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देवबंद ने दिया फतवा Abortion से बिगड़ता है Gender Ratio

 Sabahat Vijeta |  2016-06-12 11:10:13.0

devbandलखनऊ. प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद ने गर्भपात के खिलाफ फ़तवा जारी करते हुए कहा है कि यह क़त्ल के बराबर गुनाह है. फतवे में कहा गया है कि गर्भ में लड़की का पता चलने पर उसे मार डालना पूरी तरह से हराम है.


फतवे में कहा गया है कि अल्लाह ने बेटियों के साथ अच्छे व्यवहार का हुक्म दिया है. पुराने दौर में बेटियों को जिंदा दफ़न कर देने की परम्परा की भी इसमें कड़ी निंदा की गई है. कहा गया है कि दुनिया में इस्लाम के आने से पहले इस तरह की चीज़ें बहुत आम थीं लेकिन इस्लाम ने दुनिया को औरत के मर्तबे के बारे में तालीम दी. इस्लाम में लड़कियों के साथ अच्छे व्यवहार का हुक्म देते हुए बेटियों को अल्लाह का वरदान बताया गया है. फतवे में कहा गया है कि गर्भपात से समाज में लड़के और लड़की का संतुलन बिगड़ता है. यह संतुलन बिगाड़ने का हक अल्लाह ने इंसान को नहीं दिया है.


दारुल उलूम देवबंद मज़हब के मुद्दे पर सवाल पूछने पर फ़तवा जारी करता है. उससे यह पूछा गया था कि बालिका भ्रूण हत्या पर इस्लाम का क्या नजरिया है. बेटियों के प्रति माँ-बाप के क्या फर्ज़ हैं और बेटियों के साथ बुरा बर्ताव करने वालों के बारे में इस्लाम क्या कहता है.


इन सवालों के जवाब में दिए गए फतवे में कहा गया है कि इस्लाम में गर्भपात हराम है और क़त्ल के बराबर है. गर्भ में बेटी है यह जानने बाद गर्भपात कराना उससे भी बड़ा गुनाह है.

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