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...और गला दी गई उस्ताद बिस्मिल्ला खान की चांदी की शहनाई

 shabahat |  2017-01-10 16:53:01.0



तहलका न्यूज़ ब्यूरो

लखनऊ. भारत रत्न शहनाई वादक स्वर्गीय उस्ताद विस्मिल्ला खान की ऐतिहासिक चांदी उनके ही पौत्र ने चुराई थी. एक किलो छह सौ ग्राम वज़न चांदी की शहनाई को चुराकर बेच दिया गया और इस बेशकीमती शहनाई को खरीदने वाले ने आनन-फानन में गला भी डाला. उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उस्ताद बिस्मिल्ला खान की शहनाई चोरी की पूरी घटना का पर्दाफ़ाश करते हुए इसके ज़िम्मेदारों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन उस शहनाई को नहीं बचाया जा सका जो देश की धरोहर थी.

एसटीएफ ने उस्ताद बिस्मिल्ला खान की निशानी के रूप में उनके घर में रखी शहनाई चोरी की घटना का पर्दाफ़ाश करते हुए उनके पौत्र नज़रे हसन उर्फ़ शादाब पुत्र काज़िम हुसैन सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. शादाब के साथ में सुजीत कुमार पुत्र शंकर लाल और शंकर लाल पुत्र ठाकुर प्रसाद को भी गिरफ्तार किया गया है. एसटीएफ के अनुसार शहनाई को गलाने के बाद निकाली गई एक किलो 66 ग्राम चांदी और लकड़ी की शहनाई बरामद की है. इस चांदी को 4200/- रूपये में बेचा गया था.


उल्लेखनीय है कि वाराणसी के थाना चौक क्षेत्र से भारत रत्न शहनाई वादक स्वर्गीय उस्ताद विस्मिल्ला खान की ऐतिहासिक चांदी की शहनाईयां व मोहर्रम के विशेष मौके पर बजाये जाने वाली एक शहनाई चोरी होने के सम्बन्ध में 5 जनवरी को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी. इस घटना से पूरा देश खासकर कला जगत स्तब्ध रह गया. घटना देशव्यापी निन्दा हुई. मामला भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खान से जुड़ा होने के कारण एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने एसटीएफ की फील्ड इकाई, वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेन्द्र नाथ प्रसाद को निर्देशित किया. इसके फ़ौरन बाद टीम गठित कर कार्यवाही शुरू की गई. घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण करते हुए परिजनों एवं आसपास के लोगों से गहनता से पूछताछ की गयी एवं अभिसूचना तन्त्र को सक्रिय किया गया. अभिसूचना संकलन के दौरान पारिवारिक सदस्यों की भूमिका के संदिग्ध होने के प्रमाण मिलने लगे.

प्राप्त अभिसूचनाओं का जमीनी व सर्विलांस के माध्यम से सत्यापन करते हुए संदिग्ध पृष्ठभूमि के पारिवारिक सदस्यों की निगरानी शुरू की गयी. इसी दौरान आज यह जानकारी प्राप्त हुई कि इस घटना में संदिग्ध नजरे हसन उर्फ शादाब (वादी काजिम हुसैन का पुत्र) एसटीएफ की निगरानी के कारण गिरफ्तारी से बचने के लिए आसाम जाने वाला है. इससे पूर्व भी वह बाहर जाने का कार्यक्रम बना चुका था लेकिन ट्रेनों के लेट होने के कारण उसने कार्यक्रम स्थगित कर दिया था. नजरे हसन के सम्बन्ध में प्राप्त अभिसूचनाओं को विकसित करते हुए एसटीएफ टीम द्वारा हड़हा बीर बाबा मंदिर, थाना चैक, वाराणसी पहुंचकर घेरा बन्दी की गयी एवं नजरे हसन उर्फ शादाब को गिरफ्तार किया गया जिससे चोरी गयी शहनाई एवं 4200/- नगद बरामद हुए. उसकी निशानदेही पर बाक़ी 2 अभियुक्तों सुजीत कुमार व शंकर लाल को गिरफ्तार किया गया, जिनसे चांदी बरामद हुई.

पूछताछ पर गिरफ्तार अभियुक्त नजरे हसन ने उक्त शहनाई चोरी की घटना कारित किया जाना स्वीकार किया एवं 3 चांदी की शहनाई एवं एक अन्य शहनाई, जिस पर चांदी का पत्तर लगा हुआ था, से चांदी का पत्तर निकालकर शंकर ज्वेलर्स, छोटी पियरी, थाना चैक, वाराणसी के शंकर लाल सेठ व सुजीत सेठ को 17000/- में बेच दी गयी थी. यह भी बताया कि बरामद 4200/- रूपये इसी धनराशि के हैं. उक्त बेशकीमती शहनाईयों के बेचने का कारण पूछे जाने पर बताया कि उसने कुछ लोगों से रूपये उधार लिये हुए थे, जिनको चुकाने के लिए शहनाई बेची गयी हैं. गिरफ्तार अभियुक्त सुजीत सेठ व शंकर सेठ ने उक्त चांदी की शहनाई एवं चांदी के पत्तर को गला देने की बात स्वीकार की. इन्हीं की निशानदेही पर 1 किलो 66 ग्राम वजन की चांदी की बटिया बरामद हुई.

उल्लेखनीय है कि उक्त तीनों चांदी की शहनाई क्रमशः भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय नरसिम्हाराव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव व पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल द्वारा उपहार के तौर पर दी गयी थी. चांदी के पत्तर लगी शहनाई को भारत रत्न स्वर्गीय उस्ताद बिस्मिल्ला खान द्वारा मुहर्रम की 8वी व 10वीं तारीख को विशेष रूप से बजायी जाती थी. उक्त सभी शहनाई अन्तर्राष्ट्रीय महत्व की राष्ट्रीय धरोहर के रूप में थी.

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