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जावेद अख्तर ने कहा- संविधान शेरवानी और टोपी पहनने को भी नहीं कहता

 Tahlka News |  2016-03-16 08:59:17.0

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तहलका न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली, 16 मार्च. राज्यसभा में अपने आखिरी भाषण में कवि और लेखक जावेद अख्तर ने आज देश के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सदन में बिताए दिनों को कीमती बताया। साथ ही बिना नाम लिए AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर संविधान भारत माता की जय बोलने को नहीं कहता तो शेरवानी और टोपी पहनने के लिए भी नहीं बोलता। इसके अलावा सत्तारूढ बीजेपी से अपने विधायकों, सांसदों एवं मंत्रियों पर सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले बयान देने से लगाम लगाने को भी कहा।


जावेद अख्तर ने कहा, 'बिना सेक्युलरिज्म के लोकतंत्र सभव नहीं है। हम धन्य हैं। हमें अपने संविधान का शुक्रगुजार होना चाहिए जिसने हमें लोकतंत्र दिया है।' अख्तर राज्यसभा में अपना छह वर्षों का अनुभव साझा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भारत की सबसे बड़ी अचीवमेंट देश की जड़ों में लोकतंत्र की स्थापना है।


उन्होंने ‘भारत माता की जय’ बोलने से इंकार करने वाले ओवैसी के बयान पर विरोध जताते हुए सदन में तीन बार ‘भारत माता की जय’ कहा। अख्तर ने अपने विदाई संबोधन में ओवैसी का नाम लिए बिना उन पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में एक शख्स हैं जिन्हें गुमान हो गया है कि वह राष्ट्रीय नेता हैं। जिनकी हैसियत एक शहर या एक मुहल्ले से ज्यादा नहीं है। वह कहते हैं कि वह किसी भी कीमत पर ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलेंगे क्योंकि यह संविधान में नहीं लिखा है। लोकसभा सदस्य पर प्रहार जारी रखते हुए अख्तर ने कहा कि वह बताएं कि संविधान में शेरवानी और टोपी पहनने की बात कहां लिखी है।


उन्होंने कहा, ‘बात यह नहीं है कि भारत माता की जय बोलना मेरा कर्तव्य है या नहीं, बात यह है कि भारत माता की जय बोलना मेरा अधिकार है।’ अख्तर ने कहा, ‘मैं कहता हूं…भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय।’ इस पर उच्च सदन सदस्यों की तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इसके साथ ही उन्होंने सत्ता पक्ष को भी परोक्ष निशाने पर लिया. अख्तर ने कहा कि देश में ध्रुवीकरण और धार्मिक कट्टरता फैलाने की कोशिशों को भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी से कहा कि वह अपने उन विधायकों, सांसदों, राज्य मंत्रियों और मंत्रियों तक को रोके जो नफरत फैलाने वाले बयान देते हैं।

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