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अखिलेश का अंदाज़ : नौकरशाहों को लताड़ा भी, पुचकारा भी

 Sabahat Vijeta |  2016-03-18 09:58:33.0

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


cm-dgpलखनऊ, 18 मार्च. नौकरशाही पर नियंत्रण कर पाने में नाकामी के आरोप झेल रहे यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज सूबे के आईएएस अफसरों से जुदा अंदाज़ में मिले. नौकरशाहों की जमकर क्लास ली. इस दौरान उन्होंने जहां कुछ की खिचाई की तो कुछ की जमकर तारीफ़ भी की.


मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मत समझिये कि मुझे कुछ पता नहीं चलता. सब पता चलता है. मैं नहीं बोलता क्योंकि प्यार से काम कराना चाहता हूँ. आगे भी प्यार से ही काम कराना चाहता हूँ लेकिन यह बात आप लोगों को ही तय करनी होगी क्योंकि अगर लगातार काम करने के बाद भी हमारा वोट घटेगा तो किसी बक्शूंगा नहीं. उन्होंने कहा कि अब चुनाव में एक साल है. पूरे साल चौकसी रखनी होगी. कहीं से भी शिकायत मिलेगी तो वहां का अफसर नापेगा.


मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मुझे सब पता है


मुख्यमंत्री से वाहवाही पाने वाले सबसे पहले अफसर रहे प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल. अखिलेश यादव ने कहा कि संजय अग्रवाल के नेतृत्व में जिस तरह से ऊर्जा विभाग काम कर रहा है अगर वैसा ही काम आगे भी चलता रहा और 2016 में हम जनता से किये 24 घंटे बिजली देने के वादे को पूरा कर लें तो सत्ता में हमें दुबारा आने कोई रोक नहीं सकता. मुख्यमंत्री गुरूवार को आईएएस वीक के दौरान राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे.


अखिलेश के निशाने पर रहे प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल. सूबे भर के आईएएस अफसरों के सामने मुख्यमंत्री ने सिंघल की खिंचाई करते हुए कहा कि दरअसल यह हर काम को इतना कैजुअली लेते हैं कि कोई भी काम वक़्त पर पूरा हो ही नहीं पाता. उनका इशारा गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में हो रही देरी पर था. उन्होंने उन्हें हिदायत दी कि इलाहाबाद में गंगा की सफाई और गोमती प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा किया जाए. वैसे श्री सिंघल पिछले काफी वक़्त से मुख्यमंत्री के निशाने पर रहे हैं. साल 2112 में सरकार बनने के समय से ही वे सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर तैनात हैं और मुख्यमंत्री के चाचा शिवपाल सिंह यादव के पसंदीदा अफसरों में गिने जाते हैं. पिछले साल उन्हें कुछ दिनों के लिए गृह विभाग का भी प्रमुख सचिव बनाया गया था. हालांकि मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर कई अफसरों को हैरत भी हुई क्योंकि तीन दिन पहले सरकार के चार साल पूरे होने के मौके पर उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट के काम की तेज़ी पर खुशी ज़ाहिर की थी.



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दूसरी ओर मुख्यमंत्री ऊर्जा विभाग के कामों को लेकर संजय अग्रवाल की अक्सर तारीफ़ करते रहे हैं. याद रहे, संजय अग्रवाल को मुख्यमंत्री ने एक वक़्त अपना प्रमुझ सचिव भी बनाया था लेकिन कुछ ही घंटे में हटा भी दिया था. तिलक हाल में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलों में बेहतर काम कर रहे अफसरों की भी तारीफ़ की. इनमे आजमगढ़ के डीएम सुहास एल्वाई और जौनपुर के डीएम भानु चन्द्र गोस्वामी का नाम लेते हुए कहा कि इन अफसरों ने अपने जिलों में बहुत ही अच्छा काम किया है और दूसरों के लिए मिसाल हैं.



iasचेहरे पर उभर आये तनाव के बावजूद अखिलेश ने अफसरों से कहा कि आप लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि जब अफसरों पर कार्रवाई होती है तो जनता बहुत खुश होती है और वोट बैंक बढ़ जाता है. मुख्यमंत्री ने यह बात अफसरों पर छोड़ दी कि वह अपनी कड़ी मेहनत से जनता की समस्याओं को दूर करना चाहते हैं या फिर खुद पर कार्रवाई कराकर जनता को खुश करना चाहते हैं.


