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मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय : एक नज़र में

 Sabahat Vijeta |  2016-06-23 16:37:23.0

akhilesh+yadav

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में तमाम महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. मंत्रीपरिषद ने आज जो निर्णय लिए उन निर्णयों पर एक नज़र

नागर निकायों में 40 हजार सफाई कर्मियों की संविदा पर भर्ती/नियुक्ति के सम्बन्ध में 21 दिसम्बर 2015 के शासनादेश में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के नागर निकायों में सफाई कर्मियों की संविदा पर भर्ती/नियुक्ति के सम्बन्ध में निर्गत 21 दिसम्बर, 2015 के शासनादेश संख्या-5417/9-1-15-185 सा/10टीसी में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में नागर निकायों में सफाई कर्मियों के रिक्त 35 हजार 744 पदों के स्थान पर कुल 40 हजार संविदा सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। साथ ही, 21 दिसम्बर, 2015 के शासनादेश के प्रस्तर-3 के बिन्दु संख्या-5 में चयन समिति के गठन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। चयन प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गाें के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994 (यथासंशोधित) का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा चयन सूची में नामों को साक्षात्कार में प्रदान किए गए अंकों के अनुसार रखा जाएगा। इसके अलावा, पूर्व शासनादेश के प्रस्तर-3 के बिन्दु संख्या-7 में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत चयन समितियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों की सूची शासन को प्रेषित की जाएगी। शासन के अनुमोदनोपरान्त नियुक्ति प्राधिकारी नियुक्ति आदेश जारी करेंगे।


रामपुर में जेल रोड स्थित झील के विकास एवं सौन्दर्यीकरण सम्बन्धी पुनरीक्षित व्यय एवं कार्यमद स्वीकृत


मंत्रिपरिषद ने नगर पालिका परिषद, रामपुर में जेल रोड स्थित झील के विकास एवं सौन्दर्यीकरण से सम्बन्धित पुनरीक्षित व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित 2152.20 लाख रुपये पर सहमति व्यक्त करते हुए प्रायोजनागत प्रस्तावित कार्यमदों को स्वीकृत प्रदान कर दी है।


ज्ञातव्य है कि प्रायोजनागत प्रस्तावित इन कार्यमदों की लागत, सामान्य मदों से अधिक होने तथा लोक निर्माण विभाग के एसओआर में निर्धारित विशिष्टियों से उच्च विशिष्टियों के होने के कारण मंत्रिपरिषद से स्वीकृति आवश्यक थी।


जनपद आजमगढ़ की नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर का सीमा विस्तार किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी


मंत्रिपरिषद ने जनपद आजमगढ़ की नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर का सीमा विस्तार किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। ग्राम पंचायत अमिलों को नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर की सीमा में शामिल करते हुए सीमा विस्तार किए जाने सम्बन्धी 9 अप्रैल, 2015 की अनन्तिम अधिसूचना के सम्बन्ध में निर्धारित तिथि तक कोई आपत्ति और सुझाव शासन में प्राप्त न होने के पश्चात इस अधिसूचना को अन्तिम रूप देते हुए यह निर्णय लिया गया है।


ज्ञातव्य है कि नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में ग्राम पंचायत अमिलों को सम्मिलित किए जाने हेतु जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रस्ताव के अनुसार इस ग्राम पंचायत में पूर्ण रूप से नगरीय लक्षण विद्यमान है। ग्राम पंचायत में शिक्षा, बैंकिग, नेटवर्किंग, वाणिज्यिक, चिकित्सा तथा आवागमन एवं 95 प्रतिशत लोगों का व्यवसाय पावरलूम, हैण्डलूम, बनारसी साड़ियों की बुनाई इत्यादि के कारोबार/व्यवसाय पर आधारित है। इसके दृष्टिगत ग्राम पंचायत अमिलों को नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर में सम्मिलित किया जाना जनहित में आवश्यक है।


अल्पसंख्यक समुदाय के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अभिभावकों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता में बढ़ोत्तरी


