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SALUTE! देश के लिए शहीद हुए छैलूराम को बेटियों ने दिया कंधा

 Anurag Tiwari |  2016-11-02 08:41:51.0

Martyr, LOC, Shelling, Crossfire, India, Pakistan, Jhunjhunu, Chhailuram

तहलका न्यूज ब्यूरो

झुंझुंनू. जम्मू कश्मीर के राजौरी में एलओसी पर पाकिस्तान की फायरिंग के दौरान शहीद हुए झुंझुंनू जिले के जवान छैलुराम का मंगलवार को उनके पैतृक गांव में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.  जहां उनके आठ वर्षीय बेटे  उत्सव ने उन्हें मुखाग्नि दी तो उनकी तीन बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देकर उन्हें अंतिम विदाई दी

शहीद छैलुराम को उनके पैतृक गांव तातीजा गांव की गलदरिया की ढ़ाणी में सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई . शहीद की तीनों बेटियों सरिता, नीतू व मोनिता ने जैसे ही अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया तो सभी के आंखों में पानी भर आया. पूरा श्मशान घाट गांव में शहीद छेलुराम अमर रहें, जब तक चांद सूरज रहेगा छेलुराम तेरा नाम रहेगा, जैसे गगन भेदी नारों के साथ गूँज उठा.


मंगलवार सुबह शहीद छेलुराम का पार्थिव देह घर पहुंचने पर घर में कोहराम मच गया. अपने लाड़ले बेटे की अंतिम झलक पाने के लिए गांवालों का जनसैलाब उमड़ पड़ा. शहीद के पिता दुलाराम, मां बिमलादेवी, पत्नी सावत्रीदेवी, छोटे भाई लीलाराम व महेन्द्र व परिजनों को शहीद लाडले के अंतिम दर्शन कर भावभीनी श्रद्धाँजलि दी.

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शहीद छैलूराम राजौरी जम्मु कश्मीर में 6 राजपूत बटालियन में तैनात थे.  उनके शव के साथ आए उनके साथी जावन हवलदार धर्मपालसिंह ने बताया कि शनिवार 29 अक्टुबर देर रात एलओसी पर क्रॉसफायर के दौरान स्प्लिन्टर लगने की चलते छैलुराम घायल हो गए थे.  उन्हें इलाज के लिए आर्मी हॉस्पिटल भेजा जा रहा था कि रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया.

शहीद छैलुराम के पिता दुलाराम ने बताया कि शहीद के तीन बेटियां और एक बेटा है. सबसे बड़ी बेटी मोनिता 12वीं में, सरिता 11 वीं, नीतू 10वीं और बेटा उत्सव 5वीं में पढ रहा है. शहीद की बेटी सरिता ने बताया कि पिता का सपना वह पूरा करके दिखाएगी.पिता का सपना अधूरा नही रहेगा.

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