाख टन है और इसमें 11,726 करोड़ रुपये प्रति माह की सब्सिडी और लगभग 1,40,700 करोड़ रुपये सालाना सब्सिडी है।

गन्ना बकाए के बारे में पासवान ने कहा कि 2014-15 का बकाया 21 हजार करोड़ रुपये था जो घटकर 205 करोड़ रुपये रह गया है। चना को छोड़कर दालों की कीमतों में गिरावट आई है। गेहूं के मूल्यों के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार ने एफसीआई ओएमएस योजना के अतंर्गत घरेलू बाजार में बिक्री के लिए अतिरिक्त 10 लाख टन गेहूं जारी करने का निर्णय लिया है।

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