मंत्रिपरिषद ने अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन) के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अभिभावकों की पुत्रियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।


प्रदेश सरकार की इस योजना के अन्तर्गत वर्तमान में अल्पसंख्यक समुदाय के गरीबी रेखा (ग्रामीण क्षेत्र के लिए 19 हजार 884 रुपये तथा शहरी क्षेत्र के लिए 25 हजार 546 रुपये) के नीचे जीवन यापन करने वाले अभिभावकों की पुत्री के विवाह हेतु 10 हजार रुपये प्रति पुत्री की दर से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए अब आवेदक व आवेदक के अभिभावक की आय शहरी क्षेत्र में 56 हजार 460 रुपये प्रतिवर्ष तथा ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार 80 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित की गई है। प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता को बढ़ाकर 20 हजार प्रति पुत्री कर दिया गया है।


यह अनुदान एक परिवार की अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह हेतु दिया जाएगा। इस योजना को पहली बार आॅनलाइन किए जाने का भी निर्णय लिया गया है। आवेदक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर लाॅगइन करके आॅनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आॅनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के सुचारू एवं प्रभावी कार्यान्वयन हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है। अनुदान की स्वीकृति के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय स्वीकृति समिति का गठन किया गया है। योजना के तहत पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला अथवा दिव्यांग आवेदक को वरीयता दी जाएगी। योजना के तहत लाभार्थियों को देय धनराशि ई-पेमेन्ट के माध्यम से सीधे उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी।


राज्य सहायता प्राप्त अरबी फारसी मदरसों के नियमित वेतन वितरण के उद्देश्य से वेतन वितरण विधेयक पारित कराए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी


मंत्रिपरिषद ने राज्य सहायता प्राप्त अरबी फारसी मदरसों के नियमित वेतन वितरण के उद्देश्य से वेतन वितरण विधेयक पारित कराए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन संस्थाओं के कर्मचारियों को नियमित वेतन भुगतान सुनिश्चित किए जाने तथा इसमें पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश मदरसा (अध्यापकों एवं अन्य कर्मचारियों के वेतन का भुगतान) विधेयक, 2016 पारित कराया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा विधेयक के प्रारूप को भी अनुमोदित कर दिया गया है।


इस विधेयक के लागू हो जाने से वेतन अनुदान की सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। समय से वेतन का भुगतान किए जाने हेतु प्रत्येक संस्था के प्रबन्धतंत्र द्वारा अपने अध्यापकों एवं कर्मचारियों के वेतन का वितरण करने के लिए प्रत्येक माह की 20 तारीख तक बिल तैयार कर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वेतन की धनराशि अध्यापकों/कर्मचारियों के बैंक खाते में ई-ट्रान्जैक्शन के माध्यम ट्रान्सफर की जाएगी। इस विधेयक के पारित हो जाने से राज्य सहायता प्राप्त अरबी फारसी मदरसों के शिक्षकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को प्रत्येक माह समय से नियमित वेतन का भुगतान प्राप्त हो सकेगा।


उ.प्र. अल्पसंख्यक पूर्वदशम छात्रवृत्ति नियमावली-2016 के प्रख्यापन को मंजूरी


मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक पूर्वदशम छात्रवृत्ति नियमावली-2016 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह नियमावली शैक्षणिक सत्र-2016-17 से लागू होगी। नियमावली के प्रख्यापन के पश्चात किसी बिन्दु पर स्पष्टता, सुगमता, परिवर्तन अथवा परिवर्धन की आवश्यकता होने पर इसके लिए मुख्यमंत्री अधिकृत होंगे।


नियमावली के अनुसार वित्तीय वर्ष 2016-17 से अल्पसंख्यक वर्ग के अभिभावकों की वार्षिक आय अधिकतम दो लाख रुपये कर दी गई है। पूर्व में यह एक लाख रुपये निर्धारित थी। नई नियमावली में पूर्वदशम छात्रवृत्ति के पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के रूप में 150 रुपये प्रतिमाह (अधिकतम 10 माह हेतु 1500 रुपये वार्षिक) तदर्थ अनुदान के रूप में तथा भत्ते के रूप में 750 रुपये एकमुश्त अर्थात 2250 रुपये प्रति लाभार्थी दिया जाएगा। पूर्व में अधिकतम 720 रुपये वार्षिक दिए जाने की व्यवस्था थी।


