Breaking News
  • Breaking News Will Appear Here

जनआक्रोश आन्दोलन के लिये आगे की रणनीति तय करेगी कांग्रेस

 shabahat |  2017-01-04 15:00:08.0



लखनऊ. नोटबन्दी के विरोध में आयोजित जनआक्रोश आन्दोलन के लिये आगे की रणनीति तय किये जाने के उद्देश्य से आज उ.प्र. कांग्रेस कमेटी मुख्यालय प्रांगण, नेहरू भवन 10 माल एवेन्यू, लखनऊ में उ.प्र. कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्षों, प्रदेश पदाधिकारियों/कार्यकारिणी सदस्यों/विशेष आमंत्रित सदस्यों, जिला/शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों एवं फ्रन्टल संगठन/विभाग/प्रकोष्ठों के प्रदेश प्रमुखों एवं प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के सभी पदाधिकारियों की बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव-प्रभारी उ.प्र. गुलाम नबी आजाद मौजूद रहे.


बैठक को सम्बोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव-प्रभारी उ.प्र. गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में देश की जनता को दिवास्वप्न दिखाकर भ्रमित किया. मंहगाई खत्म करने, 2 करोड़ बेरेाजगार नौजवानों को नौकरियां प्रतिवर्ष दिये जाने, विदेश से कालाधन लाने और प्रत्येक परिवार के खाते में 15-15लाख जमा करने का सपना दिखाया था, लेकिन किसी भी एक वादे को पूरा नहीं किया. नोटबन्दी के निर्णय को दुनिया के 20 देशों के अखबारों ने सही नहीं बताया और सभी देशों ने इसका विरोध किया. नोटबन्दी का सर्वाधिक असर किसान, मजदूर, बेरोजगार, नौकरीपेशा, महिलाओं, छोटे व्यापारियों पर पड़ा. कांग्रेस पार्टी ने नोटबन्दी के खिलाफ किये जा रहे आन्दोलन के तहत दो कार्यक्रम दिये हैं, पहला 7 जनवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर फ्रन्टल संगठनों के साथ मिलकर आन्दोलन किया जायेगा और जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जायेगा और 9 जनवरी को महिला कांग्रेस द्वारा आन्दोलन किया जायेगा, क्योंकि सर्वाधिक महिलाएं प्रभावित हुई हैं. उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री कैशलेस की बात करते हैं तो चाहे अमेरिका हो यूरोप, कैशलेस कहीं नहीं है, यूरोप में 67प्रतिशत कैश और अमेरिका में 50प्रतिशत से अधिक कैश इस्तेमाल होता है.

उन्होने कहा हमारे देश के सभी गांवों में एटीएम और बैंक की व्यवस्था नहीं है, इतना पढ़ेलिखे नहीं हैं कि एटीएम का इस्तेमाल कर सकें. आज आम आदमी को दो वक्त की रोटी, शिक्षा, शांति, अमन चाहिए, बिजली, पानी, सड़क चाहिए. उन्होने कहा कि इधर बीस-पच्चीस दिनों से न ही प्रधानमंत्री और न ही कोई मंत्री बता रहा है कि कितना पैसा वापस आ गया है, ब्लैक मनी यदि सब वापस आ गया तो अब ब्लैकमनी कहां है. कांग्रेस सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर तमाशा करके जनता के दिल को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को बधाई दी और कहा कि जिस लड़ाई को कांग्रेस पार्टी काफी समय से लड़ रही थी और गांधी-नेहरू ने इसे शुरू किया था उसे कानूनी रूप देकर उन्होने पं. नेहरू एवं डा. अम्बेडकर द्वारा लिखे गये संविधान की आत्मा की बुनियाद को मजबूत किया है, जिससे सबको बराबरी का हक दिया गया है चाहे वह किसी धर्म और जाति का हो. जाति और धर्म को राजनीति से अलग रखा गया, गांधी जी भी धर्म और जाति को राजनीति से अलग मानते थे.

