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अमित शाह अनाप-शनाप बयानबाजी करते है : राजेन्द्र चौधरी

 Girish Tiwari |  2016-11-08 14:41:37.0

Rajendra Chaudhary

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की कथित परिवर्तन यात्रा पूरी तरह विफलता की शिकार हो गयी है। जनता में इसके प्रति कोई आकर्षण नही है। भीड़ जुटाने के लिए नाचगाने काकार्यक्रम भी होता है फिर भी मैदान खाली रहते हैं। भाजपा नेता हमेशा की तरह झूठ बोलकर लोगों को बरगलाने की कोशिशें में लगे हैं। वे समझते है कि अपनी जुमलेबाजी से उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यो से जनता का ध्यान भाजपा शासित राज्यों के हवाई सपने दिखाकर हटा देंगे। उनकी यह नासमझी उपहास की पात्र है क्योंकि उत्तर प्रदेश की जनता उनके चाल चरित्र और चेहरे से बाखूबी वाकिफ हो चुकी है और अब वह उनके बहकावे में नही आने वाली है।


भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सोनभद्र में अनाप-शनाप बयानबाजी करके जता दिया कि वे राजनीति को कितनी गंभीरता से लेते हैं। उन्हें मालूम होना चाहिए था कि सोनभद्र से वाराणसी तक फोर लेन सड़क केन्द्र सरकार ने नही अखिलेश यादवकी सरकार ने ही बनवाई है। वाराणसी में, जो प्रधानमंत्री का संसदीय निर्वाचन क्षेत्र है, अखिलेश ने ही 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की है। गाँवों में 18 घंटे बिजली दी जा रही है जबकि भाजपा शासित राज्यों में बिजली पानी के साथ सड़को की भीभारी किल्लत है।

मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने दर्जनों चिट्ठिियाँ लिखकर उत्तर प्रदेश की विकास योजनाओं के लिए धन की मांग की किन्तु केन्द्र सरकार ने अपेक्षित राज्यांष भी देने के बजाय उसमें अड़ंगे लगाए है। उल्टे नीति आयोग ने उत्तर प्रदेश के हिस्से 9 हजारकरोड़ रु0 कम कर दिये हैं। उत्तर प्रदेश से टैक्सों का बैकों में 7 लाख 40 हजार करोड़ रु0 जमा है। इसमें राज्य को मिलने वाली धनराशि पर केन्द्र सरकार कुंडली मारे बैठी है। किसानों को मदद के भी झूठे आंकड़े भाजपा नेता पेश करते हैं।

भाजपा और बसपा दोनो के अध्यक्ष समाजवादी पार्टी पर प्रहार करते समय भूल जाते है कि उत्तर प्रदेश में जब इनकी सरकारें थी, कानून व्यवस्था सबसे बुरी हालत में थी। भाजपा की सरकार के समय बाबरी मस्जिद गिराई गई और प्रदेश में जगहजगह साम्प्रदायिक उपद्रव कराने की कोशिश की गई। बसपा राज में दलित किशोरियों के साथ बलात्कार, अपहरण और हत्या की घटनांए हुई। झूठ, लूट और अपराधियों को छूट का इन दोनो ही दलों का शर्मनाक रिकार्ड रहा है। भाजपा के तो बड़ेपदाधिकारी तमाम अपराधों में अभियुक्त है और बसपा के तो दर्जनों मंत्री और विधायक जेल तक जा चुके हैं। बसपा अध्यक्ष ने तो स्वयं एक बार स्वीकार किया था कि उनके दल में 500 गुंडो की सूची बनी थी जिन्हें बसपा से बाहर तो कभी निकाला नही गया। समाजवादी पार्टी में तो कभी ऐसे अवांछित तत्वों को पनाह नही मिली है। भाजपा और बसपा की प्रदेश को और पिछड़ा बनाने की साजिश कभी सफल नही होगी।

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