एक ही माता-पिता अथवा संरक्षक के सभी बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा। ऐसे छात्र-छात्राएं जिनके माता-पिता की आय, दुर्भाग्यवश किसी एक की मृत्यु के कारण प्रभावित होती है और इस प्रकार इस योजना अन्तर्गत निर्धारित आय सीमा में आ जाती है तो ऐसी दुखद घटना होने वाले महीने से वह छात्र छात्रवृत्ति का पात्र बन जाएगा, बशर्ते वह छात्रवृत्ति की अन्य शर्तें पूरी करता हो। ऐसे छात्र-छात्राएं जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, जिन्हे किसी संस्था या व्यक्ति द्वारा अपनी संरक्षता में शिक्षा प्रदान करने हेतु एडाप्ट कर लिया गया है, उनके सम्बन्ध में संस्था, प्रबन्धन या संभ्रान्त व्यक्ति की आय उनकी पात्रता निर्धारण के लिए आधार नहीं मानी जाएगी।


अल्पसंख्यक वर्ग के छात्र-छात्राओं को पूर्वदशम छात्रवृत्ति की स्वीकृति हेतु जनपद स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा जो नियमावली के प्राविधानों के तहत जनपद स्तर पर छात्रवृत्ति की स्वीकृति प्रदान करेगी। छात्र-छात्रा को देय छात्रवृत्ति उसके बचत खाते में सीधे राज्य मुख्यालय कोषागार से ई-पेमेन्ट के तहत पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ट्रांसफर की जाएगी।


उ.प्र. ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई में 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल के निर्माण से सम्बन्धित उच्च विशिष्टियों तथा मूल्यांकित लागत को स्वीकृति


मंत्रिपरिषद ने उ.प्र. ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान सैफई, इटावा में 500 बेडेड सुपर स्पेशियलिटी हाॅस्पिटल के निर्माण से सम्बन्धित उच्च विशिष्टियों के प्रस्ताव को अनुमोदित करते हुए प्रायोजना पर व्यय वित्त समिति द्वारा मूल्यांकित 463.2829 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।


ज्ञातव्य है कि इस हाॅस्पिटल पर व्यय वित्त समिति द्वारा मूल्यांकित/अनुमोदित लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक आ रही है। इसलिए इस सम्बन्ध में मंत्रिपरिषद की अनुमति आवश्यक है।


हृदय रोग संस्थान, कानपुर में ओपीडी डायग्नोस्टिक फिजियोथेरेपी विंग को आईडीएच भवन में स्थानान्तरित कर संस्थान के मुख्य भवन में 60 नयी शैय्या संचालित करने एवं आईडीएच में विभिन्न व्यवस्थाओं हेतु उच्च विशिष्टियों के प्रयोग की अनुमति दी गयी


मंत्रिपरिषद ने हृदय रोग संस्थान, कानपुर में ओपीडी डायग्नोस्टिक फिजियोथेरेपी विंग को आईडीएच भवन में स्थानान्तरित कर संस्थान के मुख्य भवन में 60 नयी शैय्या संचालित करने, आईडीएच के वर्तमान भवन के अनुरक्षण, एयर कण्डीशनिंग, समुचित प्रकाश व्यवस्था, रोगियों एवं उनके तीमारदारों के बैठने आदि निर्माण कार्याें हेतु प्रस्तावित उच्च विशिष्टियों को प्रयुक्त करने हेतु अनुमति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 835.58 लाख रुपये की लागत अनुमानित की गयी है।


मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड की पिछली सीट पर बैठने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए हेलमेट की अनिवार्यता के लिए मोटरयान नियमावली में संशोधन को मंजूरी