उन्होने कहा कि हमारी लड़ाई सिद्धान्तों की लड़ाई है किसी से 20 तो किसी से 40प्रतिशत सिद्धान्त मिलते हैं किन्तु भाजपा से एक प्रतिशत भी नहीं मिलते. हम सिद्धान्तों की लड़ाई लड़ेगे. उन्होने कहा कि चुनाव लड़ने की सभी की इच्छा होती है और होनी भी चाहिए, किन्तु एक क्षेत्र में टिकट एक को मिलता है. उन्होने कहा कि चुनाव की घोषणा हो चुकी है ऐसे में कांग्रेसजनों को एक संकल्प लेकर जाना है कि टिकट चाहे जिसे मिले उसे जिताना है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज की यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 11फरवरी को चुनाव शुरू होने वाला है और 11मार्च को परिणाम आयेगा. हमें यह देखना है कि किस रास्ते पर चलना है और मन को मजबूत करना है, ताकि आने वाले चुनाव में एक बेहतर सरकार बना सकें. उन्होने कहा कि राहुल जी की किसान यात्रा के बाद किसानों ने उत्साह दिखाया और सभी विरोधी दलों की हालत पतली हो गयी. राहुल गांधी ने उ.प्र. में सबसे अधिक समय दिया. इसके लिए हम सभी राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हैं. उन्होने कहा कि आज देश नोटबन्दी के दौर से गुजर रहा है नोटबन्दी को लेकर भाजपा की बैठक में भाजपा के सांसदों ने कहा था कि नोटबन्दी से भाजपा की जनता के बीच लोकप्रियता खत्म हो रही है और यह सच है. प्रधानमंत्री ने जो वादे 2014 के लोकसभा चुनाव में किये थे उसमें वह पूरी तरह फेल साबित हुए हैं. मंहगाई, 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार, कालाधन वापस लाने आदि मुद्दों पर कुछ नहीं कर पाये. कालेधन के नाम पर नोटबन्दी हुई जिससे सर्वाधिक परेशानी गरीबों, व्यापारियों, नौजवानो, महिलाओं, किसानों को हुई.

उन्होने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से नोटबन्दी के 50दिन पूरे होने पर सवाल उठाये आज तक उसका जवाब नहीं दिया. लखनऊ की रैली में दूसरे प्रदेशों से भीड़ लाये और टोल टैक्स पर फरमान था कि अन्य प्रदेशों से आने वाले वाहनों से टोल न लिया जाय, मोदी जी खुद ही भ्रष्टाचार का पाठ पढ़ा रहे हैं. उन्होने कहा कि मोदी बतायें कि उनके कहने पर सभी ने बैंकों में पैसा जमा कर दिया तो कालाधन कहां हैं? क्या मोदी बतायेंगे की नोटबन्दी से कितना आर्थिक नुकसान हुआ, नोटबन्दी के चलते बैंकों एवं एटीएम पर लाइन लगाने से जिनकी जानें गयीं उनके परिजनों को मुआवजा कब देंगे, क्या देश के हर व्यक्ति का नाम बतायेंगे जिन्होने 8 नवम्बर के पहले 25-25लाख बैंक में जमा किया. आज पूरा प्रदेश तकलीफ में है कांग्रेस पार्टी के नेता जनसरोकार से जुड़े रहेंगे और अपने शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के जनसरोकारों के सवालों के साथ आम जनता के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.

स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि नोटबन्दी के खिलाफ धार देने के लिए कार्यक्रम तय करने के लिए बैठक हो रही है, इस पर अमल करना है. उन्होने कहा कि गुलाम नबी आजाद और राजबब्बर के जुझारू नेतृत्व के साथ मिलकर हम सभी विरोधी दलों के खिलाफ जोर-शोर से अभियान चलायें.

