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14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गये दयाशंकर

 Sabahat Vijeta |  2016-07-29 17:05:47.0

बिहार पुलिस की मदद से बक्सर में बीएसपी सुप्रीमो  मायावती पर अभद्र टिपण्णी करने वाले पूर्व भाजपा  नेता दयाशंकर सिंह गिरफ्तार कर उत्तर प्रदेश लाती  यूपी एसटीएफ की टीम ।

तहलका न्यूज़ ब्यूरो


लखनऊ. मऊ के सीजेएम ने भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की ज़मानत याचिका को ख़ारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दयाशंकर ने यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह उनकी बेटी, उनकी पत्नी और बूढ़ी माँ के बारे में अपशब्दों का प्रयोग करने वाली मायावती और नसीमुद्दीन पर भी पाक्सो एक्ट लगाएं और उन्हें जेल भेजें. दयाशंकर को यूपी एसटीएफ और बिहार पुलिस ने संयुक्त रूप से बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मऊ लाकर सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया.


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह ने मऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती पर टिकट बेचने का इलज़ाम लगाते हुए उनके बारे में बेहद अमर्यादित टिप्पड़ी की थी. इस टिप्पड़ी से नाराज़ मायावती ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर उसी दिन लखनऊ के हजरतगंज थाने में दयाशंकर सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. भाजपा ने इस टिप्पड़ी को गंभीरता से लेते हुए दयाशंकर को न सिर्फ प्रदेश उपाध्यक्ष से हटाया बल्कि उन्हें पार्टी से भी निष्कासित कर दिया.


बावजूद इस कार्रवाई के बसपा ने दूसरे दिन हजरतगंज में अम्बेडकर प्रतिमा पर दयाशंकर के खिलाफ किये गए प्रदर्शन में दयाशंकर की बेटी और बहन के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया और उनकी तुलना कुत्ते से करते हुए उन्हें नाजायज़ भी बताया, इसके बाद दयाशंकर की माँ और पत्नी भी मायावती और नसीमुद्दीन के खिलाफ खड़ी हो गईं.


दयाशंकर की पत्नी स्वाती सिंह के सामने आने के बाद बसपा बैकफूट पर आ गई. नसीमुद्दीन के खिलाफ गुस्सा लोगों का गुस्सा फूटने लगा तो मायावती ने कहा कि विरोध प्रदर्शन में किसी की साज़िश से ऐसा हुआ.


उधर दयाशंकर गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए. उन्हें झारखण्ड के मंदिर में देखा गया. गिरफ्तारी का दबाव बढ़ता ही गया. पुलिस मोबाइल की लोकेशन के ज़रिये दयाशंकर को तलाश रही थी. मोबाइल की लोकेशन के अनुसार वह मऊ, बलिया और फिर गोरखपुर गए. इसके बाद फोन सवित आफ हो गया. बहरहाल आज उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.


मायावती का आरोप है कि यूपी सरकार और भाजपा की मिलीभगत की वजह से गिरफ्तारी में देरी हुई है. गिरफ्तारी के बाद दयाशंकर ने यूपी सरकार पर आरोप मढ़े हैं. मायावती और नसीमुद्दीन के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है. मऊ के सीजेएम ने ज़मानत याचिका पर सुनवाई के बाद 14 दिन की हिरासत में जेल भेज दिया है.

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