मंत्रिपरिषद ने मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड की पिछली सीट पर बैठने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए हेलमेट के प्रयोग की अनिवार्यता के लिए उ.प्र. मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम-201 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।


इसके तहत मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड की पिछली सीट पर बैठने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए हेलमेट के प्रयोग की अनिवार्यता करने के लिए उ.प्र. मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम-201 के उपनियम (1) परन्तुक (क) में दिए गए छूट सम्बन्धित प्राविधान को समाप्त कर दिया गया है।


ज्ञातव्य है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 में यातायात को नियंत्रण के सम्बन्ध में मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड के चालक के लिए निश्चित मानक के हेलमेट लगाने की व्यवस्था है। नियमावली के नियम 201(1) में प्रत्येक व्यक्ति जब वह मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड चला रहा हो यथा उस पर सवार हो उपनियम (2) में दी गई विनिर्दिष्टियों के अनुरूप सुरक्षा टोप पहनेगा। परन्तु यह कि इस नियम का उपनियम (1) में (क) किसी मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड पर पिछली सीट पर बैठने वाली प्रत्येक सवारी (ख) सार्वजनिक स्थान पर मोटर साइकिल, स्कूटर या मोपेड को चलाने वाला कोई व्यक्ति जो पगड़ी बांधे हो, को छूट प्रदान की गई है।


सर्वाेच्च न्यायालय के समक्ष दायर पीआईएल संख्या-295/2012 में सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के क्रम में गठित सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित समिति की संस्तुतियों के आधार पर समिति के सचिव के पत्र दिनांक 18.08.2015 द्वारा निर्देशित किया गया है कि मोटर साइकिल चलाने वाले तथा उस पर पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट प्रयोग सम्बन्धी कानून लागू किया जाए।


अर्जुन सहायक पुनरीक्षित परियोजना की के लिए 2593.93 करोड़ रूपये व्यय प्रस्ताव को मंजूरी


मंत्रिपरिषद ने जनपद महोबा में अर्जुन सहायक पुनरीक्षित परियोजना की के लिए 2593.93 करोड़ रुपये के व्यय प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस परियोजना के अन्तर्गत लहचूरा बांध का आधुनिकीकरण करते हुए धसान नदी के दाएं किनारे से 2600 क्युसेक क्षमता एवं 41.60 कि.मी. लम्बाई की अर्जुन फीडर के निर्माण के फलस्वरूप प्रतिवर्ष अर्जुन बांध को पूरी क्षमता तक भरा जाना तथा अर्जुन बांध से कबरई बांध तक 2200 क्युसेक क्षमता एवं 31.80 कि.मी. लम्बाई की कबरई फीडर के निर्माण के फलस्वरूप चन्द्रावल तथा कवरई बांध को पूरी क्षमता तक भरा जाना सम्भव हो सकेगा। साथ ही, कवरई बांध की भण्डारण क्षमता को 12.40 मिलियन घन मीटर से 130.25 मिलियन घन मीटर तक की वृद्धि का भी प्रस्ताव है। इस परियोजना से 44,381 हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन एवं 15,104 हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनस्र्थापना सम्भव हो सकेगी। इससे जनपद महोबा, हमीरपुर एवं बांदा के कृषक लाभान्वित होंगे। कबरई बांध से जनपद महोबा को 20 मिलियन घन मीटर पानी पेयजल हेतु उपलब्ध कराया जाएगा।


बलिया में गंगा नदी पर श्रीरामपुर घाट पर स्टेट आॅफ दि आर्ट सेतु के निर्माण तथा पुनरीक्षित लागत की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान


मंत्रिपरिषद ने जनपद बलिया में गंगा नदी पर एन.एच.-31 से शिवपुर दियरा नम्बरी मार्ग श्रीरामपुर घाट पर स्टेट आॅफ दि आर्ट सेतु के निर्माण की पुनरीक्षित लागत 63029.57 लाख रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। भारतीय जल मार्ग प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप यह पुल आधुनिक Extra Dosed तकनीक पर बनाया जाएगा।


