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निर्दलीय प्रत्याशियों को सामान अवसर देना चुनाव आयोग की ज़िम्मेदारी

 Sabahat Vijeta |  2016-08-12 16:16:09.0

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लखनऊ. लोकतंत्र मुक्ति आन्दोलन के तहत आज निर्दलियों को बराबरी का अवसर देने की मांग उत्तर प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी से की गई. आन्दोलन के संयोजक प्रताप चन्द्रा ने चुनाव आयोग को आपत्ति दाखिल करते हुए लिखा कि लोकतंत्र का पहला पायदान चुनाव है जिसे स्वतंत्र एवं शुद्ध चुनाव संविधान द्वारा प्रदत्त अवसर की समता के साथ सुनिश्चित कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है परन्तु इसका हनन हो रहा है जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल है.


उत्तर प्रदेश में अभी विधान सभा चुनाव की अधिसूचना नहीं जारी हुई है फिर भी दल प्रतिनिधि अपने आरक्षित चुनाव-चिन्ह हाथी, कमल, साईकिल इत्यादि को वाल पेंटिंग कर कई अन्य साधनों के साथ लगातार प्रचार प्रसार कर रहे हैं परन्तु निर्दलीय प्रत्याशी को उसका चुनाव-चिन्ह नहीं मालूम है और उसे चुनाव तिथि के कुछ दिन पहले चुनाव-चिन्ह आयोग द्वारा मिलेगा तब वह प्रचार कर सकेगा मात्र कुछ दिनों तक वो भी वाल पेंटिंग तो बिलकुल नहीं कर सकेगा जबकि दल प्रतिनिधि तो अभी से प्रचार कर रहे हैं, ऐसे में संविधान द्वारा प्रदत्त अवसर की समता का हनन हो रहा है जिसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है.


ऐसी किसी चुनाव, परीक्षा या प्रतियोगिता की कल्पना नहीं हो सकती जिसमें किसी को पहले से अवसर मिल जाये जिससे उसे अनचाही बढ़त मिले और किसी अन्य को बाद में मौका दिया जाये जैसा कि अभी चुनाव प्रचार करने में हो रहा है जिसमें पार्टी प्रयाशियों को अभी से प्रचार का मौका है जो उन्हें बढ़त देती है.


चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा हो यह अच्छा नहीं है परन्तु “अवसर की समता” का हनन होना भी ठीक नहीं है, प्रतिनिधियों के बीच भेद और बराबर अवसर न देने से चुनाव अशुद्ध हो जाता है. इस विषय में 3 अगस्त को भी आयोग से लिखित आग्रह किया गया था पर कोई कार्यवाही नहीं की गई जो अपेक्षित थी निष्पक्ष, शुद्ध और स्वतंत्र निर्वाचन हेतु आरक्षित चुनाव-चिन्हों का प्रचार रोककर या निर्दलीय प्रत्याशियों को भी अभी से चुनाव-चिन्ह देकर “अवसर की समता” के अधिकार को सुरक्षित करना जिससे संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार की रक्षा हो सके.


यदि अब भी चुनाव आयोग द्वारा बराबरी के अवसर हेतु कोई कार्यवाही नहीं करता तो संविधान द्वारा मिले अधिकार “अवसर की समता” को लेने तमाम निर्दलीय प्रत्याशी लखनऊ जनपथ स्थित कार्यालय पर सोमवार 22 अगस्त 2016 को आयेंगे जो न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि अफसोसजनक भी होगा.

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