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'गाली की राजनीति नहीं होती तो BJP को स्वाति नहीं मिलतीं'

 Abhishek Tripathi |  2016-07-26 04:19:09.0

swati_singhतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. गाली कांड से पहले तक देश के लोग न तो इस चेहरे से वाकिफ थे और ना ही इस तेवर थे। स्वाति ने अपने तेवर के दम पर यूपी के सियासी समीकरण को बदल कर रख दिया है। अब बीजेपी न सिर्फ स्वाति के चुनाव लड़ाने पर सोच रही है, बल्कि चुनाव में उन्हें पोस्टर का चेहरा भी बना सकती है।


स्वाति इसके लिए कितनी तैयार हैं ये तो वक्त बताएगा, लेकिन बेटी के खिलाफ बीएसपी वालों ने जब आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया तो घर की चौखट लांघकर इस घरेलू महिला ने अपना लोहा मनवा दिया। स्वाति जिस सधे अंदाज में हिंदी बोलती हैं उसी झन्नाटेदार तरीके से अंग्रेजी भी।


दोनों ने प्रेम विवाह किया
मायावती के खिलाफ अपशब्द कहने वाले दयाशंकर जब लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्र नेता थे तभी उन्हें स्वाति से प्यार हुआ। बाद में दोनों ने प्रेम विवाह किया। स्वाति के दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी बारह साल की है जो छठी क्लास में पढ़ती है, जबकि 9 साल का बेटा चौथी में है। स्वाति इलाहाबाद से एमबीए करने के साथ एलएलएम तक की डिग्री हासिल कर चुकी हैं।


घरेलू खरीददारी करती हैं स्वाति
पति दयाशंकर राज्य में बीजेपी के बड़े नेता हो गए हैं, लेकिन मोहल्ले में सब्जी लेने से लेकर राशन तक की खरीदारी स्वाति खुद ही करती हैं। गाली कांड से पहले तक लखनऊ में स्कूटी पर रोज बेटी को स्कूल छोड़ने खुद जाती थीं। स्कूटी से चलने वाली 38 साल की स्वाति यूपी की सियासत का नया चेहरा बन गई है।


मायावती को स्वाति चुनौती दे रही हैं
बीजेपी के लिए यूपी में बीएसपी की अध्यक्ष मायावती बड़ी चुनौती हैं। उन्हीं मायावती को स्वाति सीधे सीधे चुनौती दे रही हैं। सादगी और तेवर ने उन्हें संघर्ष का चेहरा बना दिया है और बीजेपी इसी सादगी के सहारे अब लखनऊ की लड़ाई जीतने की तैयारी में जुट गई है।

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