दिल्ली विकास प्राधिकरण की द्वारका योजना में राज्य अतिथि गृह के निर्माण की अनुमति


मंत्रिपरिषद ने नई दिल्ली स्थित दिल्ली विकास प्राधिकरण की द्वारका योजना के अन्तर्गत सेक्टर-13 में राज्य अतिथि गृह का निर्माण कराए जाने तथा योजना में शामिल उच्च विशिष्टियों सम्बन्धी कार्य एवं योजना की लागत 4532.39 लाख रुपये के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।


स्वयंसेवी संगठनों के साथ सहभागिता के लिए प्रोसीजर्स तय


मंत्रिपरिषद ने स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) के साथ सहभागिता के लिए प्रोसीजर्स तय किए जाने से सम्बन्धित एनजीओ प्रकोष्ठ, नियोजन विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रोसीजर्स पर सहमति प्रदान कर दी है।


ज्ञातव्य है कि राज्य सरकार द्वारा पोषित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के दृष्टिगत कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग द्वारा विकास का एजेण्डा वर्ष 2015-16 के सूत्र संख्या-151 ‘एनजीओ के साथ सहभागिता के लिए प्रोसीजर्स तय किया जाना’ को सम्मिलित किया गया है।


प्रोसीजर्स में स्वयंसेवी संस्थाओं को कार्य देने हेतु प्रस्ताव प्राप्त करना, संस्थाओं के लिए अर्हताएं निर्धारित करना, संस्थाओं की चयन प्रक्रिया, कार्यों का अनुश्रवण एवं मूल्यांकन, स्वयंसेवी संस्थाओं की क्षमतावृद्धि एवं उचित कार्य न करने वाली संस्थाओं की ब्लैक लिस्टिंग प्रक्रिया के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाओं का डाटाबेस तैयार करने सम्बन्धी व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं।


घड़ियाल पुनर्वास केन्द्र, कुकरैल लखनऊ को ‘जैव विविधता विरासतीय स्थल’ घोषित किए जाने का निर्णय


मंत्रिपरिषद ने जैव विविधता की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के कारण, केन्द्र सरकार द्वारा जारी जैव विविधता अधिनियम, 2002 (द बायोलाॅजिकल डाइवर्सिटी एक्ट, 2002) में इंगित प्राविधानों के तहत, घड़ियाल पुनर्वास केन्द्र, कुकरैल लखनऊ को ‘जैव विविधता विरासतीय स्थल’ घोषित किए जाने का निर्णय लिया है।


जैवविविधता विरासतीय स्थल (बायोडाइवर्सिटी हेरिटेज साइट) घोषित होने से यह अंतर्राष्ट्रीय स्थल के रूप में विकसित हो सकेगा। नेशनल बायोडाइवर्सिटी अथाॅरिटी इस स्थल का उचित वित्त पोषण सीड मनी के रूप में करेगी। इस स्थल को अधिसूचित किए जाने के फलस्वरूप यह क्षेत्र जैवविविधता संरक्षण के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर सकेगा। संरक्षण के कार्य की दिशा में प्रदेश की प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ेगी।


अहेरिया जाति को उ.प्र. की अनुसूचित जातियों की सूची में सम्मिलित किए जाने के लिए भारत सरकार को संस्तुति प्रेषित किए जाने का निर्णय


मंत्रिपरिषद ने अहेरिया जाति को उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जातियों की सूची में सम्मिलित किए जाने हेतु भारत सरकार को संस्तुति प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया है। अहेरिया जाति अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग आदि में से किसी वर्ग में वर्गीकृत नहीं है। ‘अहेरिया’ व ‘बहेलिया’ जाति की सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक एवं शैक्षिक स्थिति लगभग समान है। ‘अहेरिया’ जाति अनुसूचित जाति की सूची में सम्मिलित किए जाने हेतु निर्धारित मानदण्डों के अनुरूप पायी गयी है।


जिला ग्राम्य विकास अभिकरणों के सीधी भर्ती के नियुक्त कार्मिकों को ग्राम्य विकास विभाग में संविलियन करने की अनुमति


