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जयललिता के निधन का अपोलो अस्पताल ने खंडन किया

 Abhishek Tripathi |  2016-12-05 12:12:55.0

jayalalithaa

तहलका न्यूज़ ब्यूरो

चेन्नई. सोमवार शाम को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में 74 दिनों से भर्ती तमिलनाडु की मुख्यमंत्री और अन्नाद्रमुक प्रमुख जे. जयललिता के निधन की खबर फैल रही थी जिसका खंडन अपोलो अस्पताल ने किया है. रविवार को जयललिता को दिल का दौरा पड़ा था. अस्पताल के बाहर जयललिता के समर्थकों की भीड़ जमा हो गई है.






CM जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर अपोलो अस्पताल ने प्रेस रिलीज जारी किया. पार्टी कार्यालय का झंडा दोबारा ऊपर किया गया जिसे झुका दिया गया था.

jaylalita

इससे पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम की निगरानी में चेन्नई के अपोलो अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. इससे पहले अपोलो अस्पताल समूह के चेयरमैन प्रताप सी. रेड्डी ने कहा, “वह (जयललिता) काफी संतुष्ट है. उनकी तबियत पूरी तरह से ठीक हो चुकी है और वह समझ पा रही हैं कि उनके आसपास क्या हो रहा है.”

जानें जयललिता के बारें में...

जयललिता जयराम (अन्ना द्रमुक) की की वर्तमान महासचिव तथा तमिलनाडु की मुख्यमंत्री है. उन्हें राज्य की दूसरी महिला मुख्‍यमंत्री बनने का सौभाग्य प्राप्त हैं. पूर्व के दिनों में वे मुख्य रूप से तमिल फिल्मों की अभिनेत्री रही, किन्तु उन्होंने तमिल के अलावा तेलुगू, कन्नड और एक हिंदी तथा एक अँग्रेजी फिल्म में भी काम किया है.

जब जयललिता स्कूल में पढ़ रही थीं तभी उन्होंने 'एपिसल' नाम की अंग्रेजी फिल्म में काम किया. वे 15 वर्ष की आयु में कन्नड फिल्मों में मुख्‍य अभिनेत्री की भूमिकाएं करने लगी. इसके बाद वे तमिल फिल्मों में काम करने लगीं. वे दक्षिण भारत की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने स्कर्ट पहनकर फिल्मों में भूमिका निभाई. 1965 से 1972 के दौर में उन्होंने अधिकतर फिल्में एमजी रामचंद्रन के साथ की.

फिल्मी करियर के बाद उन्होने एम॰जी॰ रामचंद्रन के साथ 1982 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की. उन्होंने 1984 से 1989 के दौरान तमिलनाडु से राज्यसभा के लिए राज्य का प्रतिनिधित्व भी किया. वर्ष 1987 में रामचंद्रन का निधन के बाद उन्होने खुद को रामचंद्रन की विरासत का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. वे 24 जून 1991 से 12 मई 1996 तक राज्य की पहली निर्वाचित मुख्‍यमंत्री और राज्य की सबसे कम उम्र की मुख्यमंत्री रहीं. अप्रैल 2011 में जब 11 दलों के गठबंधन ने 14वीं राज्य विधानसभा में बहुमत हासिल किया तो वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं. उन्होंने 16 मई 2011 को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लीं और तब से वे राज्य की मुख्यमंत्री हैं. राजनीति में उनके समर्थक उन्हें अम्मा (मां) और कभी कभी पुरातची तलाईवी ('क्रांतिकारी नेता') कहकर बुलाते हैं.

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