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पीएम साहब! कुछ कीजिए, यहां सांस लेना दूभर हो रहा है

 Anurag Tiwari |  2016-10-21 03:06:59.0

Varanasi, Air Pollution, Prime Minister, Narendra Modi, Constituency

तहलका न्यूज ब्यूरो

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की हवा सांस लेने लायक नहीं बची है. शहर की आबोहवा मानक से ज्यादा जहरीली है यह दावा है सेंटर फॉर इन्वारॉन्मेंट एंड एनर्जी  डेवलपमेंट  (सीड) संस्था का जिसने "वाराणसी में वायु गुणवत्ता परिवेश" नाम की एक रिपोर्ट जारी की है.

यह रिपोर्ट शहर की बिगड़ती हवा के बारे में  एक विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है. इस रिपोर्ट से पता चलता है कि मानसून के महीनों के दौरान सुहावने मौसम में भी वाराणसी में वायु प्रदूषण की क्या स्थिति रहती है. स्टडी में एक अगस्त से  30 सितम्बर तक के इंडिया स्पेंड द्वारा लगाये गए रियल टाइम एयर पॉल्युशन मॉनिटरिंग स्टेशन से लिये गए आकड़ों का इस्तेमाल किया गया.


मिले आंकड़ों के एनालिसिस से यह बात सामने आई है कि वारणसी शहर पॉल्युशनलेवल लेवल में डब्लूएचओ द्वारा निर्धारित मानकों से भी काफी अधिक पहुंच गयी है जो चिन्ताजनक है. इस रिपोर्ट को साझा करते हुए सीड के सीईओ रमापति कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में आए फैक्ट्स चिंता का विषय हैं. जबकि मानसून महीने में पार्टिकुलेट मैटर की सघनता में भारी बारिश की वजह से सुधार होने की उम्मीद होती है. लेकिन वाराणसी  एयर क्वालिटी के मामले में ऐसा नहीं है, यहां की हवा वायु प्रदूषण से निपटने की योजना के अभाव और इच्छाशक्ति में कमी की वजह से और खराब हुई है. इस मामले में राज्य सरकार द्वारा तत्काल स्वच्छ वायु कार्ययोजना लागू करने की जरुरत है. इसी से शहर की वायु प्रदूषण स्तर में कमी लाया जा सके.

सीड की प्रोग्राम मैनेजर अंकिता ज्योति ने बताया कि स्टडी  मुताबिक़ 19 सितंबर 2016 को 24 घंटे में अधिकतम पार्टिकुलेट मैटर 2.5 की सघनता 145 यूजी / एम 3 के साथ दर्ज की गई. यह डब्लूएचओ के मानक से 5.8 गुना अधिक है.  केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के हिसाब से भी, दर्ज की गई यह सघनता साँस की बिमारियों के लिये खतरनाक है और इससे फेफड़े और ह्रदय की कई बिमारी के होने की संभावना बढ़ जाती है. डब्लूएचओ मानक  हिसाब से यह पॉल्यूशन लेवल कम समय में मृत्यु दर को 2.5 फीसदी बढ़ा देगा. आधी रात में दर्ज की गयी वायु गुणवत्ता अन्य अवधियों की तुलना में अच्छी थी। इससे स्पष्ट है कि यह परिणाम रात को कम ट्रैफिक की वजह से आया है.

सीड जल्द ही लखनऊ, आगरा, कानपुर और इलाहाबाद में एयर क्वालिटी के आंकड़े जारी करेगा, जिससे पता चल सकेगा कि यूपी में कौन सा बड़ा शहर सबसे अधिक प्रदूषित है.

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