मंत्रिपरिषद ने शर्ताें के अधीन जिला ग्राम्य विकास अभिकरणों के सीधी भर्ती के नियुक्त अधिकारियों/कर्मचारियों को ग्राम्य विकास विभाग में संविलियन करने की अनुमति प्रदान कर दी है। प्रदेश में ऐसे कार्मिकों की संख्या 995 है।


जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के कार्मिकों को ग्राम्य विकास विभाग में संविलियन किए जाने के उपरान्त इन्हें प्रति नियुक्त पर माना जाएगा। इन कार्मिकों के संवर्ग को डाइंग कैडर घोषित करते हुए नयी पेंशन योजना वर्ष-2005 से आच्छादित करने एवं संविलियन के फलस्वरूप कोई भी लाभ पूर्वगामी तिथि से न दिए जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित कार्मिक से विकल्प प्राप्त कर अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। यदि किसी कर्मी को यह विकल्प स्वीकार नहीं है तो उसे पूर्व की भांति सोसाइटी का कर्मी बने रहने का विकल्प रहेगा।



माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में रिक्त एवं चिन्हांकित 3823 वर्ग मीटर भूमि/क्षेत्रफल सूचना विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित करने का निर्णय


मंत्रिपरिषद ने पार्क रोड, लखनऊ स्थित माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में रिक्त एवं चिन्हांकित 3823 वर्ग मीटर भूमि/क्षेत्रफल सूचना विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित करने का निर्णय लिया है। यह भूमि प्राप्त होने के उपरान्त भवन निर्माण कराकर एक फ्लोर माध्यमिक शिक्षा विभाग को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। सूचना भवन निर्माण के सम्बन्ध में लखनऊ महायोजना 2021 के प्रस्तर 6.11.8 में प्राविधानानुसार भवन की अधिकतम ऊंचाई 7 मीटर से शिथलीकरण प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से भूमि प्राप्त होने के पश्चात सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा सूचना निदेशालय परिसर की आच्छादित एवं अनाच्छादित भूमि/क्षेत्रफल चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय के विस्तारीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु निःशुल्क हस्तान्तरित कर दी जाएगी।


जनपद मऊ की ग्राम सभा चिरैयाकोट, बलिया की ग्राम सभा बैरिया, प्रतापगढ़ में लालगंज तथा जनपद फिरोजाबाद के ग्राम एका को नगर पंचायत बनाने का निर्णय


मंत्रिपरिषद ने जनपद मऊ की ग्राम सभा चिरैयाकोट, जनपद बलिया की ग्राम सभा बैरिया, जनपद प्रतापगढ़ के कस्बा लालगंज तथा जनपद फिरोजाबाद के ग्राम एका को नगर पंचायत बनाने का निर्णय लेते हुए इनसे सम्बन्धित अधिसूचना निर्गत करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।


लोहिया पथ, चिड़ियाघर, डीजीपी आॅफिस एवं डालीबाग के बीच में हैदर कैनाल के दोनों तरफ के रिक्त स्थान के विकास के लिए 120 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट का निर्माण होगा


मंत्रिपरिषद ने लखनऊ में लोहिया पथ, चिड़ियाघर, डीजीपी आॅफिस एवं डालीबाग के बीच में हैदर कैनाल के दोनों तरफ के रिक्त स्थान के विकास कार्य हेतु 120 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट के निर्माण की मंजूरी प्रदान करते हुए परियोजना की मूल्यांकित लागत 24754.12 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।


शोधित जल को हैदर कैनाल के इसी स्थान पर प्रस्तावित पार्क एवं सौन्दर्यीकरण तथा सिंचाई, फाउण्टेन एवं अन्य कार्याें में प्रयोग किया जाएगा। इस प्रायोजना से प्रतिदिन 20 हजार किलो वाॅट विद्युत का उत्पादन भी होगा, जिससे प्रायोजना पर होने वाले कुल विद्युत ऊर्जा की 50 प्रतिशत की पूर्ति इसी विद्युत उत्पादन से पूरी हो जाएगी।


