Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

BJP नेता की वजह से जिंदा हैं मायावती, गोली मारकर हुई थी हत्या

 Abhishek Tripathi |  2016-06-24 07:31:11.0

mayawatiतहलका न्यूज ब्यूरो
लखनऊ. 2 जून 1995 को लखनऊ के राज्य अतिथि गृह में मायावती को कमरे में बंद करके गुंडों ने मार मारकर कपडे फाड़ दिए थे। मायावती के सभी साथी और कार्यकर्ता माहौल देख वहां से भाग गए। उस समय किसी ने दलित मायावती को बचाने की हिम्मत नहीं की थी। उसी समय अचानक एक बीजेपी नेता की एन्ट्री हुई। गेस्ट हाऊस का दरवाजा तोड़कर वो अंदर आए और अकेले सभी सभी गुंडो से भिड़ गए। उन्होंने सभी गुंडो को मारकर गेस्ट हाऊस के बहार फेंक दिया और मायावती की जान बचा ली। वो बीजेपी नेता कोई और नहीं बल्कि उस समय के फर्रुखाबाद नगर के बीजेपी विधायक ब्रम्हदत्त द्विवेदी थे।


इसके बाद में जब सपाई गुंडों ने ब्रम्हदत्त द्विवेद की एक शादी समारोह में गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब मायावती उनके घर गई थीं और खूब रोई भी थीं। इस कांड को 'गेस्टहाउस कांड' के नाम से भी जाना जाता है। वहीं, खुद मायावती ने कई बार कहा है कि जब मैं मुसीबत में थी, तब मेरी ही पार्टी के लोग गुंडों से डरकर भाग गये थे, लेकिन ब्रम्हदत्त द्विवेदी भाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना मेरी जान बचाई थी।


उस घटना के बाद मायावती ने ब्रह्मदत्त द्विवेदी को अपना बड़ा भाई मान लिया था। मायावती बीजेपी का विरोध करती थीं, लेकिन वे फर्रुखाबाद में ब्रम्हदत्त के लिए प्रचार भी करती थीं। ऐसे में जब उनकी विधवा पत्नी प्रभा द्विवेदी चुनाव में खड़ी हुईं, तब भी मायावती ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। मायावती ने लोगों से अपील भी की थी कि मेरी जान बचाने के लिए दुश्मनी मोल लेकर शहीद होने वाले, मेरे भाई की विधवा को वोट दें। मायावती के प्रचार के बाद प्रभा विजयी हुईं। वे तत्कालीन बीजेपी और बसपा समर्थित सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं।

Tags:    

  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top