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जनता का मखौल उड़ा रही है भाजपा

 Sabahat Vijeta |  2016-12-17 15:01:35.0

navjot kaur sidhu


लखनऊ. नोटबंदी के बाद की स्थिति पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर जनता का मखौल उड़ाने का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा है कि जिस प्रकार लगातार पेट्रोल एवं डीजल के दाम बढ़ रहे हैं और मंहगाई चरम पर पहुंच गयी है, कैशलेस खरीद पर छूट देने की लालच देकर पेट्रोल और डीजल पर आम जनता से कीमतें बढ़ाकर धन उगाही की जा रही है वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह लगातार जनता पर पड़ रही मंहगाई की मार का मखौल उड़ा रहे हैं. केन्द्र की मोदी सरकार आम जनता को मंहगाई से निजात दिलाने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है. भारतीय जनता पार्टी का कोई नेता बढ़ती मंहगाई पर बोलने की हिम्मत नहीं कर रहा है और भाजपा का पूरा नेतृत्व जानबूझकर अनदेखी कर रहा है.


प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अशोक सिंह ने आज यहां जारी बयान में कहा कि अमित शाह ने आज शाहजहांपुर में जिस भाषा का इस्तेमाल किया हैं, निन्दनीय है, ऐसी भाषा का प्रयोग उ.प्र. की गरिमामयी भूमि पर नहीं चलता है. यह मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम और श्री कृष्ण की धरती है. यहां की धरती ने पं. जवाहर लाल नेहरू से लेकर स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इन्दिरा गांधी, स्वर्गीय राजीव गांधी तक सर्वाधिक महान प्रधानमंत्री दिये हैं.


प्रवक्ता ने कहा कि कौन गुण्डा है कौन गुण्डा नहीं है इसका प्रमाणपत्र श्री शाह न बांटें. क्योंकि उनकी पार्टी सर्वाधिक गुण्डों की भर्ती कराकर ऐन-केन-प्रकारेण चुनाव जीतने की कोशिश में लगी है और वह स्वयं अपने ही राज्य से स्टेट बदर रहे हैं. मंहगाई से पीड़ित लोगों की तकलीफ पर संवेदनहीनता दिखाते हुए लगातार उससे जनता का ध्यान बंटाने के लिए नोटबन्दी का सहारा लिया जा रहा है जबकि नोटबन्दी से जो कठिनाइयां आम आदमी को हुई हैं और 100 से अधिक लोग लाइनों में खड़े होकर मृत्यु के शिकार हुए हैं उन चीजों को न उठाना पूरी तरह अनैतिक है.


श्री सिंह ने मांग की है कि भारतीय जनता पार्टी मंहगाई घटाने के अपने वादे पर असफल रही है यदि जरा भी नैतिकता बची है तो रैलियों के मार्फत दौलत का भोंड़ा प्रदर्शन बन्द करे. श्री सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का बयान पढ़कर हैरत होती है कि जिस परिवार ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया आज उसी परिवार के खिलाफ वह बयान दे रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें अपने ही लोग मुख्यमंत्री नहीं देखना चाहते जबकि बाहर के लोग देखना चाहते हैं. बेहतर होगा कि अखिलेश यादव उन बाहर के लोगों के साथ आ जायें.

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