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लादेन की कम्पनी जेद्दा में बना रही है दुनिया की सबसे ऊंची इमारत

  |  2016-05-04 15:54:28.0

laden-3नई दिल्ली. अमरीका के आसमान छूते वर्ल्ड ट्रेड सेन्टर को ज़मीदोंज़ कर देने वाले आतंकी ओसामा बिन लादेन की कंस्ट्रकशन कम्पनी सऊदी अरब के जेद्दा शहर में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाने जा रही है.


सऊदी बिन लादेन समूह सऊदी अरब के दूसरे बड़े शहर जेद्दा में जो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बना रहा है उस इमारत का नाम किंगडम टावर है, जिसकी प्रस्ता्वित ऊंचाई 3280 फीट है. लादेन की कम्पनी सऊदी अरब में कंस्ट्रकशन से जुड़े बहुत से काम कर रहा है. उसकी कम्पनी की विशालता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसमें करीब डेढ़ लाख कर्मचारी काम करते हैं.


ladenबिन लादेन समूह की स्थापना ओसामा के पिता ने की थी. ओसामा की कम्पनी सऊदी में होने वाले निर्माण के बड़े ठेके लेती रही है लेकिन इधर सरकार की जांच में पता चला कि यह कम्पनी क्रेन को मैनुअल के हिसाब से इस्तेरमाल नहीं करती. बीते साल सितम्बर के महीने में शुक्रवार की शाम मक्कार की मस्िअरबद में एक क्रेन के गिर जाने से 120 लोगों की मौत हो गई थी.


laden-2सऊदी सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि वे आने वाले प्रोजेक्ट्सल में बिनलादेन ग्रुप को नीलामी में शामिल नहीं करेंगे. सरकार के इस एलान से कम्पनी के शेयरों की कीमतों पर प्रभाव पड़ा. लादेन की कम्पनी पर 30 बिलियन डॉलर का कर्ज है. शेयरों की कीमत घटने और सरकार द्वारा कम्पनी को नीलामी में शामिल न करने की बात से लादेन की कम्पनी आर्थिक रूप से इस हद तक कमज़ोर हो गई कि उसे अपने 70 हज़ार कर्मचारियों की छंटनी का फैसला करना पड़ा. तमाम कर्मचारियों को कई महीने सैलरी तक नहीं मिल रही है. इस वजह से हिंसा पर उतारू हुए कर्मचारियों ने 7 बसों को जला दिया.


laden-4समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी सरकार ने फुटबॉल स्ट डियम और हाई स्पीकड रेललाइन जैसे बड़े पैमाने पर होने वाले कंस्ट्रतक्शसन प्रोजेक्ट्सम पर रोक लगा दी है. ओसामा बिन लादेन 90 के दशक में आतंकवाद से जुड़ गया था. इसके लिए उसने बड़े पैमाने पर अपनी पैतृक संपत्ति का इस्तेमाल किया था. इसी के बाद से उसकी कम्पनी की नींव हिल गई.


बावजूद इसके कम्पनी के बंद होने की गुंजाइश बहुत कम है क्योंकि कंस्ट्रकक्शान की इस विशाल कम्पनी का सऊदी अरब के सरकारी प्रोजेक्ट्स में इतना ज्याहदा दखल है कि अब यह देश के नॉन ऑयल इकोनॉमी का बहुत बड़ा हिस्साा बन गई है. ऐसे में यह कहना गलत न होगा कि बिन लादेन ग्रुप के नाकाम होने की आशंका न के बराबर है.

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