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डाक्टर विरोध ऐसे करें कि रोगी का नुकसान न हो

 Sabahat Vijeta |  2016-06-24 13:46:18.0

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज साइंटिफिक कन्वेनशन सेन्टर में सेवा भारती द्वारा चिकित्सक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि चिकित्सकों के लिये रोगी का स्वास्थ्य लाभ एकमात्र लक्ष्य होना चाहिये। चिकित्सक अपनी मांग और समस्याओं का समाधान संवैधानिक ढंग से खोजें। विरोध का तरीका ऐसा होना चाहिये कि रोगी के इलाज में कोई परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि चिकित्सक इस दृष्टि से कोई लक्ष्मण रेखा बनायें।


राज्यपाल ने कहा कि जिन्हें स्वास्थ्य सेवा की जरूरत है उन्हें चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराना राष्ट्रसेवा है। चिकित्सक शहर के साथ-साथ गांव के गरीब मरीजों का भी ख्याल रखें। देश में 409 से ज्यादा मेडिकल कालेज हैं जिनसे हर वर्ष लगभग 50 हजार नये चिकित्सक उपलब्ध होते हैं। रोगी और चिकित्सक में अनुपातिक अन्तर विदेशों की दृष्टि से भारत में ज्यादा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी चिकित्सीय सेवा को बढ़ाने की जरूरत है।


श्री नाईक ने कहा कि रोग के उपचार के साथ-साथ रोग से बचाव के बारे में भी जानना जरूरी है। गत 21 जून को पूरे संसार में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। अमेरिका में लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग योग का अभ्यास कर रहे हैं। मन को शान्त रखने और शरीर को स्वस्थ रखने में योग का विशेष योगदान है। उन्होंने कहा कि इस दृृष्टि से योग को लोगों तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने सेवा भारती की प्रशंसा करते हुए कहा कि सेवा भारती का काम अभिनन्दनीय एवं अनुकरणीय है। अच्छे काम करने वालों को पुरस्कार देना समाज के हित में है।


राज्यपाल ने इस अवसर पर 44 चिकित्सकों को सेवा भूषण सम्मान, 11 चिकित्सा कर्मियों को सेवा गौरव सम्मान एवं 7 संस्थाओं को सेवा प्रेरणा सम्मान देकर व स्वर्गीय डाक्टर एम.सी. पंत की स्मृति में रूद्राक्ष का पौधा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अशोक कुमार बेरी, अखिल भारतीय सदस्य, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, कुलपति चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रो. रविकांत, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति रघुनाथ किशोर रस्तोगी, पद्मश्री डा. एस.सी. राय पूर्व महापौर लखनऊ सहित समाज के विभिन्न क्षेत्रों से अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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