इस प्रायोजनान्तर्गत प्रस्तावित कार्यमदों की लागत सामान्य लागत से काफी अधिक होने तथा लोक निर्माण विभाग के एसओआर में निर्धारित विशिष्टियों से उच्च विशिष्टियों के कार्यों को भी मंत्रिपरिषद की अनुमति प्रदान कर दी है।


ज्ञातव्य है कि यहां प्रस्तावित 120 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट के निर्माण की परियोजना पर 24754.12 लाख रुपये की वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति भी मंत्रिपरिषद द्वारा दे दी गयी है।


लखनऊ की सुचारु एवं सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति हेतु 400 के.वी. उपकेन्द्र हरदोई रोड (जीआईएस) एवं तत्सम्बन्धी लाइन के निर्माण कराने का निर्णय


मंत्रिपरिषद ने जनपद लखनऊ की सुचारु एवं सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति हेतु 400 केवी उपकेन्द्र हरदोई रोड (जीआईएस) एवं तत्सम्बन्धी लाइन का निर्माण कराने का निर्णय लिया है। उपकेन्द्र एवं इससे सम्बन्धित लाइनों के निर्माण हेतु शासकीय अंश पूंजी का भाग 30 प्रतिशत अर्थात लगभग 134.43 करोड़ रुपये एवं शेष 70 प्रतिशत का वित्त पोषण संस्थागत वित्तीय संस्थाओं से ऋण के माध्यम से प्राप्त करने की अनुमति भी प्रदान कर दी गयी है। 400 केवी उपकेन्द्र के निर्माण पर 418.11 करोड़ रुपये की लागत आएगी।


जनपद चित्रकूट के पहाड़ी में 220 केवी उपकेन्द्र तथा इससे सम्बन्धित लाइन के निर्माण का फैसला


मंत्रिपरिषद ने बुन्देलखण्ड क्षेत्र की सुचारु एवं सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के लिए जनपद चित्रकूट के पहाड़ी में 220 केवी उपकेन्द्र तथा इससे सम्बन्धित लाइन के निर्माण के प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 224.84 करोड़ रुपये खर्च आएगा।


जनपद इलाहाबाद के मसौली में 400 के.वी. उपकेन्द्र तथा इससे सम्बन्धित लाइनों के निर्माण की अनुमति


मंत्रिपरिषद ने जनपद इलाहाबाद को सुदृढ़ एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मसौली में 400 केवी उपकेन्द्र तथा इससे सम्बन्धित लाइनों के निर्माण कार्य को अनुमति प्रदान कर दी है। इस परियोजना पर 233 करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है।


प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लखीमपुर खीरी के फरदान एवं नकहा तथा सीतापुर के महमूदाबाद विकास खण्ड में पायलेट परियोजना चलाने की अनुमति


मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के उद्देश्य से जनपद लखीमपुर खीरी के फरदान एवं नकहा तथा सीतापुर के महमूदाबाद विकास खण्ड में पायलेट परियोजना चलाने की अनुमति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के प्रबन्धन एवं क्रियान्वयन के लिए सिफ्सा को नामित किया गया है। इसके लिए बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन, सिफ्सा एवं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के मध्य एक त्रिपक्षीय मेमोरेण्डम आॅफ अण्डरस्टैण्डिंग पर हस्ताक्षर किया जाएगा। सम्पूर्ण कार्यक्रम के क्रियान्वयन हेतु खुली निविदा द्वारा सिफ्सा एक गैर सरकारी संस्था का चयन करेगी।