क़ानून व्यवस्था का मुद्दा सरकार अकेले नहीं झेलेगी


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर बार-बार क़ानून व्यवस्था खराब होने का इलज़ाम लग रहा है. इस मुद्दे को अकेले सरकार नहीं झेलेगी. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को रात-दिन क़ानून व्यवस्था की समीक्षा करनी होगी. उन्होंने कहा कि क़ानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए हर संभव उपाय किये जाएँ.


मुख्यमंत्री ने जहाँ अफसरों को बुरी तरह से लताड़ा तो पुचकारा भी इस अंदाज़ में कि सभी के चेहरों पर मुस्कान तैर गई. उन्होंने कहा कि आप सबने चार साल मेहनत कर प्रदेश का विकास किया है. हम आगे भी सिर्फ विकास चाहते हैं और विकास भी प्यार के साथ चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जो अफसर अच्छा काम करेगा उसे अपने अच्छे काम का पुरस्कार भी मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के अलावा अन्य राज्यों के आंकड़े भी मंगा लें. उन आंकड़ों से यूपी के विकास की तुलना करें. उन्होंने कहा कि आलोचना करने वालों की बात भी सुनें. जितना संभव हो सके बुराइयों को दूर करें. लोगों की समस्याओं को दूर करें. उन्होंने कहा कि सरकार के पास काम करने के लिए अभी पूरा एक साल है.


cm-sahgalकई दल तो अभी दूल्हा तक नहीं तलाश पाए


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज तमाम राजनीतिक दलों को भी आड़े हाथों लिया. बोले, हम तो पिछले चार साल से लगातार काम करते चले आ रहे हैं. दूसरी राजनीतिक पार्टियाँ जो लगातार चुनाव की तैयारियां कर रही हैं वह तो अभी दूल्हा तक तलाश नहीं कर पाई हैं. उन्होंने कहा कि हम विकास के एजेंडे को हर हाल में लागू करना चाहते हैं. अफसरों को चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लगातार काम कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके अगर हमारा वोट घटा तो अफसर भी परेशानी झेलेंगे. उन्होंने कहा कि अफसरों को अपनी स्थिति पता होनी चाहिए. हमारी सरकार में उन्हें मान-सम्मान और प्यार मिल रहा है तो वह भी खूब मेहनत से काम करें.


मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जनपद गाजीपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ समय पूर्व वहां के दुग्ध विक्रेता अपने उत्पाद को वाराणसी तक पहुंचाने के लिए बहुत परेशान रहते थे. राज्य सरकार ने उनकी इस समस्या पर गम्भीरतापूर्वक विचार करते हुए मण्डी के माध्यम से परिवहन व्यवस्था कराने का काम किया, जिससे वहां के दुग्ध उत्पादकों को काफी लाभ मिल रहा है. इसी प्रकार की योजना महोबा में भी शुरू की गई है. गांव स्तर पर स्वरोजगार के पर्याप्त संसाधन पैदा करने के लिए ही ‘आई स्पर्श’ की योजना शुरू की जा रही है.

ias-4गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों पर ख़ास ध्यान रहे

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों के लिए फीडिंग कार्यक्रम एवं हस्त शिल्पियों के लिए पेंशन आदि जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति अधिकारियों को संवेदनशील होना होगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है. इसके हर क्षेत्र की समस्याएं भिन्न-भिन्न हैं. अधिकारियों को स्थानीय आवश्यकताओं को देखते हुए काम करना चाहिए. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में जरूरत के हिसाब से सड़कों के किनारे शौचालय बनवाने का कार्य अधिकारियों का ही है. इसके लिए मुख्यमंत्री के आदेश की प्रतीक्षा करना उचित नहीं है. अधिकारियों को यह सोचना होगा कि सड़कों के किनारे शौचालय की कमी से महिलाओं के साथ किस प्रकार की घटनाएं हो सकती हैं और इन घटनाओं के बाद सरकार की इमेज पर क्या असर पड़ता है.

