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आज़म खां से यह उम्मीद नहीं थी : मायावती

 Sabahat Vijeta |  2016-09-07 13:50:10.0

Mayawati


लखनऊ. बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज यहाँ कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का देश निर्माण व भारत में एक समतामूलक मानवतावादी समाज बनाने का प्रयास अद्वितीय और बेमिसाल है और यही कारण है कि सर्वसमाज के लोग जाति, धर्म व दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका आदर - सम्मान करते हैं तथा समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व मंत्री मोहम्मद आज़म खां द्वारा भी ऐसा ही बेहतर रवैया अपनाना बेहतर होगा.


उल्लेखनीय है कि आज़म खां के हवाले से मीडिया में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बारे में जो विवादित ख़बर छापी है, उसे लोगों ने पसन्द नहीं किया और ना ही आज़म खां जैसे वरिष्ठ विधायक व मंत्री से ऐसी उम्मीद की जाती है कि वे बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर के बारे में हक़ीक़त से बिल्कुल अलग ही सोच रखते होंगे.


बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर केवल दलितों व अन्य पिछड़ों तथा पीडि़तों के मसीहा ही नहीं है, बल्कि भारत को एक धार्मिक हिन्दू राष्ट्र बनाने से रोक कर इसे सर्वसमाज के हित व कल्याण के लिए एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाने में उनके योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है.


देश के करोड़ों दलितों, पिछड़ों व धार्मिक अल्पसंख्यकों में से ख़ासकर मुस्लिम समाज के मानवीय व बराबरी के हक के लिए आजीवन संघर्ष व असीम कुर्बानी देने वाले बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में हर कोई कुछ भी कहने के पहले दस दफा ज़रूर सोचता है और लोग यह उम्मीद करते हैं कि आज़म खां भी बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर को आदर- सम्मान देने में पीछे नहीं रहेंगे और ना ही बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर को आगे रखकर कोई राजनीति करने की कोशिश करेंगे. हालांकि यह जग- ज़ाहिर है कि पहले कांग्रेस व अब भाजपा भी बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर को विभिन्न प्रकार से आदर- सम्मान देने का नाटक करके उनके नाम पर राजनीति व उसका चुनावी लाभ प्राप्त करने का प्रयास अक्सर करती रहती है, जिसके लिए वे पार्टियाँ उपहास का पात्र भी बनती हैं.


मायावती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्बन्ध में सपा मंत्री मोहम्मद आज़म खां ने जो ’’विवादित’’ बयान दिया है, बी.एस.पी. उसकी कड़े – शब्दों में निन्दा करती है और यह उम्मीद करती है कि सपा सरकार की जातिवादी नीति से प्रभावित होकर मोहम्मद आज़म खां अगर बाबा साहेब डा. अम्बेडकर को समुचित आदर- सम्मान अगर नहीं दे सकते हैं तो कम से कम उनके बारे में ग़लतबयानी करके उनका ‘‘अपमान‘‘ करने की कोशिश नहीं करेंगे.


आजम खान का विवादित बयान वास्तव में अगर सपा सरकार की जातिवादी नीति के तहत् किसी चुनावी राजनीति का हिस्सा है, तो यह अलग बात है अन्यथा अपने गलत व विवादित बयान से लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए उन्हें सच्चे दिल से उनके अनुयाइयों से माफी माँग लेनी चाहिये.

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