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भाजपा के पक्ष में नहीं गयी यूपी के विधायको की “आत्मा की आवाज”

 Tahlka News |  2016-06-10 15:41:13.0

Dayashankar

उत्कर्ष सिन्हा

लखनऊ. शुक्रवार को हुए यूपी विधान परिषद् की 12 सीटों के चुनावी नतीजो ने भाजपा के रणनीतिकारों के माथे पर पसीना छलका दिया है. “आत्मा की आवाज पर वोट देने की भाजपा की अपील काम नहीं आई और पार्टी के रणनीतिकारों को नजरें झुकानी पड़ गयी.

नतीजो का विश्लेषण करने पर यह साफ़ दिखाई दे रहा है कि हर दल में पाला बदल विधायको की बड़ी तादात रही. नतीजे आने से पहले कयास लगा रहे सियासी पंडितो ने बसपा में बड़ी बगावत का अंदेशा जाहिर किया था मगर नतीजो ने बता दिया कि बसपा के गिने चुने विधायक ही बाहर गए और उसके बाद भी बसपा ने प्रथम वरीयता के 7 अन्य मत जुटा कर अपने तीनो प्रत्याशी आराम से जिता लिए.

कांग्रेस के प्रत्याशी दीपक सिंह ने हालाकिकिसी तरह  जीत तो हासिल कर ली मगर प्रथम वरीयता के कुल 26 वोट ही पा सके. कांग्रेस का दावा था कि कौमी एकता पार्टी, के 2 पीस पार्टी के 2 और रालोद के 4 वोट उसे मिले हैं. इसका मतलब तो यह हुआ कि ये 8 वोट अगर उसे मिले हैं तो उसके बाद भी कुल 26 वोट पाने वाली कांग्रेस पार्टी के एक दर्जन विधायको ने पार्टी से किनारा कर लिया है.


समाजवादी पार्टी के हालाकि सभी 8 प्रत्याशी जीत गए मगर पार्टी के प्रत्याशियों को बराबर वोट नहीं मिले. सपा को पर्थम वरीयता के कुल 232 वोट मिले. जिसमे किसी प्रत्याशी को 31 तो किसी को महज 27 ही वोट मिले. पूरे मतदान में 3 वोट अवैध घोषित हो गए.
मगर इस पूरी कवायद में भाजपा की बड़ी किरकिरी हुयी. यह पूरा मतदान ही भाजपा द्वारा दूसरा प्रत्यशी उतारने के कारण हुआ था. भाजपा के दयाशंकर सिंह को लगातार दूसरी बार बलि का बकरा बनना पड़ा. पार्टी का यह आंकलन गलत निकला जिसके तहत वह मान कर चल रही थी कि बसपा और सपा से टूट कर उसके पाले में आने की होड़ लगी हुयी है. मनमाफिक नतीजों के आने के बाद भाजपा जोर शोर से यह साबित कर सकती थी कि उसके पक्ष में हवा चल रही है मगर “आत्मा की आवाज “ पर वोट देने की उसकी अपील कम से कम भाजपा के पक्ष में तो नहीं ही आई.

मीडिया के जमावड़े और हर पल उड़ती क्रास वोटिंग की खबरों के बीच यूपी की विधान परिषद् के 13 सीटों के लिए हुआ मतदान के नतीजे शनिवार को होने वाले राज्यसभा की 11 सीटो का रुझान भी तय चुके हैं .

इस चुनावो के नतीजे सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा के लिए नाक का सवाल बने हुए थे .माना जा रहा है कि यूपी विधान सभा के लिए होने वाले आगामी चुनावो के लिए गठबंधन की शक्ल भी इन नतीजो के साथ उभरने लगेगी.

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