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पति पत्नी के बीच 'सेक्स' को लेकर कोर्ट ने दिया ये फैसला

 Tahlka News |  2016-09-10 08:08:31.0

पति पत्नी के बीच
मुंबई. तलाक  के एक मामले में फैसला देते हुए मुबई के एक फैमिली कोर्ट ने अपने उस फैसले को बरक़रार रखा है जिसके अनुसार पति अपनी पत्नी की मेडिकल जांच करा सकता है. इस फैसले के अनुसार पति इस बात की जाँच कराएगा कि क्या महिला “नपुंसक” तो नहीं है ? महिला ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट गयी थी जहाँ उसकी अपील ख़ारिज हो गयी.

कोर्ट में तलाक  का मुक़दमा दायर करने वाले पति ने दावा किया था कि उसकी पत्नी ने कभी उसके साथ सेक्स नहीं किया. इस जोड़े की शादी दिसंबर 2010 में हुई थी. तब महलिया की उम्र 33 साल थी और पति 38 साल का था. इन दोनों ने ही दूसरी शादी की थी. इसके बाद पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी सेक्स कर ही नहीं सकती है. मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने मेडिकल बोर्ड को निर्देश दिया कि वह महिला की मेडिकल जांच कर पता करे कि क्या उसमें नपुंसकता है.


पति के वकील रमेश ललवानी ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को आधार बनाते हुए दलील दी कि फैमिली कोर्ट के पास पति या फिर पत्नी, दोनों में से किसी भी पक्ष को मेडिकल जांच कराने का आदेश देने का अधिकार है. ललवानी ने कहा कि इस तरह का आदेश किसी की भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन नहीं है.

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि लंबे समय तक जीवन साथी को सेक्स करने की अनुमति नहीं देना मानसिक क्रूरता है और यह तलाक का आधार हो सकता है. न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अपने  एक फैसले में कहा था , "नि:संदेह, जीवन साथी को पर्याप्त कारणों के बगैर ही लंबे समय तक सेक्स नहीं करने देना मानसिक क्रूरता जैसा है."

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