पायलेट कार्यक्षेत्र के अन्तर्गत आने वाली चिकित्सा इकाइयों में उपलब्ध अवस्थापना सुविधाओं को यथाशीघ्र चयनित गैर सरकारी संस्था को प्रबन्ध/उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना कार्यक्षेत्र में तैनात कर्मचारियों से नवीन व्यवस्था के तहत कार्य करने सम्बन्धी सहमति प्राप्त की जाएगी। यदि वे नवीन व्यवस्था के तहत कार्य करने में अनिच्छा जाहिर करते हैं तो उनकी तैनाती कार्यक्षेत्र से बाहर कर दी जाएगी। परियोजना के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक अन्य स्टाफ का चयन संस्था द्वारा किया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को उनके वर्तमान वेतन के अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि का परफोर्मेन्स के आधार पर भुगतान किया जाएगा। पायलेट परियोजना का थर्ड पार्टी मूल्यांकन बिल एण्ड मिलिण्डा गेट्स फाउण्डेशन द्वारा चयनित एजेन्सी के माध्यम से सिफ्सा द्वारा कराया जाएगा।


यह पायलेट परियोजना वित्तीय वर्ष 2016-17 से प्रारम्भ होकर 4 वर्षाें के लिए संचालित की जाएगी। इससे प्राप्त अनुभव एवं उपयोगिता के आधार पर परियोजना की अवधि को बढ़ाए जाने अथवा विस्तारित किए जाने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी विचलन/संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।


उत्तर प्रदेश नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) नियमावली, 2016 को प्रख्यापित करने की अनुमति


मंत्रिपरिषद ने ‘द क्लीनिकल स्टैब्लिशमेण्ट (रजिस्ट्रेशन एण्ड रेगुलेशन)’ एक्ट, 2010 (केन्द्रीय अधिनियम) में उल्लिखित प्राविधानों के तहत उत्तर प्रदेश नैदानिक स्थापन (रजिस्ट्रीकरण और विनियमन) नियमावली, 2016 को प्रख्यापित करने की अनुमति प्रदान कर दी है।


सत्र 2015-16 के लिए शीरा नीति के प्रस्ताव को मंजूरी मंत्रिपरिषद ने सत्र 2015-16 के लिए शीरा नीति के प्रस्ताव को मंजूरी


देशी मदिरा हेतु निर्धारित न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा की प्राप्त हेतु शीरा नीति में शीरे के आरक्षण तथा निकासी अनुपात का प्राविधान किया जाता है। शीरा नीति 2015-16 में प्रत्येक चीनी मिल द्वारा वर्ष 2015-16 में उत्पादित शीरे का 25 प्रतिशत आरक्षित करने तथा आरक्षित एवं अनारक्षित शीरे के मध्य निकासी अनुपात 1-3 रखने का प्राविधान किया गया है। चीनी मिलों के समक्ष आरक्षित शीरे की बिक्री में सम्भावित कठिनाई के दृष्टिगत नीति में यह प्राविधान किया गया है कि आरक्षित शीरे की बिक्री हेतु चीनी मिल द्वारा किये गये टेण्डर के सापेक्ष देशी मदिरा का उत्पादन करने वाली आसवानियों से कोई आॅफर/प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो टेण्डर में उल्लिखित आरक्षित शीरे की मात्रा को शीरा नियंत्रक द्वारा अनारक्षित शीरे में परिवर्तित कर दिया जाएगा और देशी मदिरा उत्पादन हेतु आरक्षित 25 प्रतिशत की मात्रा स्वतः कम हो जाएगी। आगामी माह में इस प्रकार परिवर्तित की गयी मात्रा एवं इसके सापेक्ष फ्री सेल शीरे की मात्रा, जो पिछले माह में न बिकी हो, को विक्रय/उठान किये जाने हेतु मिल स्वतंत्र होगी, जिस पर 1-3 का निकासी अनुपात लागू नहीं होगा।


विगत वर्षाें की शीरा नीति में निर्धारित शीरे पर प्रशासनिक शुल्क की दर में कोई वृद्धि न करते हुए प्रदेश के अन्दर खपत के लिए 11 रुपये प्रति कुन्तल तथा प्रदेश के बाहर निर्यात पर 15 रुपये प्रति कुन्तल तथा देश के अन्य प्रान्तों से शीरा आयात पर 11 रुपये प्रति कुन्तल तथा अन्य राष्ट्रों से शीरा आयात/निर्यात पर 15 रुपये प्रति कुन्तल प्रशासनिक शुल्क को यथावत बनाए रखा गया है।

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