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मिड डे मील योजना में बच्चों को मिलेंगे ताज़े फल

 Sabahat Vijeta |  2016-05-04 12:21:24.0


  • मुख्यमंत्री ने मध्यान्ह भोजन योजना के साप्ताहिक मेन्यू में स्कूली बच्चों को अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सप्ताह में एक दिन ताजा और मौसमी फल वितरित कराने के निर्देश दिए

  • छात्र-छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया

  • वर्ष 2016-17 में ग्रीष्मावकाश के बाद पहले सोमवार से योजना प्रारम्भ की जाएगी

  • सोमवार को अवकाश होने पर अगले शिक्षण दिवस में फल वितरित किया जाएगा

  • ‘मॉर्निंग स्नैक’ के तौर पर छात्र-छात्राओं को फल दिया जाएगा


cm akhileshलखनऊ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मध्यान्ह भोजन योजना के साप्ताहिक मेन्यू में स्कूली बच्चों को अतिरिक्त पोषक तत्व उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सप्ताह में एक दिन ताजा और मौसमी फल वितरित कराने के निर्देश दिए हैं। यह योजना वर्ष 2016-17 में ग्रीष्मावकाश के उपरान्त शुरु होने वाले सत्र के प्रथम सोमवार से प्रारम्भ की जाएगी।


यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश में मध्यान्ह भोजन योजना के दायरे में शामिल विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री ने यह फैसला लिया है। इसके तहत स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध ताजे और मौसमी फल जैसे अमरूद, केला, सेब, संतरा, नाशपाती, चीकू, आडू, शरीफा आदि वितरित किए जा सकते हैं। योजना के तहत प्रति विद्यार्थी एक फल वितरित किया जाएगा।


प्रवक्ता ने कहा कि फल वितरित किए जाने का दिवस सोमवार इसलिए निर्धारित किया गया है ताकि रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद विद्यार्थियों में सोमवार को स्कूल में फल प्राप्त होने का आकर्षण बना रहे। इसके अलावा, रविवार को अवकाश होने के कारण फलों की व्यवस्था सुचारू ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी। सोमवार को अवकाश होने की दशा में अगले शिक्षण दिवस में फल वितरित किया जाएगा।


स्कूल आते ही छात्र-छात्राओं को ‘मॉर्निंग स्नैक’ के तौर पर फल दिया जाएगा। इससे उन्हें पठन-पाठन के पहले वांछित मात्रा में कैलोरी प्राप्त हो सकेगी तथा फल और दोपहर का भोजन खाने के बीच, पर्याप्त अन्तराल भी रहेगा। कटे फल जैसे पपीता, तरबूज, खरबूजा इत्यादि नहीं वितरित किए जाएंगे, ताकि फलों में किसी भी प्रकार के संक्रमण की आशंका न रहे। किसी भी दशा में बासी, सड़े-गले व खराब फल वितरित नहीं किए जाएंगे।


प्रवक्ता ने बताया कि वितरित किए जाने वाले फल का वजन एवं आकार औसत होगा। यदि फल औसत आकार से छोटा है तो उस फल की संख्या बढ़ा दी जाएगी। छात्र-छात्राओं को फल अच्छी तरह धोकर वितरित किए जाएंगे। फल वितरण के समय विद्यालय प्रबन्ध समिति (एसएमसी) के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।




योजना प्रारम्भ होने के अवसर पर फलाहार वितरण दिवस आयोजित किया जाएगा। जनपद के जिलाधिकारी के नेतृत्व में मुख्य विकास अधिकारी/अपर जिलाधिकारी/मुख्य चिकित्साधिकारी/समस्त उप जिलाधिकारी/ तहसीलदार/ खण्ड विकास अधिकारी एवं जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण विद्यालय में स्वयं उपस्थित होकर फल वितरण दिवस में भाग लेंगे। योजना के शुभारम्भ के अवसर पर जनप्रतिनिधियों जैसे सांसद, विधायकगण, जिला पंचायत/क्षेत्र पंचायत/ग्राम पंचायत/नगर निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों का भी आवश्यक सहयोग प्राप्त किया जाएगा। फल वितरण योजना के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में शासन द्वारा समस्त जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


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