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'हनी ट्रैप' में फंसे BJP सांसद वरुण गांधी, आरोपों को किया खारिज, PMO कर सकता है कार्रवाई

 Abhishek Tripathi |  2016-10-21 04:06:15.0

varun_gandhi_honey_trapतहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली. बीजेपी के सांसद वरुण गांधी पर सनसनीखेज आरोप लगे हैं। आर्म्स डील में व्हिसलब्लोअर की भूमिका निभाने वाले एक शख्स ने पीएमओ को चिट्ठी लिखी है जिसके सामने आने के बाद वरुण आरोपों के घेरे में हैं। आरोप है कि हथियार कारोबारी अभिषेक वर्मा ने विदेशी एस्कॉर्ट के जरिये वरुण गांधी को फंसाया। मामला तब का है जब वो डिफेंस कंसलटेटिव कमेटी के सदस्य रहे। वरुण और अभिषेक दोनों की आरोपों को गलत बता रहे हैं।


क्या होता है हनी ट्रैप
हनी ट्रैप का मतलब होता है लड़की के जरिये प्यार के जाल में फंसाकर काम करवाना। हथियार सौदों में व्हिस्लब्लोअर की भूमिका निभाने वाले एडमंड्स एलेन ने 16 सितंबर को पीएमओ को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया है कि आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा ने पहले हनी ट्रैप के जरिये वरुण गांधी को फंसाया और अब उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है।


ये है पूरा मामला
डिफेंस कंसल्टेटिव कमेटी के सदस्य वरुण गांधी को आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा ने हनीट्रैप किया। वेश्याओं के साथ वक्त गुजारने के अलावा वरुण डिफेंस कंपनियों की प्राइवेट पार्टी में भी शामिल हुए। अभिषेक वर्मा साल 2000 से वरुण गांधी को जानते थे। अभिषेक वर्मा ने विदेशी एस्कॉर्ट भी मुहैया कराए और तस्वीरें भी खींची। इन तस्वीरों के बहाने डिफेंस कमेटी के कामकाज की जानकारी हासिल की। 2008 में अभिषेक के जेल से छूटने के बाद भी वरुण गांधी 2012 तक अभिषेक वर्मा के फार्म हाउस पर जाते रहे, जहां डिफेंस कंपनियों के अधिकारियों के अलावा विदेशी एस्कॉर्ट्स भी मौजूद रहती थीं।


वरुण गांधी की सफाई
आरोपों के जवाब में वरुण गांधी ने सफाई दते हुए कहा कि 'मेरे खिलाफ आरोप बेबुनियाद हैं। जब मैं 22 साल का था तब आखिरी बार अभिषेक वर्मा से मिला था। उसके बाद न कभी मिला, ना बात हुई। मैं अभिषेक वर्मा को इसलिए जानता हूं क्योंकि उसके माता-पिता राज्यसभा सांसद थे। जिन तथ्यों की और प्रमाणों की बात की गई है, उन्हें साबित करें और सामने लाएं। ये मेरा चरित्र हनन करने की और छवि खराब करने की कोशिश है। मैं प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव पर आपराधिक मानहानि का केस करुंगा।'


रक्षा मंत्री ने साधी चुप्पी
वरुण गांधी पर लगे आरोपों पर रक्षा मंत्री ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। हालांकि, पीएम को लिखी चिट्ठी की एक कॉपी रक्षा मंत्री को भी पिछले महीने भेजी गई थी। 2012 में अलग होने से पहले चिट्ठी लिखने वाले एलेन और अभिषेक वर्मा बिजनेस पार्टनर थे। अलग होने के बाद एलेन ने जांच एजेंसियों को अभिषेक वर्मा के खिलाफ कागजात देने शुरू किए।

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