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तेवर तो यही बताते हैं कि बैकफुट पर नहीं हैं अखिलेश

 Sabahat Vijeta |  2016-09-17 10:43:45.0

akhilesh-yadav
शबाहत हुसैन विजेता


लखनऊ. समाजवादी पार्टी में सब कुछ पहले जैसा हो गया है. जिससे जो-जो छिना था वह सब नेताजी ने वापस दिलवा दिया. यहाँ तक कि गायत्री प्रजापति भी शपथ लेने की तैयारी कर रहे हैं. अगर किसी का कुछ छिना है तो वह है अखिलेश से प्रदेश अध्यक्ष का पद. देखने से साफ़-साफ़ महसूस हो रहा है कि अखिलेश बैकफुट पर हैं. अखिलेश को फिर से उनकी ताक़त दिलवाने के लिए आज युवा जोश सड़कों पर उतरा. अखिलेश के दरवाज़े पर, शिवपाल के दरवाज़े पर, सपा सुप्रीमो के दरवाज़े पर और पार्टी कार्यालय के दरवाज़े पर हर जगह युवा जोश ने अखिलेश के हक की आवाज उठाई. मगर अखिलेश के तेवर बताते हैं कि वह अभी भी बैकफुट पर नहीं हैं.


पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बने चाचा शिवपाल सिंह से मुलाक़ात के बाद अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों के बीच आये अखिलेश जोश से लबरेज़ थे. तमाम सवालों के बीच खड़े अखिलेश ने आज साफ़ किया कि पालिटिक्स इस नाट ए गेम, इट्स बिजनेस. उन्होंने कहा कि कोई भी गेम ऐसा नहीं जो वह नहीं खेलते हों. वह हर गेम खेलते हैं और हर गेम जीतते हैं. अखिलेश ने कहा कि नये प्रदेश अध्यक्ष को अभी-अभी बधाई देकर आ रहे हैं. प्रदेश अध्यक्ष की बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी होती है. चुनाव करीब है. मैं सरकार चला रहा हूँ अध्यक्ष जी अपनी ज़िम्मेदारी निभाएंगे.


सीएम अखिलेश आज पूरे कांफीडेन्स में नज़र आये. बोले समाजवादी फिर चुनाव जीतकर सरकार बनायेंगे. उन्होंने कहा कि पिछली बार जब लाल टोपी पहनकर सायकिल चलाते हुए पब्लिक के बीच गए थे तब हमारे पास कुछ भी नहीं था. तब तो हम सिर्फ वादों के साथ गए थे. इस बार हमारे पास मेट्रो है, एक्सप्रेस वे है, समाजवादी पेंशन है, ओलावृष्टि में किसानों की मदद है, हमारे पास ढेर सारे काम हैं जो हमने सरकार में रहते हुए किये हैं. इस बार वोट माँगना बहुत आसान है और इस बार आसानी से वोट मिलेंगे भी. बस सिर्फ यह देखना है कि पिछली बार से कितनी ज्यादा सीटें आती हैं.




अखिलेश आज हर निगेटिव सवाल को पाजिटिव जवाब में बदलते नज़र आये. अखिलेश से जब यह पूछा गया कि पिछले दो-तीन दिनों में जो कुछ हुआ उससे पार्टी का कितना नुकसान हुआ. वह बोले कि दूसरी पार्टियों को एक लाइन की कवरेज नहीं मिली. अब वही सोचें कि किसका नुकसान हुआ. जब उनसे यह पूछा गया कि प्रदेश अध्यक्ष का पद चला गया, यह नुकसान नहीं है. इस पर उन्होंने कहा कि मुझे तो याद ही नहीं था कि मैं यूथ विंग का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हूँ. जब इस पर सवाल उठा तो अखिलेश मुस्कुराते हुए बोले कि अब इस पर सवाल मत पूछो वर्ना यह पद भी छीन जाएगा.



अखिलेश ने उनकी प्रदेश अध्यक्ष पद पर वापसी के लिए किये जा रहे प्रदर्शन को फ़ौरन बंद करते हुए युवाओं को हिदायत दी कि वह होर्डिंग, पोस्टर, नारेबाजी और प्रदर्शन को बंद कर जनता के बीच सरकार की उपलब्धियां लेकर जाएँ. वक्त बहुत कम है और हमें फिर से सरकार बनानी है.


पार्टी और सरकार के बीच चल रही बड़ी उठापटक के बीच आज आल इज वेल जैसी स्थिति बनी. अखिलेश के चेहरे पर ज़रा भी तनाव नहीं दिखा. उनका मूड हालांकि यह ज़ाहिर कर रहा था कि सब कुछ उनकी मर्जी का नहीं हुआ है लेकिन कांफीडेंस यही बता रहा था कि इस बार पहले से ज्यादा सीटें जीतकर सबको जवाब दूंगा. उन्होंने कहा भी कि काम मैंने किया है. परीक्षा मेरी है इसलिए टिकट बंटवारे में मेरी भी मर्जी चले यह तो राष्ट्रीय अध्यक्ष से कहूँगा ही.

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