बुंदेलखंड के दर्द के साथ खड़े हों अधिकारी

बुन्देलखण्ड क्षेत्र का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के प्रति अपने कर्तव्य को पूरा करने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता. उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया कि जनता के इस दुःख-दर्द में अधिकारी उनके साथ न केवल खड़े दिखायी दें, बल्कि उनकी इस समस्या को हर स्तर पर व्यक्तिगत रुचि लेकर समाधान कराएं. उन्होंने कहा कि नेपाल में आए भीषण भूकम्प के समय भी नेपाल की सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया था, उसी संवेदनशीलता की जरूरत बुन्देलखण्ड क्षेत्र की भी है. राज्य सरकार ने इस क्षेत्र के सूखे के निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं. अधिकारियों को इन योजनाओं का पूरा लाभ जनता तक पहुंचाना होगा। इस क्षेत्र में नदियों को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ तालाबों की खुदाई भी जरूरत के मुताबिक की जा सकती है. इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ भविष्य के लिए पर्याप्त जल संचय की सम्भावना भी बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के गरीबों के लिए राज्य सरकार द्वारा जो खाद्य सामग्री वितरित करने का फैसला लिया गया है, उसे एक-एक लाभार्थी तक पारदर्शिता के साथ पहुंचाने का दायित्व अधिकारियों का ही है.

जनता ने बहुत कुछ कहा है आपके बारे में, पता करिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हाल ही में गोरखपुर, हमीरपुर एवं आगरा जनपदों में गांव-गांव तक चलायी जा रही योजनाओं एवं तैनात अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जानकारी एकत्रित करायी गयी. इस फीडबैक में स्थानीय जनता ने अधिकारियों के बारे में बहुत कुछ कहा है. इसलिए अधिकारियों को सतर्क किया जा रहा है कि वे स्वयं अपनी कार्यप्रणाली का फीडबैक प्राप्त कर इसमें आवश्यक सुधार करें. अन्यथा ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने में राज्य सरकार को कतई हिचक नहीं होगी.

श्री यादव ने जनपद आगरा की पुलिस द्वारा किडनैपिंग की घटना पर तत्परता से सकारात्मक कार्रवाई करने के लिए पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की तथा इसके लिए पुलिस टीम को 5 लाख रुपए का इनाम देने की बात भी कही. यह रकम पुलिस महानिदेशक द्वारा घोषित 50 हजार रुपए से अलग होगी.

इस मौके पर प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को चेतावनी दी कि प्रदेश में कहीं साम्प्रदायिक तनाव नहीं होना चाहिए. महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों को हर हाल में रोकने का इंतजाम करने को भी उन्होंने कहा.


पुलिस पेट्रोलिंग से गुंडागर्दी पर लगती है लगाम


मुख्यसचिव ने कहा कि जब पुलिस पेट्रोलिंग होती है तो महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा सुकून रहता है. उन्होंने कहा कि अपराध की हर घटना की एफ.आई.आर. ज़रूर दर्ज होनी चाहिए. उसकी विवेचना भी हो और अपराधियों को भी तत्काल पकड़ा जाना चाहिए. मुख्य सचिव ने कहा कि रूटीन पेट्रोलिंग से गली चौराहों पर होने वाली गुंडागर्दी रुक जाती है.


जेलों से अपराधों के लिए होने वाली तैयारियां रोकने के लिए उन्होंने जेलों में जैमर और सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया. उन्होंने कहा अधिकारियों को समय-समय पर गोपनीय तरीकों से जेलों में छापे मारने की बात भी कही.


प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद ने कंट्रोल रूम में सीओ स्तर का अधिकारी तैनात करने को कहा ताकि वह समस्याओं को हैंडिल कर सके. इसी तरह साम्प्रदायिक मामलों की गहमागहमी तब तक चलनी चाहिए जब तक कि घटना के ज़िम्मेदार जेल न पहुँच जाएँ. पुलिस से उन्होंने पेट्रोलिंग बढ़ाने और हर घटना की एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश दिया.

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