समन्वय समिति के चेयरमैन एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज युद्ध का बिगुल बज चुका है. उन्होने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने पर किसानों का कर्जा माफ करेगी, बिजली का बिल हाफ और फसलों की उपज का समुचित मूल्य दिलवायेगी, इस मुद्दे पर हम प्रदेश की जनता के बीच जायेंगे और जनता हम पर विश्वास करेगी. उन्होने कहा कि इस चुनाव में नेाटबन्दी मुख्य मुद्दा है. कांग्रेस पार्टी नोटबंदी के खिलाफ सबसे अधिक लड़ाई लड़ रही है. उन्होने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि इस शताब्दी का नोटबन्दी सबसे बड़ा घोटाला है. उन्होने कहा कि कांग्रेस जनों को भाजपा से पूछने का मौका आ गया है कि 15लाख जो हर नागरिक को मिलना था वह कहां हैं. यदि 15लाख नहीं तो किसी भाजपा के नेता को गांवों में न घुसने दें.

प्रचार अभियान के चेयरमैन एवं सांसद डॉ. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव में नौजवानों को 2 करोड़ रोजगार देने, 15लाख रूपये कालाधन हर व्यक्ति के खाते में पहुंचेंगे का वादा किया था. न रोजगार किसी को मिला और न ही किसी के खाते में 15लाख आये. उन्होने कहा कि बैंक और एटीएम की लाइन में लगे 200 से अधिक लोगों ने जान दी. सरकार और प्रधानमंत्री श्रद्धांजलि देने के लिए तैयार नहीं है. राहुल गांधी लगातार किसानों, मजदूरों और जिसके साथ अन्याय हो रहा है उसकी आवाज बने हैं. संघर्ष से ही दुनिया में इतिहास का रास्ता खुलता है. उन्होने कहा कि गांधी परिवार त्याग और बलिदानी परिवार है. गांधी परिवार ने देश के लिए कुर्बानी दी है. श्री सिंह ने कहा कि मोदी कहते हैं कांग्रेस ने 60 सालों में कुछ नहीं किया तो आज यदि चाय बेंचने वाले का बेटा प्रधानमंत्री, दलित की बेटी मुख्यमंत्री, गरीब का बेटा यूपी और बिहार में सीएम बना है तो यह कांग्रेस की देन है. कांग्रेस जनों के संघर्ष से जिस प्रकार 1980 में सत्ता वापस आयी थी उसी प्रकार संघर्ष करके 2017 में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनायेंगे.

बैठक में प्रमुख रूप से सांसद पी.एल. पुनिया, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता प्रदीप माथुर, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, अखिल भ्रारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव-सहप्रभारी उ.प्र. अविनाश पाण्डेय, पूर्व सांसद मीम अफजल, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजाराम पाल, पूर्व सांसद डॉ. सन्तोष सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी, डॉ. राजेश मिश्रा पूर्व सांसद, इमरान किदवई, पूर्व सांसद जफर अली नकवी, रणजीत सिंह जूदेव, पूर्व मंत्री रामकृष्ण द्विवेदी, पूर्व मंत्री डा. अम्मार रिजवी, पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी, विधायक विवेक कुमार सिंह, श्रीमती अराधना मिश्रा, बंशी पहाड़िया,प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष विपुल माहेश्वरी, पूर्व एमएलसी सिराज मेंहदी, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा सिंह, सेवादल के मुख्य संगठक प्रमोद पाण्डेय, प्रमोद सिंह, संजीव सिंह, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के अध्यक्ष आदि वरिष्ठ नेतागणों सहित प्रदेश पदाधिकारी एवं जिला/शहर अध्यक्ष मौजूद रहे.
बैठक का संचालन प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी एवं पूर्व विधायक फजले मसूद ने किया.

Tags:    

shabahat ( 2177 )

Tahlka News Contributors help bring you the latest news around you.


  Similar Posts

Share it
Share it
Share it
Top